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Deoria News: मरीज की सांस फूल जाती है... स्टेशन से गाड़ी छूट जाती है
Mon, 24 Apr 2023 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 24 Apr 2023 11:17 PM IST
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सोमवार को सुबह 10.23 पर रोडवेज के सामने लगा जाम।संवाद
शहर के सिविल लाइंस पर अतिक्रणम और मेडिकल कॉलेज के बाहर ऑटो-ई-रिक्शा का जमावड़ा
- एक किमी की दूरी तय करने में लग जाते हैं 30 मिनट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में जाम में फंसकर मरीज देरी से मेडिकल कॉलेज देरी से पहुंच रहे हैं। सिविल लाइंस में डिवाइडर कट का जाम, मेडिकल कॉलेज रोड पर वाहन और अतिक्रमण कर फुटपाथ पर सजी दुकानें जाम की वजह बन रही हैं। इतना ही नहीं रेलवे स्टेशन रोड पर भी जाम के चलते ट्रेन छूटने का डर रहता है। यही नहीं आग बुझाने वाली गाड़ी भी जाम में फंस कर देरी से मौके पर पहुंच रही है।
शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए करीब 150 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। दावा तो किया जा रहा है कि शहर में जाम कहीं भी नहीं लग रहा है, लेकिन सोमवार को शहर के विभिन्न जगहों की पड़ताल की गई तो सच सामने आया कि कदम-कदम पर एंबुलेंस जाम में फंस रहे थे। ट्रेन पकड़ने के लिए अगर कोई घर से एक घंटे पहले शहर से न निकले तो उसकी ट्रेन ही छूट जाएगी। मेडिकल कॉलेज के रोड पर अतिक्रमण के चलते गेट पर ही एंबुलेंस जाम में फंस जाती है।
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10.15 बजे- सिविल लाइंस
-शहर के सिविल लाइंस रोड पर एक एंबुलेंस मरीज को लेकर गोरखपुर रोड की तरफ मेडिकल कॉलेज जा रही थी। इसी दौरान डिवाइडर कट पर जाम में एंबुलेंस फंस गई। इस एंबुलेंस का हाल यह था कि जिलाधिकारी आवास के पास से मेडिकल कॉलेज परिसर में इमरजेंसी तक पहुंचने में करीब पांच सौ मीटर की दूरी तय करने में 20 मिनट लग गया।
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10.23 बजे- बस स्टेशन मोड़ रोडवेज के बाहर बस निकलने पर लग रहा जाम
-शहर के बस स्टेशन मोड़ के पास सुबह जाम से लोगों को जूझना पड़ा। कई ऐसे यात्री थे, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए थे और उन्हें सदर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी थी। भलुअनी निवासी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि जाम की वजह से ही घर से दो घंटा पहले निकला हूं, ताकि स्टेशन पर काफी समय पहले पहुंच जाऊं, नहीं तो ट्रेन ही छूट जाएगी। इसी तरह कुछ ऐसे लोग भी जाम में फंसे थे, जिन्हें अपने ऑफिस जाना था।
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10.45 बजे- शिव मंदिर चौराहे के पास बेतरतीब निकल रहे वाहन
- शहर के शिव मंदिर चौराहे पर एक एंबुलेंस जाम में फंसी हुई थी। मरीज के साथ आए तीमारदार मेडिकल कॉलेज में मरीज को ले जाने की जल्दी में थे, लेकिन वे जाम में फंस गए थे। मरीज की पीड़ा देखकर वह काफी तकलीफ में थे। पर वाहनों की लंबी कतार के कारण कुछ कह नहीं पा रहे थे।
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11.30 बजे-मेडिकल कॉलेज रोड, अतिक्रमण
-शहर के मेडिकल कॉलेज रोड के फुटपाथ पर दुकानें सजी हुई हैं। यहां पर आने-जाने वाले एंबुलेंस जाम में फंस जा रहे हैं। जाम से निजात दिलाने के लिए अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। हालत यह है कि बस स्टेशन मोड़ से मेडिकल कॉलेज परिसर तक महज दो सौ मीटर की दूरी तय करने में एंबुलेंस को तीन जगह जाम में फंसा पड़ा।
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11.45 बजे- कलेक्ट्रेट गेट के पास जाम में फंसी आग बुझाने वाली गाड़ी
- शहर के कलेक्ट्रेट गेट पर आ बुुझाने वाली एक गाड़ी जाम में फंसी थी। दमकल वाहन भटवलिया फायर स्टेशन से निकला तो पांच सौ मीटर की दूरी में ही चार जगह जाम में फंसा रहा। सायरन बजने के बाद भी जाम में फंसा रहा लेकिन कोई रास्ता देने वाला नहीं रहा। इससे यह बात साफ है कि घटनास्थल पर गाड़ी काफी देर से पहुंची होगी।
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देरी से पहुंचने से मरीजों का हो जाता है नुकसान
- इमरजेंसी के ईएमओ डॉ. रोहित सिंह ने बताया कि एंबुलेंस जाम में फंस रहे हैं। इस वजह से कई ऐसे मामले सामने आ कि इमरजेंसी में एंबुलेंस आधे से एक घंटा देर से आए, जबकि गंभीर मरीजों के लिए समय का बड़ा महत्व होता है। अगर किसी को हर्ट अटैक है तो उसे तुरंत इमरजेंसी में पहुंचना होता है। इतना ही नहीं चोट लगने पर रक्तस्राव हो जाए तो मरीजों के जान का खतरा हो जाता है।
