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Deoria News: बरसात की आहट से सहम जाते हैं दानोपुर व चटनी गड़ही मुहल्ले के लोग
Thu, 25 May 2023 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 25 May 2023 12:14 AM IST
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दानोपुर मुहल्ले में खराब पड़ी सड़क ।संवाद
जलभराव से प्रभावित होती है 12 हजार की आबादी, डेढ़ सौ परिवारों का होता है पलायन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बरसात शुरू होने में करीब 15 दिन शेष बचे हैं। शहर के दानोपुर व चटनी गड़ही मोहल्ला के बाशिंदे जलभराव की आशंका से सहमे हुए हैं। जलभराव का वह मंजर मोहल्लेवासियों के आंखों के सामने तैर रहा है, जब लोग रोजमर्रा के सामानों के लिए चचरी पुल व ट्यूब का सहारा लेते थे। घर में सांप, बिच्छुओं का बसेरा हो गया था। हर साल हो रही चार माह की दुश्वारी को याद कर लोग जिम्मेदारों को कोस रहे हैं। उनका कहना है कि सात साल से हमें आश्वासन की घूंट पिलाई जा रही है, लेकिन जलनिकासी का समुचित इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
दानोपुर मोहल्ला सीमा विस्तार में पिछले साल ही नगर पालिका में शामिल हुआ है। यहां करीब छह हजार की आबादी निवास करती है। वार्ड पहले ग्रामसभा में होने के कारण यहां समुचित जलनिकासी का इंतजाम नहीं हो पाया है। जेल चौकी से दानोपुर की ओर जाने वाली सड़क किनारे जल निगम की ओर से जो नाला बनाया जा रहा है, वह अधूरा है। इसका जुड़ाव किसी बड़े नाले से नहीं हो पाया है। 10 से 15 रास्ते पगडंडी हैं। जिन सड़कों का निर्माण हुआ है, उनके किनारे नाली नहीं है। हल्की बरसात के बाद से ही कई जगह सड़कों पर पानी जमा है। बीके मिश्रा के मकान के सामने की सड़क कीचड़ में तब्दील है। बृजभूषण पांडेय के मकान के सामने सड़क पिछले बरसात के दौरान से ही टूटी पड़ी है। यही हाल चटनी गड़ही मोहल्ले का है। करीब छह हजार लोग बरसात के समय जलभराव का दंश झेलने को मजबूर होते हैं। यहां के लोगों की सक्रियता के चलते कुछ नई सड़कें व नालियों का निर्माण हुआ है। ज्यादातर नालियां बेतरतीब बनाई गई हैं। वशिष्ठ पाठक के घर के सामने की नाली कहीं नौ इंच तो कहीं चार इंच संकरी है। हल्की बरसात में ही यह नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं। कैप्टन साहब के घर के सामने तेज बारिश होने पर घुटने भर पानी जमा हो जाता है। इस रास्ते आने-जाने वाले करीब आठ सौ परिवारों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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इनसेट
जलभराव का कारण
- सड़क व नालियों का निर्माण न होना
- नाले-नालियों का विकास मानक के अनुरूप न होना
- मोहल्लों की छोटी नालियों का जुड़ाव बड़े नालों से न होना
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इनसेट
ऐसे मिलेगी जलभराव से निजात
मोहल्लों में सभी सड़कों के किनारे नाली निर्माण कराया जाए। सभी का पानी मुख्य नाले में गिराया जाए। नालियों की नियमित सफाई होती रहे। लोग नालियों में घर का कचरा न डालें।
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इनसेट
तीन माह प्रभावित होती है बच्चों की पढ़ाई
जलभराव से प्रभावित मोहल्लों में दो स्कूल ऐसे हैं, जो आवागमन ठप होने के कारण अक्सर बंद हो जाते हैं। अधिकांश परिवार अपने गांव चले जाते हैं तो कुछ शहर के अन्य हिस्सों में किराए पर रहने को मजबूर होते हैं। इन परिवारों समेत करीब डेढ़ सौ बच्चों की पढ़ाई बरसात में जलभराव के कारण प्रभावित होती है।
