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Deoria News: निजी हॉस्पिटल में प्रसव के बाद शिशु की हालात बिगड़ी,भागा संचालक
Sat, 13 Sep 2025 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:36 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। गर्भवती को प्रसव कराने गांव की आशा कार्यकर्ता ने झांसा में लेकर सीएचसी की जगह एक निजी हॉस्पिटल में लेकर चली गई। संचालक ने ऑपरेशन की बात कहते हुए तय रुपये जमा करा लिए।
आरोप है कि अप्रशिक्षित से ऑपरेशन करा दिया। जच्चा-बच्चा की हालत बिगड़ गई तो संचालक दोनों को हॉस्पिटल में छोड़कर भाग गया। परिवार को लोगों ने नवजात शिशु को आननफानन गोरखपुर स्थित एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां उसका इलाज चल रहा है।
इसकी जानकारी सीएचसी अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार को हुई तो वह मौके पर पहुंच गए। प्रसूता को एंबुलेंस से सीएचसी भेजा। वहां मौजूद कर्मचारियों से जब हॉस्पिटल के कागजात की मांग की तो पता चला कि कागजात नहीं है। न ही कोई चिकित्सक है। इसे गंभीरता से लेते हुए अधीक्षक ने अस्पताल को सील कर दिया। हिछौरा लाला गांव की पूजा देवी (35) पत्नी विपिन प्रसाद को बृहस्पतिवार को प्रसव पीड़ा हुई तो परिवार के लोगों ने आशा को जानकारी दी। ्आशा की गैर मौजूदगी में उसके परिवार के एक सदस्य मझौली मोड़ स्थित निजी हॉस्पिटल पर लेकर चले गए। जहां मौजूद एक शख्स ने नार्मल डिलीवरी नहीं होनी की बात कहते हुए ऑपरेशन से डिलीवरी कराने की बात कही।
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परिवार वालों के मुताबिक ऑपरेशन के लिए संचालक ने 25 हजार रुपये की मांग की। आधे रुपये पहले ही जमा करा लिए। इसके बाद एक शख्स ने ऑपरेशन कर बच्चा पैदा कराया। इसके तुरंत बाद जच्चा-बच्चा की हालत खराब होने लगी तो अस्पताल संचालक ने जरूरी बात कह परिवार के लोगों से शेष रुपये भी जमा करा लिए। उसके बाद नवजात बच्चे को गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजकर भाग गया।
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सलेमपुर। गर्भवती को प्रसव कराने गांव की आशा कार्यकर्ता ने झांसा में लेकर सीएचसी की जगह एक निजी हॉस्पिटल में लेकर चली गई। संचालक ने ऑपरेशन की बात कहते हुए तय रुपये जमा करा लिए।
आरोप है कि अप्रशिक्षित से ऑपरेशन करा दिया। जच्चा-बच्चा की हालत बिगड़ गई तो संचालक दोनों को हॉस्पिटल में छोड़कर भाग गया। परिवार को लोगों ने नवजात शिशु को आननफानन गोरखपुर स्थित एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां उसका इलाज चल रहा है।
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इसकी जानकारी सीएचसी अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार को हुई तो वह मौके पर पहुंच गए। प्रसूता को एंबुलेंस से सीएचसी भेजा। वहां मौजूद कर्मचारियों से जब हॉस्पिटल के कागजात की मांग की तो पता चला कि कागजात नहीं है। न ही कोई चिकित्सक है। इसे गंभीरता से लेते हुए अधीक्षक ने अस्पताल को सील कर दिया। हिछौरा लाला गांव की पूजा देवी (35) पत्नी विपिन प्रसाद को बृहस्पतिवार को प्रसव पीड़ा हुई तो परिवार के लोगों ने आशा को जानकारी दी। ्आशा की गैर मौजूदगी में उसके परिवार के एक सदस्य मझौली मोड़ स्थित निजी हॉस्पिटल पर लेकर चले गए। जहां मौजूद एक शख्स ने नार्मल डिलीवरी नहीं होनी की बात कहते हुए ऑपरेशन से डिलीवरी कराने की बात कही।
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परिवार वालों के मुताबिक ऑपरेशन के लिए संचालक ने 25 हजार रुपये की मांग की। आधे रुपये पहले ही जमा करा लिए। इसके बाद एक शख्स ने ऑपरेशन कर बच्चा पैदा कराया। इसके तुरंत बाद जच्चा-बच्चा की हालत खराब होने लगी तो अस्पताल संचालक ने जरूरी बात कह परिवार के लोगों से शेष रुपये भी जमा करा लिए। उसके बाद नवजात बच्चे को गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजकर भाग गया।