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Etah News: 100 विद्यालय एकल, दस शिक्षकों के अभाव में बंद, कैसे निपुण बनें बच्चे

Wed, 09 Aug 2023 11:15 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Wed, 09 Aug 2023 11:15 PM IST
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100 schools single, closed due to lack of ten teachers, how to become skillful
एटा। काॅन्वेंट स्कूलों की बराबरी करने के क्रम में परिषदीय विद्यालयों को स्मार्ट बनाया जा रहा। इसके लिए विद्यालयों के भवन को रंग-रोगन के साथ वहां खेलकूद की व्यवस्था कर कक्षाओं को स्मार्ट बनाया जा रहा है। इस कार्य में लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। लेकिन शिक्षकों के अभाव से शिक्षा वहीं की वहीं ठहरी है। जिले में 100 परिषदीय विद्यालयों में एक-एक शिक्षक हैं। इसके अलावा दस विद्यालय ऐसे हैं, जो शिक्षकों के अभाव में बंद पड़े हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि छात्र निपुण कैसे बनें?
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जिले में 1691 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें एक लाख 38 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। नियम है कि तीस विद्यार्थियों पर एक शिक्षक की तैनात होनी चाहिए। जबकि जूनियर हाईस्कूल का मानक अलग है। यहां 100 विद्यार्थी एक विद्यालय में हो जाएं तो प्रधानाध्यापक को अलग तैनात कर दिया जाता है। जिले में परिषदीय स्कूल में शिक्षा किस कदर बदहाल है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है, कि 100 विद्यालय एक-एक शिक्षक के हवाले हैं। वहीं जिले में 225 विद्यालय जर्जर हैं। विभाग द्वारा 104 विद्यालयों में काम शुरू कराया गया है। जबकि 181 विद्यालय अभी भी जर्जर हाल पड़े हैं।
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3618 ड्रॉप आउट बच्चे हुए चिह्नित
जिले में इस वर्ष अभियान चलाकर 3418 ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को चिह्नित किया गया है। इनमें 1648 लड़के व 1970 लड़कियां शामिल है। जबकि बीते वर्ष 2022 ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को चिह्नित किया था। इसमें 1436 लड़के व 1225 लड़कियां शामिल थीं।
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बोले शिक्षक व शिक्षाविद
शिक्षक का दायित्व शिक्षक ही पूरा करेगा। पूरी लगन से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाए। अंतरजनपदीय तबादले पर 100 शिक्षक जा चुके हैं। इसके चलते शिक्षकों की कमीं भी है।-
डॉ. जितेंद्र यादव, उप शिक्षा निदेशक व डायट प्राचार्य



विद्यालयों में पूरे शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। बच्चों को शिक्षित करने में शिक्षामित्रों को पूरा सहयोग करना चाहिए। साथ ही किताबें आदि समय से मिलनी चाहिए। समय से सब कार्य हों तभी शिक्षा व्यवस्था में सुधर होगा।-विजय मिश्रा, प्रधानाचार्य सर्वोदय इंटर कॉलेज



विद्यालयों में शिक्षा का सुधार तभी हो सकता है, जब शिक्षकों को कहीं अन्य कार्य में न लगाया जाए। शिक्षकों को दूसरे कार्य देने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है। जरूरत है कि शिक्षकों को विद्यालयों में शिक्षण का कार्य ही करने दें।- दिनेश प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य आर्य विद्यालय



परिषदीय विद्यालयों में सुधार तभी हो सकता है, जब शिक्षकों को अन्य कार्यों में न लगाया जाए। अन्य कार्य शिक्षक करेंगे तो विद्यालयों में आने वाले छात्रों को कौन पढ़ाएगा। शासन व अधिकारियों को इस बात को समझकर अलग से रणनीति बनानी चाहिए। -शैलेंद्र गुप्ता, शिक्षक वर्णी जैन इंटर कॉलेज



आंकड़ों पर एक नजर
जिले में तैनात शिक्षक- 4410
तैनात शिक्षामित्र- 1424
तैनात अनुदेशक- 120
परिषदीय स्कूल- 1691
ड्रॉप आउट विद्यार्थी- 3618
एकल विद्यालय- 100
बंद विद्यालय- 10
जर्जर विद्यालय- 225
काम चलने वाले विद्यालयों की संख्या- 104



अंतरजनपदीय तबादला के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक जिले से गए, इसके चलते विद्यालय एकल हुए हैं। दूसरे जिलों से आए शिक्षकों को विद्यालय आवंटन करने के निर्देश मिले हैं। 18 अगस्त से आवंटन का कार्य शुरू होगा। एकल व बंद विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। -दिनेश कुमार, बीएसए
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