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10 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान
- सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भरने का प्राविधान है। हर माह ऐसे वाहनों का चालान किया जाता है, जो एंबुलेंस वाहन को जाने में बाधक बनते है। मेडिकल कॉलेज रोड पर अतिक्रमण अभियान चलाया जाएगा।
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- एक किमी की दूरी तय करने में लग जाते हैं 30 मिनट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में जाम में फंसकर मरीज देरी से मेडिकल कॉलेज देरी से पहुंच रहे हैं। सिविल लाइंस में डिवाइडर कट का जाम, मेडिकल कॉलेज रोड पर वाहन और अतिक्रमण कर फुटपाथ पर सजी दुकानें जाम की वजह बन रही हैं। इतना ही नहीं रेलवे स्टेशन रोड पर भी जाम के चलते ट्रेन छूटने का डर रहता है। यही नहीं आग बुझाने वाली गाड़ी भी जाम में फंस कर देरी से मौके पर पहुंच रही है।
शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए करीब 150 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। दावा तो किया जा रहा है कि शहर में जाम कहीं भी नहीं लग रहा है, लेकिन सोमवार को शहर के विभिन्न जगहों की पड़ताल की गई तो सच सामने आया कि कदम-कदम पर एंबुलेंस जाम में फंस रहे थे। ट्रेन पकड़ने के लिए अगर कोई घर से एक घंटे पहले शहर से न निकले तो उसकी ट्रेन ही छूट जाएगी। मेडिकल कॉलेज के रोड पर अतिक्रमण के चलते गेट पर ही एंबुलेंस जाम में फंस जाती है।
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10.15 बजे- सिविल लाइंस
-शहर के सिविल लाइंस रोड पर एक एंबुलेंस मरीज को लेकर गोरखपुर रोड की तरफ मेडिकल कॉलेज जा रही थी। इसी दौरान डिवाइडर कट पर जाम में एंबुलेंस फंस गई। इस एंबुलेंस का हाल यह था कि जिलाधिकारी आवास के पास से मेडिकल कॉलेज परिसर में इमरजेंसी तक पहुंचने में करीब पांच सौ मीटर की दूरी तय करने में 20 मिनट लग गया।
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10.23 बजे- बस स्टेशन मोड़ रोडवेज के बाहर बस निकलने पर लग रहा जाम
-शहर के बस स्टेशन मोड़ के पास सुबह जाम से लोगों को जूझना पड़ा। कई ऐसे यात्री थे, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए थे और उन्हें सदर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी थी। भलुअनी निवासी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि जाम की वजह से ही घर से दो घंटा पहले निकला हूं, ताकि स्टेशन पर काफी समय पहले पहुंच जाऊं, नहीं तो ट्रेन ही छूट जाएगी। इसी तरह कुछ ऐसे लोग भी जाम में फंसे थे, जिन्हें अपने ऑफिस जाना था।
10.45 बजे- शिव मंदिर चौराहे के पास बेतरतीब निकल रहे वाहन
- शहर के शिव मंदिर चौराहे पर एक एंबुलेंस जाम में फंसी हुई थी। मरीज के साथ आए तीमारदार मेडिकल कॉलेज में मरीज को ले जाने की जल्दी में थे, लेकिन वे जाम में फंस गए थे। मरीज की पीड़ा देखकर वह काफी तकलीफ में थे। पर वाहनों की लंबी कतार के कारण कुछ कह नहीं पा रहे थे।
11.30 बजे-मेडिकल कॉलेज रोड, अतिक्रमण
-शहर के मेडिकल कॉलेज रोड के फुटपाथ पर दुकानें सजी हुई हैं। यहां पर आने-जाने वाले एंबुलेंस जाम में फंस जा रहे हैं। जाम से निजात दिलाने के लिए अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। हालत यह है कि बस स्टेशन मोड़ से मेडिकल कॉलेज परिसर तक महज दो सौ मीटर की दूरी तय करने में एंबुलेंस को तीन जगह जाम में फंसा पड़ा।
11.45 बजे- कलेक्ट्रेट गेट के पास जाम में फंसी आग बुझाने वाली गाड़ी
- शहर के कलेक्ट्रेट गेट पर आ बुुझाने वाली एक गाड़ी जाम में फंसी थी। दमकल वाहन भटवलिया फायर स्टेशन से निकला तो पांच सौ मीटर की दूरी में ही चार जगह जाम में फंसा रहा। सायरन बजने के बाद भी जाम में फंसा रहा लेकिन कोई रास्ता देने वाला नहीं रहा। इससे यह बात साफ है कि घटनास्थल पर गाड़ी काफी देर से पहुंची होगी।
देरी से पहुंचने से मरीजों का हो जाता है नुकसान
- इमरजेंसी के ईएमओ डॉ. रोहित सिंह ने बताया कि एंबुलेंस जाम में फंस रहे हैं। इस वजह से कई ऐसे मामले सामने आ कि इमरजेंसी में एंबुलेंस आधे से एक घंटा देर से आए, जबकि गंभीर मरीजों के लिए समय का बड़ा महत्व होता है। अगर किसी को हर्ट अटैक है तो उसे तुरंत इमरजेंसी में पहुंचना होता है। इतना ही नहीं चोट लगने पर रक्तस्राव हो जाए तो मरीजों के जान का खतरा हो जाता है।
10 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान
- सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भरने का प्राविधान है। हर माह ऐसे वाहनों का चालान किया जाता है, जो एंबुलेंस वाहन को जाने में बाधक बनते है। मेडिकल कॉलेज रोड पर अतिक्रमण अभियान चलाया जाएगा।