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Deoria News: व्यवस्था नाकाम...शहर में बेलगाम हुआ जाम

Thu, 03 Sep 2026 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Thu, 03 Sep 2026 12:13 AM IST
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The system failed...uncontrolled traffic jam in the city
छहमुखी चौराहे पर रेंगते वाहन। 
देवरिया। शहर की सड़कों पर बढ़ती ई-रिक्शा की संख्या और अव्यवस्थित संचालन यातायात पर भारी पड़ रहा है। सुभाष चौक, रुद्रपुर मोड़, पुरवा तिराहा, रोडवेज बस स्टेशन और कसया रेलवे ढाला समेत कई स्थानों पर सुबह से शाम तक वाहनों का दबाव बना रहता है।
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सड़क किनारे अतिक्रमण, जहां-तहां सवारी भरते ई-रिक्शा और ऑटो, पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने तथा प्रमुख चौराहों पर यातायात नियंत्रण की कमी से थोड़ी सी भीड़ बढ़ते ही वाहनों की कतार लग जाती है।
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शहर में ई-रिक्शा रोजगार का बड़ा साधन बन गया है। कम लागत और रोज की ठीक-ठाक आमदनी के कारण इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में ई-रिक्शा एक ही प्रमुख मार्ग पर सवारी की तलाश में घूमते रहते हैं।
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सुभाष चौक, रोडवेज, रुद्रपुर मोड़, रेलवे स्टेशन और पुरवा तिराहे के आसपास कई चालक सड़क पर ही वाहन रोककर सवारी बैठाते और उतारते हैं। इससे पीछे चल रहे वाहन रुकते हैं और कुछ ही देर में जाम लग जाता है।
शहर में ऐसे ई-रिक्शा भी दौड़ते दिखाई देते हैं, जिनके पंजीकरण और चालक संबंधी दस्तावेजों की जांच की जरूरत है। पुलिस ने जुलाई में यात्री सुरक्षा के लिए पहले चरण में आठ हजार ई-रिक्शा को क्यूआर कोड आधारित पहचान देने की योजना शुरू की थी। इससे वाहन और चालक का ब्योरा दर्ज किया जाना है।
सुभाष चौक शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में है। यहां कसया की ओर से आने वाला मार्ग मुख्य सड़क से मिलता है। ऑनलाइन रिपोर्ट में भी यहां दिनभर रुक-रुककर जाम और यातायात संकेतकों की कमी का उल्लेख किया गया है। दूसरी बड़ी समस्या कसया रेलवे ढाला है।
फाटक बंद होने पर कसया रोड, भीखमपुर रोड, मोतीलाल रोड और स्टेशन रोड तक वाहनों की कतार फैल जाती है। रेलवे मालगोदाम से निकलने वाले भारी वाहनों का दबाव इसे और बढ़ाता है। इसी समस्या को देखते हुए कसया रेलवे ढाला पर 72.03 करोड़ रुपये की लागत से दो लेन रेलवे ओवरब्रिज मंजूर किया गया है और सर्विस लेन का काम भी शुरू हो चुका है।
जाम की समस्या का स्थायी समाधान केवल चालान से नहीं हो सकता। ई-रिक्शा के रूट तय कर उनका कड़ाई से पालन, प्रमुख मार्गों पर निर्धारित स्टैंड, सड़क पर सवारी भरने पर रोक, अपंजीकृत वाहनों की जांच और चौराहों से नियमित अतिक्रमण हटाना जरूरी है।

व्यस्त समय में सुभाष चौक, रुद्रपुर मोड़, पुरवा तिराहा, रोडवेज और कसया रेलवे ढाला पर नियमित ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती भी करनी होगी। भारी वाहनों के लिए समय तय करने, बाईपास का उपयोग बढ़ाने और पार्किंग की व्यवस्था होने से शहर की मुख्य सड़कों पर दबाव कम किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने अगस्त में नगर निकायों को ट्रैफिक और पार्किंग की समस्याओं का समाधान करने के भी निर्देश दिए थे।
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