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मिलता है आश्वासन नहीं होते काम
जलभराव से प्रभावित मोहल्लेवासियों के जख्म पर मरहम लगाने हर बार जनप्रतिनिधि पहुंचते हैं। बरसात बीतते ही जलनिकासी के लिए इंतजाम कराने का आश्वासन देते हैं, दुश्वारी कम होते ही सबकुछ भूल जाते हैं।- विशाल कुमार, दानोपुर
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जबतक मोहल्ले में जल निकासी का इंतजाम नहीं होगा। हर साल दुश्वारी बरकरार रहेगी। नगर पालिका को चाहिए कि विस्तारित इलाके के लिए अलग से बजट का प्रावधान करे। -
सुनील कुमार, दानोपुर
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साल के चार महीने दुश्वारी भरे होते हैं। पानी घरों में घुसने से राशन, विस्तर आदि सड़ जाते हैं। आवाजाही के लिए चंदा जुटाकर चचरी पुल बनाना पड़ता है। - संदेश यादव, दानोपुर
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हर साल बरसात के समय घरों में पानी घुस जाता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है। नगर प्रशासन इस समस्या का स्थाई निदान नहीं करा रहा। - शशांक पाठक, चटनी गड़ही मोहल्ला
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जुलाई से अगस्त तक घरों में पानी घुस जाता है। पानी कम होने के बाद संक्रामक बीमारियों का खतरा रहता है। सांप, बिच्छू भी घरों में आ जाते हैं। इसके चलते हमें चार परेशानी का सामना करना पड़ता है। -पुनीत त्रिपाठी, चटनी गड़ही मोहल्ला
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बरसात में घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। सड़क नाली का निर्माण नहीं हुआ है। नगर पालिका को करीब 10 बार आवेदन दे चुका हूं। हर बार बजट न होने की बात कही जाती है। - कमलेश तिवारी, चटनी गड़ही मोहल्ला
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वर्जन
दानोपुर अब नगर का हिस्सा बना है। बोर्ड बैठक में यहां से जलनिकासी के लिए प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। चटनी गड़ही मोहल्ला में बीते साल कई सड़क व नालियों के निर्माण कराए गए हैं, जो काम बाकी हैं उन्हें भी पूरा कराया जाएगा। - रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बरसात शुरू होने में करीब 15 दिन शेष बचे हैं। शहर के दानोपुर व चटनी गड़ही मोहल्ला के बाशिंदे जलभराव की आशंका से सहमे हुए हैं। जलभराव का वह मंजर मोहल्लेवासियों के आंखों के सामने तैर रहा है, जब लोग रोजमर्रा के सामानों के लिए चचरी पुल व ट्यूब का सहारा लेते थे। घर में सांप, बिच्छुओं का बसेरा हो गया था। हर साल हो रही चार माह की दुश्वारी को याद कर लोग जिम्मेदारों को कोस रहे हैं। उनका कहना है कि सात साल से हमें आश्वासन की घूंट पिलाई जा रही है, लेकिन जलनिकासी का समुचित इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
दानोपुर मोहल्ला सीमा विस्तार में पिछले साल ही नगर पालिका में शामिल हुआ है। यहां करीब छह हजार की आबादी निवास करती है। वार्ड पहले ग्रामसभा में होने के कारण यहां समुचित जलनिकासी का इंतजाम नहीं हो पाया है। जेल चौकी से दानोपुर की ओर जाने वाली सड़क किनारे जल निगम की ओर से जो नाला बनाया जा रहा है, वह अधूरा है। इसका जुड़ाव किसी बड़े नाले से नहीं हो पाया है। 