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Deoria News: लावारिस कुत्तों से अभी नहीं मिलेगी राहत

Thu, 15 Jan 2026 12:32 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jan 2026 12:32 AM IST
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There will be no relief from stray dogs yet.
देवरिया। सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद लोगों में लावारिस कुत्तों से निजात की आस तो जगी है, लेकिन अभी इसके लिए करीब एक साल तक इंतजार करना होगा।
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शहरी क्षेत्र में अभी इसके लिए कहीं कोई प्रबंध नहीं हो सका है। देवरिया शहर में कुत्तों की नसबंदी के लिए एक सेंटर बनना प्रस्तावित है, लेकिन अभी उसे पूरा होने में कम से कम एक साल का समय लगेगा। ऐसे में लोगों को कुत्तों से राहत साल भर बाद ही मिलेगी।
जिले में दो नगर पालिका व 15 नगर पंचायतें हैं। इनमें से किसी में भी कुत्ता-बंदर पकड़ने का कोई प्रबंध नहीं है। देवरिया नगर पालिका प्रशासन ने करीब छह महीने लावारिस कुत्तों के बंध्याकरण की योजना बनाई थी और इसके लिए एक सेंटर भी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है, लेकिन अभी यह धरातल पर नहीं उतरा है।
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नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि जमीन चिह्नित कर ली गई है और जल्द ही निर्माण भी शुरू हो जाएगा।
लावारिस कुत्तों के काटने से मर गई थीं तीन गायें : सलेमपुर। तहसील क्षेत्र के बनरही और दुबौली गांव के लोगों ने कोर्ट के फैसले की सराहना की है। पिछले साल जुलाई में इन दोनों गांव में एक कुत्ते ने भय पैदा कर दिया था।
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दरअसल बनरही गांव के आनंद कुशवाहा की दो गायें और दुबौली गांव निवासी जय गोविंद कुशवाहा की एक गाय को कुत्ते ने काट लिया था।
पशुपालकों को इसकी जानकारी नहीं हो पाई। कुछ दिन बाद उनकी गायें मर गईं। इसके अलावा रामनरेश कुशवाहा की एक गाय समेत कई अन्य लोगों के पशुओं को कुत्ते ने काट लिया था।

मरने वाली गायों के दूध से पूजा में प्रसाद तैयार किया गया था, जिसे पूरे गांव में बंटा था। इन गायों की मौत की खबर मिलते ही गांव के लोग दहशत में आ गए। गांव के रामनेश कुशवाहा, सुनैना, भीम कुशवाहा, हौसला देवी, मोहन, आनंद, गुड़िया, अनमोल, रोहित, अनुराग, प्रदीप, चांदनी, श्वेता, रानी, संगम, सोनम, रितिका, अमृता, प्रीति, अमित, खुशबू, बृज किशोर, सरिता आदि ने सीएचसी पर पहुंच कर एंटी रैबीज इंजेक्शन का डोज लगवाया था। इन ग्रामीणों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सराहनीय है। प्रशासन को जल्द से जल्द लावारिस कुत्तों के बंध्याकरण के लिए व्यवस्था करनी चाहिए। े
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