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अब किसी भी क्रय केंद्र पर गेहूं बेच सकते हैं किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महामारी में किसानों की परेशानी को देखते हुए शासन ने टोकन सिस्टम से होने वाली गेहूं खरीद व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब कोई भी किसान किसी भी क्रय केंद्र पर बिना पंजीकरण कराए गेहूं बेच सकता है।
गेहूं खरीद व्यवस्था महामारी और नए सिस्टम के कारण लड़खड़ा गई है। अभी तक जिले में सिर्फ 30 फीसदी ही गेेहूं की खरीद हो सकी है, जो तय लक्ष्य से काफी कम है। गेहूं बेचने से पूर्व किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना पड़ता था। तहसील प्रशासन सत्यापन कर ऑनलाइन रिपोर्ट लगाता था, तब टोकन सिस्टम से गेहूं की खरीद क्रय केंद्र प्रभारी करते थे। महामारी में अफसरों की ड्यूटी लगने के कारण ऑनलाइन सत्यापन समय से नहीं हो पा रहा था। ऐसे में किसान मजबूरी में बिचौलियों को अपना गेहूं औने-पौने दाम पर बेच रहे हैं। क्रय केंद्रों पर खरीद कम होने के कारण टोकन सिस्टम व्यवस्था में बदलाव सरकार ने किया है। अब कोई भी किसान किसी भी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेच सकता है।
डिप्टी आरएमओ जितेंद्र यादव ने बताया कि महामारी के कारण टोकन सिस्टम को खत्म कर दिया गया है। किसान किसी भी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेच सकता है। दिक्कत होने पर अपने तहसील क्षेत्र के एसडीएम से संपर्क कर सकते हैं।
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देवरिया। महामारी में किसानों की परेशानी को देखते हुए शासन ने टोकन सिस्टम से होने वाली गेहूं खरीद व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब कोई भी किसान किसी भी क्रय केंद्र पर बिना पंजीकरण कराए गेहूं बेच सकता है।
गेहूं खरीद व्यवस्था महामारी और नए सिस्टम के कारण लड़खड़ा गई है। अभी तक जिले में सिर्फ 30 फीसदी ही गेेहूं की खरीद हो सकी है, जो तय लक्ष्य से काफी कम है। गेहूं बेचने से पूर्व किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना पड़ता था। तहसील प्रशासन सत्यापन कर ऑनलाइन रिपोर्ट लगाता था, तब टोकन सिस्टम से गेहूं की खरीद क्रय केंद्र प्रभारी करते थे। महामारी में अफसरों की ड्यूटी लगने के कारण ऑनलाइन सत्यापन समय से नहीं हो पा रहा था। ऐसे में किसान मजबूरी में बिचौलियों को अपना गेहूं औने-पौने दाम पर बेच रहे हैं। क्रय केंद्रों पर खरीद कम होने के कारण टोकन सिस्टम व्यवस्था में बदलाव सरकार ने किया है। अब कोई भी किसान किसी भी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेच सकता है।
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डिप्टी आरएमओ जितेंद्र यादव ने बताया कि महामारी के कारण टोकन सिस्टम को खत्म कर दिया गया है। किसान किसी भी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेच सकता है। दिक्कत होने पर अपने तहसील क्षेत्र के एसडीएम से संपर्क कर सकते हैं।
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