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दो जगहों पर बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जिले की सब्जी का विदेशा में बजेगा डंका
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दो जगहों पर बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जिले की सब्जी का विदेशा में बजेगा डंका
देवरिया। इंडो-इस्राइल प्रोजेक्ट के तहत जनपद के दो स्थानों पर सब्जी के लिए उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार वेजिटेबल) का निर्माण किया जाएगा। भूमि अधिग्रहीत का शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया है। डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। इससे जनपद में सब्जी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। विदेश में भी जिले की सब्जियों का डंका बजेगा।
भाटपाररानी के कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना और तरकुलवा ब्लॉक के सिरवनिया में सेंटर आफ एक्सीलेंस फार वेजिटेबल के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहीत की गई है। शासन से मंजूरी के लिए डीपीआर भेजी गई है। इंडो-इस्राइल प्रोजेक्ट के तहत बनने वाला प्रत्येक सेंटर एक हेक्टेयर में होगा। इसमें 560 वर्ग मीटर की हाईटेक नर्सरी और 500 वर्ग मीटर का ताप नियंत्रण चैंबर बनाया जाएगा, ताकि पौधे खराब न हों।
एक सेंटर पर एक करोड़ चार लाख रुपये खर्च का प्रावधान किया गया है। इसके निर्माण से प्रगतिशील ही नहीं, सामान्य किसानों को भी उन्नत किस्म के बीज और पौधों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसान जिस किस्म का बीज तैयार करना चाहते हैं, उनको सुविधा मुहैया कराई जाएगी, ताकि फसल में देरी न हो। किसानों को सब्जियों की खेती के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे खेती किसानी के आधुनिकतम तरीकों का प्रयोग कर किसान बेहतर उपज हासिल कर सकेंगे और आर्थिक तौर पर समृद्ध होंगे। साथ ही विदेशों को भी अपनी सब्जियां निर्यात कर सकेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।
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हर मौसम में हर किस्म की सब्जी
देवरिया। सेंटर आफ एक्सीलेंस फार वेजिटेबल से हर मौसम में हर किस्म की सब्जी उगाई जा सकती है। इसके लिए हाईब्रिड बीज का उत्पादन हर मौसम में किया जाएगा। बीज उत्पादन के लिए पाली हाउस, फेडनेस हाउस, आधुनिक तरीके से सिंचाई की व्यवस्था होगी।
विदेश में भी निर्यात के मौके
देवरिया। जिला उद्यान अधिकारी सीता राम यादव ने बताया कि सेंटर आफ एक्सीलेंस फार वेजिटेबल का निर्माण होने से किसानों की आय बढ़ेगी। बिना रासायनिक उर्वरक के सब्जी का उत्पादन किया जाएगा। सब्जी का उत्पादन बढ़ाकर विभिन्न प्रदेशों में भेजने और विदेशों में निर्यात की योजना है। उद्यान विभाग को नोडल बनाया गया है।
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देवरिया। इंडो-इस्राइल प्रोजेक्ट के तहत जनपद के दो स्थानों पर सब्जी के लिए उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार वेजिटेबल) का निर्माण किया जाएगा। भूमि अधिग्रहीत का शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया है। डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। इससे जनपद में सब्जी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। विदेश में भी जिले की सब्जियों का डंका बजेगा।
भाटपाररानी के कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना और तरकुलवा ब्लॉक के सिरवनिया में सेंटर आफ एक्सीलेंस फार वेजिटेबल के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहीत की गई है। शासन से मंजूरी के लिए डीपीआर भेजी गई है। इंडो-इस्राइल प्रोजेक्ट के तहत बनने वाला प्रत्येक सेंटर एक हेक्टेयर में होगा। इसमें 560 वर्ग मीटर की हाईटेक नर्सरी और 500 वर्ग मीटर का ताप नियंत्रण चैंबर बनाया जाएगा, ताकि पौधे खराब न हों।
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एक सेंटर पर एक करोड़ चार लाख रुपये खर्च का प्रावधान किया गया है। इसके निर्माण से प्रगतिशील ही नहीं, सामान्य किसानों को भी उन्नत किस्म के बीज और पौधों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसान जिस किस्म का बीज तैयार करना चाहते हैं, उनको सुविधा मुहैया कराई जाएगी, ताकि फसल में देरी न हो। किसानों को सब्जियों की खेती के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे खेती किसानी के आधुनिकतम तरीकों का प्रयोग कर किसान बेहतर उपज हासिल कर सकेंगे और आर्थिक तौर पर समृद्ध होंगे। साथ ही विदेशों को भी अपनी सब्जियां निर्यात कर सकेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।
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हर मौसम में हर किस्म की सब्जी
देवरिया। सेंटर आफ एक्सीलेंस फार वेजिटेबल से हर मौसम में हर किस्म की सब्जी उगाई जा सकती है। इसके लिए हाईब्रिड बीज का उत्पादन हर मौसम में किया जाएगा। बीज उत्पादन के लिए पाली हाउस, फेडनेस हाउस, आधुनिक तरीके से सिंचाई की व्यवस्था होगी।
विदेश में भी निर्यात के मौके
देवरिया। जिला उद्यान अधिकारी सीता राम यादव ने बताया कि सेंटर आफ एक्सीलेंस फार वेजिटेबल का निर्माण होने से किसानों की आय बढ़ेगी। बिना रासायनिक उर्वरक के सब्जी का उत्पादन किया जाएगा। सब्जी का उत्पादन बढ़ाकर विभिन्न प्रदेशों में भेजने और विदेशों में निर्यात की योजना है। उद्यान विभाग को नोडल बनाया गया है।