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भू माफिया को संरक्षण देने के आरोप में तीन लेखपाल निलंबित
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भू माफिया को संरक्षण देने के आरोप में तीन लेखपाल निलंबित
देवरिया। सरयू नदी के उस पार प्रशासनिक लापरवाही की वजह से पिछले बीस साल से कुछ लोग सैकड़ों बीघा सरकारी और किसानों की जमीनों पर कब्जा करके फसल बोते और काट ले जाते रहे हैं। प्रशासन दो वर्ष से पुलिस बल लगाकर कुछ बीघा जमीनों से गेहूं की कटाई करा तो रहा है, लेकिन अब कार्रवाई की जद में वे नहीं आ सके, जिन्होंने जमीन पर कब्जा जमा रखा है। अब प्रशासन इन्हें भू माफिया बताकर सख्ती शुरू की है। ऐसे लोगों को संरक्षण देने के आरोप में तीन लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है।
सरयू नदी के पार जमीनों का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रशासन को खुद नहीं पता है कि किसानों की फसल कौन है और उसकी अपनी जमीन कहां से कहां तक है। लंबे समय बाद न तो कोई भू माफिया प्रशासन ने चिह्नित किया गया और न ही किसी के खिलाफ केस ही दर्ज हो सका। इधर, तीन लेखपालों को जमीनों पर कब्जा करने वालों को संरक्षण देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद खलबली मच गई है।
सरयू नदी के उस पार देवरिया, गोरखपुर, मऊ जिले की तकरीबन 500 एकड़ भूमि ग्राम समाज की है। इसमें कुछ क्षेत्र नदी की धारा में है। देवरिया जिले के विशुनपुर देवार, कपरवार खादर, गौरा खादर, राजपुर, परसिया कूरह, परसिया देवार के 500 से अधिक किसान अपनी ही जमीन पर गेहूं की बुआई तो करते हैं, लेकिन उसे भू माफिया हर साल काट ले जाते हैं। प्रशासन शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करता। ग्राम समाज की जमीन पर भू माफिया तकरीबन बीस वर्ष से फसल की बुआई कर उसे काटते आ रहे हैं। पिछले वर्ष तत्कालीन डीएम अमित किशोर ने राजा तोडर मल्ल भू लेख एवं प्रशिक्षण संस्थान हरदोई से सरकारी एवं किसानों की जमीन की पैमाइश कराई।
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पैमाइश के बाद पिलर लगा दिए गए। कब्जा करने वालाें ने जो फसल बोई थी, उसे प्रशासन ने कटवा लिया था। तब भी न तो कोई भू माफिया चिह्नित किया गया और न ही किसी पर केस दर्ज हुआ। यहीं कारण है कि इस वर्ष भी कब्जा करने वालों ने गेहूं की फसल सरकारी जमीन पर स्थानीय लेखपालों एवं कुछ सफेदपोशों के संरक्षण में बो दी थी। प्रशासन ने 10 और 11 अप्रैल को पुलिस बल लगाकर फसल कटवा ली। दूसरी ओर विधायक दीपक मिश्र शाका ने डीएम से शिकायत की है कि बिना किसी पैमाइश के प्रशासन ने फसल कटवा ली। उन्होंने कहा कि भू- माफिया की कम, ज्यादा किसानों की ही फसल कटवाकर प्रशासन उठा ले गया। एसडीएम ध्रुव शुक्ला ने कहा कि दो बड़े भू माफिया सहित कुछ भू-माफिया को चिह्नित कर लिया गया है। तीन लेखपालों को संरक्षण देने के आरोप में निलंबित कर जांच बैठा दी गई है। तहसीलदार को जांच अधिकारी बनाया गया है। चार गांवों में 150 बीघा सरकारी जमीन से गेहूं की फसल की कटान हुई है।
जबरन गेहूं कटवाने का आरोप
किसान सहदेव मिश्र, सूर्यदेव मिश्र, राजकिशोर पटेल, राजन पटेल, रामनक्षत्र पटेल, राजेश मिश्र, राजेंद्र यादव, रामअवध यादव, काशी, प्रभुनाथ, जंग बहादुर आदि मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी उनकी गेहूं की फसल काटकर उठा ले गए, जबकि वह इंतखाप दिखाते रह गए। उन्होंने कहा कि भू माफिया को भनक लगी कि प्रशासन 10 और 11 को सरकारी जमीन से फसल की कटाई कराएगा। माफिया उसके पहले ही गेहूं की फसल रात में काटकर उठा ले गए। प्रशासन बेवजह धमकाकर अधिकतर किसानों की फसल कटवा कर उठा ले गया।
इन लेखपालों को किया गया निलंबित
बरहज। एसडीएम ध्रुव कुमार शुक्ल ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कराने, उच्चाधिकारियों को समय से सूचना न देने और फसल कटान में सहयोग न करने के आरोप में लेखपाल लेखपाल शमीम अंसारी, हीरालाल मधुकर और अमित कुमार राय को निलंबित कर दिया। आरोप है कि उन्होंने भू माफिया की मदद की और प्रशासन को कब्जे की सूचना नहीं दी। प्रकरण की जांच तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान करेंगे। सरयू नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार में सरकारी जमीन पर भू-माफिया ने अवैध तरीके से गेहूं की फसल की बुआई की थी, जिसे प्रशासन ने चार कंबाइंड मशीन लगाकर कटवा लिया है।
