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Deoria News: आए दिन अचानक बदल दिया जाता है ट्रेन का प्लेटफार्म, परेशान होते हैं यात्री, रेलवे प्रशासन नहीं दे रहा है इस तरफ ध्यान
Wed, 24 May 2023 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 24 May 2023 11:43 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी (देवरिया)। जिले के भटनी रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए दो ट्रेनें रोज गुजरती हैं। यही वजह है कि इस स्टेशन पर जिले ही नहीं, बिहार तक के यात्री ट्रेन पकड़ने आते हैं। बताया जाता है कि छपरा-मथुरा एक्सप्रेस और काशी एक्सप्रेस का आए दिन प्लेटफार्म नंबर बदल दिया जाता है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। यात्रियों ने इसकी शिकायत भी की है, लेकिन रेलवे प्रशासन इसे परेशानी ही नहीं मानता।
दैनिक यात्रियों ने बताया कि छपरा-मथुरा एक्सप्रेस और काशी एक्सप्रेस का समय सुबह करीब सात बजे का है। दोनों ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को आए दिन चंद मिनट पहले प्लेटफार्म बदलने से परेशान होना पड़ता है। कई लोगों की ट्रेन छूट जाती है। भगदड़ में लोग चोटिल भी हो जाते हैं। इसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन हुआ कुछ नहीं। लोगों ने रेल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
बता दें कि इस स्टेशन पर बिहार से अधिक लोग मुंबई के लिए ट्रेन पकड़ने आते हैं। आए दिन अचानक प्लेटफार्म बदलने से लोग परेशान होते हैं। स्टेशन के प्लेटफार्म पर डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगा है। इस वजह से भी यात्रियों को परेशानी होती है। पता ही नहीं चलता कि कौन सा कोच किस जगह पर आएगा। ऐसे में लोगों को अंदाजा लगाना पड़ता है। जब जहां पर होते हैं संबंधित कोच वहां नहीं आता तो भागदौड़ करनी पड़ती है। यात्रियों की इस समस्या की ओर रेलवे का ध्यान ही नहीं है।
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अमेरिका मुंबई से कमा कर आते तो करते बेटा-बेटी की विवाह
अमेरिका अपने भतीजे के साथ मुंबई घर की समस्या दूर करने के लिए कमाने जा रहे थे। पत्नी राधिका देवी बेटे अरविंद, योगेंद्र, बेटी अनिता और लाली से मिलकर वह भतीजे आनंद के साथ मुंबई के लिए रवाना हुए थे। भटनी रेलवे स्टेशन पर रेलवे की लापरवाही की वजह से वह काल के गाल में समा गए। अमेरिका की पत्नी राधिका ने बताया कि चार बच्चों की परवरिश व पढ़ाई- लिखाई फिर शादी करने के लिए अमेरिका मुंबई जा रहे थे। वे लौटने के बाद योगेंद्र और अनिता की शादी करना चाहते थे।
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पहले प्लेटफार्म संख्या एक पर ट्रेन आने की जानकारी मिली थी। समान लेकर हम दोनों बैठे थे कि अचानक लोग दौड़ने लगे। पता करने पर मालूम चला कि ट्रेन प्लेटफार्म नंबर चार पर आ गई है। ट्रेन पकड़ने की जल्दीबाजी में चाचा उसकी चपेट में आ गए।
- आनंद, अमेरिका राजभर का भतीजा और घटना का चश्मदीद
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ट्रेन के आने से पहले अचानक प्लेटफार्म बदलने से अधेड़ अपने भतीजे के साथ फुटब्रिज के बजाय लाइन पार कर ट्रेन को पकड़ने गया। चलती ट्रेन में सवार होने के चक्कर में वह ट्रेन की चपेट में आ गया। परिजनों को बुलाकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
- पंकज कुमार सिंह, थानाध्यक्ष जीआरपी भटनी।
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छपरा-मथुरा एक्सप्रेस और काशी एक्सप्रेस का समय करीब एक है। छपरा-मथुरा के प्लेटफार्म नंबर एक पर आने से काशी एक्सप्रेस को चार नंबर प्लेटफार्म पर लेना पड़ा। नूनखार रेलवे स्टेशन से ट्रेन छूटने पर प्लेटफार्म बदलने की सूचना यात्रियों को दे दी जाती है। इसमें रेल प्रशासन की कोई लापरवाही नहीं है।
