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Deoria News: डबल लेन पुल बनने में नदी का जलस्तर नहीं बनेगी बाधा
Mon, 29 Dec 2025 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 29 Dec 2025 11:23 PM IST
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भागलपुर में सरयू नदी फोरलेन पुल के लिए फ्लोटिंग बैराज बनाते।संवाद
भागलपुर। सरयू नदी पर प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना के तहत पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
नदी के जलस्तर में हर महीने होने वाले उतार-चढ़ाव से निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए निर्माण एजेंसी द्वारा फ्लोटिंग बैराज तैयार किया जा रहा है। कुशीनगर जिले के तमकुहीराज से बलिया जिले के सिकंदरपुर तक बनने वाली फोरलेन सड़क के तहत भागलपुर में सरयू नदी पर डबल लेन पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। सरयू नदी का जलस्तर दो से तीन फीट तक घटता-बढ़ता रहता है, जिससे निर्माण कार्य में दिक्कत आती है।
इसी समस्या के समाधान के लिए कोलकाता की निर्माण कंपनी नदी की बीच धारा में फ्लोटिंग बैराज बना रही है। फ्लोटिंग बैराज के ऊपर 60 टन तक निर्माण सामग्री रखकर नदी की धारा में आसानी से काम किया जा सकेगा।
इससे नदी के भीतर बनने वाले पिलरों का निर्माण बारिश के समय में भी सुचारु रूप से किया जा सकेगा। कंपनी ने बलिया जिले की ओर से पिलर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। अगले बरसात से पहले कंपनी का लक्ष्य सात से आठ पिलरों का निर्माण पूरा करना है, ताकि बाढ़ के दौरान भी ऊपर का कार्य निर्बाध जारी रह सके।
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क्या है फ्लोटिंग बैराज फ्लोटिंग बैराज एक तैरता हुआ ढांचा होता है, जो नदी पर पुल बनाने के लिए एक अस्थायी प्लेटफार्म के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके जरिए भारी वाहन और निर्माण सामग्री नदी के बीच तक पहुंचाई जाती है। बैराज पर लगभग 60 टन तक भार क्षमता वाले वाहन आसानी से आवागमन कर सकते हैं। इससे निर्माण कार्य जल्दी और आसानी से हो सकता है।
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नदी के जलस्तर में हर महीने होने वाले उतार-चढ़ाव से निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए निर्माण एजेंसी द्वारा फ्लोटिंग बैराज तैयार किया जा रहा है। कुशीनगर जिले के तमकुहीराज से बलिया जिले के सिकंदरपुर तक बनने वाली फोरलेन सड़क के तहत भागलपुर में सरयू नदी पर डबल लेन पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। सरयू नदी का जलस्तर दो से तीन फीट तक घटता-बढ़ता रहता है, जिससे निर्माण कार्य में दिक्कत आती है।
इसी समस्या के समाधान के लिए कोलकाता की निर्माण कंपनी नदी की बीच धारा में फ्लोटिंग बैराज बना रही है। फ्लोटिंग बैराज के ऊपर 60 टन तक निर्माण सामग्री रखकर नदी की धारा में आसानी से काम किया जा सकेगा।
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इससे नदी के भीतर बनने वाले पिलरों का निर्माण बारिश के समय में भी सुचारु रूप से किया जा सकेगा। कंपनी ने बलिया जिले की ओर से पिलर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। अगले बरसात से पहले कंपनी का लक्ष्य सात से आठ पिलरों का निर्माण पूरा करना है, ताकि बाढ़ के दौरान भी ऊपर का कार्य निर्बाध जारी रह सके।
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क्या है फ्लोटिंग बैराज फ्लोटिंग बैराज एक तैरता हुआ ढांचा होता है, जो नदी पर पुल बनाने के लिए एक अस्थायी प्लेटफार्म के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके जरिए भारी वाहन और निर्माण सामग्री नदी के बीच तक पहुंचाई जाती है। बैराज पर लगभग 60 टन तक भार क्षमता वाले वाहन आसानी से आवागमन कर सकते हैं। इससे निर्माण कार्य जल्दी और आसानी से हो सकता है।