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देवरिया। सरयू नदी के उस पार प्रशासनिक लापरवाही की वजह से पिछले बीस साल से कुछ लोग सैकड़ों बीघा सरकारी और किसानों की जमीनों पर कब्जा करके फसल बोते और काट ले जाते रहे हैं। प्रशासन दो वर्ष से पुलिस बल लगाकर कुछ बीघा जमीनों से गेहूं की कटाई करा तो रहा है, लेकिन अब कार्रवाई की जद में वे नहीं आ सके, जिन्होंने जमीन पर कब्जा जमा रखा है। अब प्रशासन इन्हें भू माफिया बताकर सख्ती शुरू की है। ऐसे लोगों को संरक्षण देने के आरोप में तीन लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है।
सरयू नदी के पार जमीनों का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रशासन को खुद नहीं पता है कि किसानों की फसल कौन है और उसकी अपनी जमीन कहां से कहां तक है। लंबे समय बाद न तो कोई भू माफिया प्रशासन ने चिह्नित किया गया और न ही किसी के खिलाफ केस ही दर्ज हो सका। इधर, तीन लेखपालों को जमीनों पर कब्जा करने वालों को संरक्षण देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद खलबली मच गई है।
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सरयू नदी के उस पार देवरिया, गोरखपुर, मऊ जिले की तकरीबन 500 एकड़ भूमि ग्राम समाज की है। इसमें कुछ क्षेत्र नदी की धारा में है। देवरिया जिले के विशुनपुर देवार, कपरवार खादर, गौरा खादर, राजपुर, परसिया कूरह, परसिया देवार के 500 से अधिक किसान अपनी ही जमीन पर गेहूं की बुआई तो करते हैं, लेकिन उसे भू माफिया हर साल काट ले जाते हैं। प्रशासन शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करता। ग्राम समाज की जमीन पर भू माफिया तकरीबन बीस वर्ष से फसल की बुआई कर उसे काटते आ रहे हैं। पिछले वर्ष तत्कालीन डीएम अमित किशोर ने राजा तोडर मल्ल भू लेख एवं प्रशिक्षण संस्थान हरदोई से सरकारी एवं किसानों की जमीन की पैमाइश कराई।
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पैमाइश के बाद पिलर लगा दिए गए। कब्जा करने वालाें ने जो फसल बोई थी, उसे प्रशासन ने कटवा लिया था। तब भी न तो कोई भू माफिया चिह्नित किया गया और न ही किसी पर केस दर्ज हुआ। यहीं कारण है कि इस वर्ष भी कब्जा करने वालों ने गेहूं की फसल सरकारी जमीन पर स्थानीय लेखपालों एवं कुछ सफेदपोशों के संरक्षण में बो दी थी। प्रशासन ने 10 और 11 अप्रैल को पुलिस बल लगाकर फसल कटवा ली। दूसरी ओर विधायक दीपक मिश्र शाका ने डीएम से शिकायत की है कि बिना किसी पैमाइश के प्रशासन ने फसल कटवा ली। उन्होंने कहा कि भू- माफिया की कम, ज्यादा किसानों की ही फसल कटवाकर प्रशासन उठा ले गया। एसडीएम ध्रुव शुक्ला ने कहा कि दो बड़े भू माफिया सहित कुछ भू-माफिया को चिह्नित कर लिया गया है। तीन लेखपालों को संरक्षण देने के आरोप में निलंबित कर जांच बैठा दी गई है। तहसीलदार को जांच अधिकारी बनाया गया है। चार गांवों में 150 बीघा सरकारी जमीन से गेहूं की फसल की कटान हुई है।
जबरन गेहूं कटवाने का आरोप
किसान सहदेव मिश्र, सूर्यदेव मिश्र, राजकिशोर पटेल, राजन पटेल, रामनक्षत्र पटेल, राजेश मिश्र, राजेंद्र यादव, रामअवध यादव, काशी, प्रभुनाथ, जंग बहादुर आदि मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी उनकी गेहूं की फसल काटकर उठा ले गए, जबकि वह इंतखाप दिखाते रह गए। उन्होंने कहा कि भू माफिया को भनक लगी कि प्रशासन 10 और 11 को सरकारी जमीन से फसल की कटाई कराएगा। माफिया उसके पहले ही गेहूं की फसल रात में काटकर उठा ले गए। प्रशासन बेवजह धमकाकर अधिकतर किसानों की फसल कटवा कर उठा ले गया।
इन लेखपालों को किया गया निलंबित
बरहज। एसडीएम ध्रुव कुमार शुक्ल ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कराने, उच्चाधिकारियों को समय से सूचना न देने और फसल कटान में सहयोग न करने के आरोप में लेखपाल लेखपाल शमीम अंसारी, हीरालाल मधुकर और अमित कुमार राय को निलंबित कर दिया। आरोप है कि उन्होंने भू माफिया की मदद की और प्रशासन को कब्जे की सूचना नहीं दी। प्रकरण की जांच तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान करेंगे। सरयू नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार में सरकारी जमीन पर भू-माफिया ने अवैध तरीके से गेहूं की फसल की बुआई की थी, जिसे प्रशासन ने चार कंबाइंड मशीन लगाकर कटवा लिया है।