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Deoria News: इंद्र के अभिमान को तोड़ने के लिए श्रीकृष्ण ने बंद करा दी पूजा
Sat, 19 Apr 2025 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 19 Apr 2025 12:29 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनूघाट। सदर ब्लॉक के ग्राम बारीपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार आचार्य राहुल तिवारी ने कहा कि कथा श्रवण से मुक्ति मिलती है। जीव के सारे पाप, संताप दूर हो जाते है। शुकदेव ने राजा परीक्षित को कथा सुनाकर उनके अंदर सर्प दंश के भय को समाप्त कर दिया था।
गोवर्धन पर्वत के पूजन की चर्चा करते हुए कहा कि जब इंद्र को अभिमान हो गया कि संपूर्ण चराचर जगत के स्वामी मैं हूं। मेरी ही पूजा होगी, मगर श्रीकृष्ण ने उनके अभिमान को तोड़ने के लिए इंद्र की पूजा बंद कराकर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। जब इंद्र को पता चला कि ब्रजवासी उनकी पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू कर दी है तो ब्रजवासियों को धमकाने के लिए घनघोर वर्षा करना शुरू कर दिया।
जब सभी ब्रजवासी घनघोर वर्षा से परेशान होकर त्राहिमाम करने लगे तो भगवान श्रीकृष्ण ने अपने कनिष्ठ अंगुली से गोवर्धन पर्वत को उठाकर उसकी छाया में सभी ब्रजवासी को छिपा दिया। इंद्र के सारे उपाय के बावजूद ब्रजवासियों को कोई नुकसान नहीं हो सका, तब इंद्र ने भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी।
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सोनूघाट। सदर ब्लॉक के ग्राम बारीपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शुक्रवार आचार्य राहुल तिवारी ने कहा कि कथा श्रवण से मुक्ति मिलती है। जीव के सारे पाप, संताप दूर हो जाते है। शुकदेव ने राजा परीक्षित को कथा सुनाकर उनके अंदर सर्प दंश के भय को समाप्त कर दिया था।
गोवर्धन पर्वत के पूजन की चर्चा करते हुए कहा कि जब इंद्र को अभिमान हो गया कि संपूर्ण चराचर जगत के स्वामी मैं हूं। मेरी ही पूजा होगी, मगर श्रीकृष्ण ने उनके अभिमान को तोड़ने के लिए इंद्र की पूजा बंद कराकर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। जब इंद्र को पता चला कि ब्रजवासी उनकी पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू कर दी है तो ब्रजवासियों को धमकाने के लिए घनघोर वर्षा करना शुरू कर दिया।
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जब सभी ब्रजवासी घनघोर वर्षा से परेशान होकर त्राहिमाम करने लगे तो भगवान श्रीकृष्ण ने अपने कनिष्ठ अंगुली से गोवर्धन पर्वत को उठाकर उसकी छाया में सभी ब्रजवासी को छिपा दिया। इंद्र के सारे उपाय के बावजूद ब्रजवासियों को कोई नुकसान नहीं हो सका, तब इंद्र ने भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी।
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