10 से 15 रास्ते पगडंडी हैं। जिन सड़कों का निर्माण हुआ है, उनके किनारे नाली नहीं है। हल्की बरसात के बाद से ही कई जगह सड़कों पर पानी जमा है। बीके मिश्रा के मकान के सामने की सड़क कीचड़ में तब्दील है। बृजभूषण पांडेय के मकान के सामने सड़क पिछले बरसात के दौरान से ही टूटी पड़ी है। यही हाल चटनी गड़ही मोहल्ले का है। करीब छह हजार लोग बरसात के समय जलभराव का दंश झेलने को मजबूर होते हैं। यहां के लोगों की सक्रियता के चलते कुछ नई सड़कें व नालियों का निर्माण हुआ है। ज्यादातर नालियां बेतरतीब बनाई गई हैं। वशिष्ठ पाठक के घर के सामने की नाली कहीं नौ इंच तो कहीं चार इंच संकरी है। हल्की बरसात में ही यह नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं। कैप्टन साहब के घर के सामने तेज बारिश होने पर घुटने भर पानी जमा हो जाता है। इस रास्ते आने-जाने वाले करीब आठ सौ परिवारों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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इनसेट
जलभराव का कारण
- सड़क व नालियों का निर्माण न होना
- नाले-नालियों का विकास मानक के अनुरूप न होना
- मोहल्लों की छोटी नालियों का जुड़ाव बड़े नालों से न होना
इनसेट
ऐसे मिलेगी जलभराव से निजात
मोहल्लों में सभी सड़कों के किनारे नाली निर्माण कराया जाए। सभी का पानी मुख्य नाले में गिराया जाए। नालियों की नियमित सफाई होती रहे। लोग नालियों में घर का कचरा न डालें।
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तीन माह प्रभावित होती है बच्चों की पढ़ाई
जलभराव से प्रभावित मोहल्लों में दो स्कूल ऐसे हैं, जो आवागमन ठप होने के कारण अक्सर बंद हो जाते हैं। अधिकांश परिवार अपने गांव चले जाते हैं तो कुछ शहर के अन्य हिस्सों में किराए पर रहने को मजबूर होते हैं। इन परिवारों समेत करीब डेढ़ सौ बच्चों की पढ़ाई बरसात में जलभराव के कारण प्रभावित होती है।
मिलता है आश्वासन नहीं होते काम
जलभराव से प्रभावित मोहल्लेवासियों के जख्म पर मरहम लगाने हर बार जनप्रतिनिधि पहुंचते हैं। बरसात बीतते ही जलनिकासी के लिए इंतजाम कराने का आश्वासन देते हैं, दुश्वारी कम होते ही सबकुछ भूल जाते हैं।- विशाल कुमार, दानोपुर
जबतक मोहल्ले में जल निकासी का इंतजाम नहीं होगा। हर साल दुश्वारी बरकरार रहेगी। नगर पालिका को चाहिए कि विस्तारित इलाके के लिए अलग से बजट का प्रावधान करे। -
सुनील कुमार, दानोपुर
साल के चार महीने दुश्वारी भरे होते हैं। पानी घरों में घुसने से राशन, विस्तर आदि सड़ जाते हैं। आवाजाही के लिए चंदा जुटाकर चचरी पुल बनाना पड़ता है। - संदेश यादव, दानोपुर
हर साल बरसात के समय घरों में पानी घुस जाता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है। नगर प्रशासन इस समस्या का स्थाई निदान नहीं करा रहा। - शशांक पाठक, चटनी गड़ही मोहल्ला
जुलाई से अगस्त तक घरों में पानी घुस जाता है। पानी कम होने के बाद संक्रामक बीमारियों का खतरा रहता है। सांप, बिच्छू भी घरों में आ जाते हैं। इसके चलते हमें चार परेशानी का सामना करना पड़ता है। -पुनीत त्रिपाठी, चटनी गड़ही मोहल्ला
बरसात में घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। सड़क नाली का निर्माण नहीं हुआ है। नगर पालिका को करीब 10 बार आवेदन दे चुका हूं। हर बार बजट न होने की बात कही जाती है। - कमलेश तिवारी, चटनी गड़ही मोहल्ला
वर्जन
दानोपुर अब नगर का हिस्सा बना है। बोर्ड बैठक में यहां से जलनिकासी के लिए प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। चटनी गड़ही मोहल्ला में बीते साल कई सड़क व नालियों के निर्माण कराए गए हैं, जो काम बाकी हैं उन्हें भी पूरा कराया जाएगा। - रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया