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Deoria News: राम-सीता को वन जाते देख दर्शकों के छलके आंसू
Thu, 25 Sep 2025 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 25 Sep 2025 01:25 AM IST
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वन जाने की तैयारी में राम,सीता,लक्ष्मण।
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। कस्बे की सब्जी मंडी बाजार में चल रही रामलीला के पांचवें दिन मंगलवार की रात राम-सीता, लक्ष्मण के वन गमन की लीला का मंचन किया गया।यह देख दर्शक भावविभोर हो उठे। रामलीला की शुरुआत में समाजसेवी रिंकू जायसवाल ने प्रभु राम की आरती उतारी।
मंचन में दिखाया गया कि कैकेई कोप भवन में चली जाती हैं। वहां पहुंच कर पूरे भवन को अस्त व्यस्त कर जमीन पर लेट जाती हैं। सूचना पाते ही राजा दशरथ कोप भवन में पहुंच जाते हैं और कैकेई से उनकी उदासी का कारण पूछते हैं। कैकेई कहती हैं जब देवासुर संग्राम में रक्षा की थी तो आपने दो वर देने की बात कही थी। आज मैं वर मांगती हूं।
पहला भरत को राजगद्दी और दूसरा राम को 14 बरस का वनवास दिया जाय। यह सुनकर राजा दशरथ दुखी होकर विलाप करते हैं और कहते हैं कैकेई तुमने यह क्या मांग लिया। यह सुनकर श्रीराम वन जाने के लिए तैयार हो जाते हैं। साथ ही, माता सीता, लक्ष्मण भी जाने को तैयार हो जाते हैं।
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माता-पिता से आज्ञा लेकर वन के लिए निकल जाते हैं। राम को वन जाते देख पूरे अयोध्या में शोक की लहर दौड़ जाती है।
यह दृश्य देख पंडाल में मौजूद लोग भावुक हो जाते हैं। इस दौरान विद्या सागर सिंह, मुलायम यादव, पूनम मद्धेशिया, सुनील मद्धेशिया, प्रेमचंद गौड़, सेतु साहनी आदि मौजूद रहे।
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भागलपुर। कस्बे की सब्जी मंडी बाजार में चल रही रामलीला के पांचवें दिन मंगलवार की रात राम-सीता, लक्ष्मण के वन गमन की लीला का मंचन किया गया।यह देख दर्शक भावविभोर हो उठे। रामलीला की शुरुआत में समाजसेवी रिंकू जायसवाल ने प्रभु राम की आरती उतारी।
मंचन में दिखाया गया कि कैकेई कोप भवन में चली जाती हैं। वहां पहुंच कर पूरे भवन को अस्त व्यस्त कर जमीन पर लेट जाती हैं। सूचना पाते ही राजा दशरथ कोप भवन में पहुंच जाते हैं और कैकेई से उनकी उदासी का कारण पूछते हैं। कैकेई कहती हैं जब देवासुर संग्राम में रक्षा की थी तो आपने दो वर देने की बात कही थी। आज मैं वर मांगती हूं।
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पहला भरत को राजगद्दी और दूसरा राम को 14 बरस का वनवास दिया जाय। यह सुनकर राजा दशरथ दुखी होकर विलाप करते हैं और कहते हैं कैकेई तुमने यह क्या मांग लिया। यह सुनकर श्रीराम वन जाने के लिए तैयार हो जाते हैं। साथ ही, माता सीता, लक्ष्मण भी जाने को तैयार हो जाते हैं।
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माता-पिता से आज्ञा लेकर वन के लिए निकल जाते हैं। राम को वन जाते देख पूरे अयोध्या में शोक की लहर दौड़ जाती है।
यह दृश्य देख पंडाल में मौजूद लोग भावुक हो जाते हैं। इस दौरान विद्या सागर सिंह, मुलायम यादव, पूनम मद्धेशिया, सुनील मद्धेशिया, प्रेमचंद गौड़, सेतु साहनी आदि मौजूद रहे।