- परशुराम त्रिपाठी, स्टेशन अधीक्षक भटनी।
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भटनी (देवरिया)। जिले के भटनी रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए दो ट्रेनें रोज गुजरती हैं। यही वजह है कि इस स्टेशन पर जिले ही नहीं, बिहार तक के यात्री ट्रेन पकड़ने आते हैं। बताया जाता है कि छपरा-मथुरा एक्सप्रेस और काशी एक्सप्रेस का आए दिन प्लेटफार्म नंबर बदल दिया जाता है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। यात्रियों ने इसकी शिकायत भी की है, लेकिन रेलवे प्रशासन इसे परेशानी ही नहीं मानता।
दैनिक यात्रियों ने बताया कि छपरा-मथुरा एक्सप्रेस और काशी एक्सप्रेस का समय सुबह करीब सात बजे का है। दोनों ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को आए दिन चंद मिनट पहले प्लेटफार्म बदलने से परेशान होना पड़ता है। कई लोगों की ट्रेन छूट जाती है। भगदड़ में लोग चोटिल भी हो जाते हैं। इसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन हुआ कुछ नहीं। लोगों ने रेल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
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बता दें कि इस स्टेशन पर बिहार से अधिक लोग मुंबई के लिए ट्रेन पकड़ने आते हैं। आए दिन अचानक प्लेटफार्म बदलने से लोग परेशान होते हैं। स्टेशन के प्लेटफार्म पर डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगा है। इस वजह से भी यात्रियों को परेशानी होती है। पता ही नहीं चलता कि कौन सा कोच किस जगह पर आएगा। ऐसे में लोगों को अंदाजा लगाना पड़ता है। जब जहां पर होते हैं संबंधित कोच वहां नहीं आता तो भागदौड़ करनी पड़ती है। यात्रियों की इस समस्या की ओर रेलवे का ध्यान ही नहीं है।
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अमेरिका मुंबई से कमा कर आते तो करते बेटा-बेटी की विवाह
अमेरिका अपने भतीजे के साथ मुंबई घर की समस्या दूर करने के लिए कमाने जा रहे थे। पत्नी राधिका देवी बेटे अरविंद, योगेंद्र, बेटी अनिता और लाली से मिलकर वह भतीजे आनंद के साथ मुंबई के लिए रवाना हुए थे। भटनी रेलवे स्टेशन पर रेलवे की लापरवाही की वजह से वह काल के गाल में समा गए। अमेरिका की पत्नी राधिका ने बताया कि चार बच्चों की परवरिश व पढ़ाई- लिखाई फिर शादी करने के लिए अमेरिका मुंबई जा रहे थे। वे लौटने के बाद योगेंद्र और अनिता की शादी करना चाहते थे।
पहले प्लेटफार्म संख्या एक पर ट्रेन आने की जानकारी मिली थी। समान लेकर हम दोनों बैठे थे कि अचानक लोग दौड़ने लगे। पता करने पर मालूम चला कि ट्रेन प्लेटफार्म नंबर चार पर आ गई है। ट्रेन पकड़ने की जल्दीबाजी में चाचा उसकी चपेट में आ गए।
- आनंद, अमेरिका राजभर का भतीजा और घटना का चश्मदीद
ट्रेन के आने से पहले अचानक प्लेटफार्म बदलने से अधेड़ अपने भतीजे के साथ फुटब्रिज के बजाय लाइन पार कर ट्रेन को पकड़ने गया। चलती ट्रेन में सवार होने के चक्कर में वह ट्रेन की चपेट में आ गया। परिजनों को बुलाकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
- पंकज कुमार सिंह, थानाध्यक्ष जीआरपी भटनी।
छपरा-मथुरा एक्सप्रेस और काशी एक्सप्रेस का समय करीब एक है। छपरा-मथुरा के प्लेटफार्म नंबर एक पर आने से काशी एक्सप्रेस को चार नंबर प्लेटफार्म पर लेना पड़ा। नूनखार रेलवे स्टेशन से ट्रेन छूटने पर प्लेटफार्म बदलने की सूचना यात्रियों को दे दी जाती है। इसमें रेल प्रशासन की कोई लापरवाही नहीं है।
- परशुराम त्रिपाठी, स्टेशन अधीक्षक भटनी।