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Deoria News: लेखपाल का दर्ज किया बयान जमीन खरीदने वाले की तलाश
Fri, 26 Sep 2025 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 26 Sep 2025 12:54 AM IST
सार
सलेमपुर में दो भाइयों की जमीन बैनामे से जुड़े विवाद की तहसील प्रशासन जांच कर रहा है। प्रशासन आरोपी लेखपाल और महिला खरीदार की तलाश में है। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
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विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। मुआवजा दिलाने की बात कहकर दो सगे भाइयों की जमीन बैनामा कराने वाले की तहसील प्रशासन तलाश है। वहीं इसमें सहयोग करने के आरोपी लेखपाल का बयान एसडीएम ने बृहस्पतिवार को दर्ज किया। हालांकि, पूरे प्रकरण की जांच नायब तहसीलदार भटनी कर रहे हैं।
विभागीय जांच में पता चला है कि जिस महिला के नाम से जमीन बैनामा हुआ है, उसका पति समाज कल्याण विभाग में कार्यरत है। सूत्रों की मानें तो आरोपों में घिरे सलेमपुर के नायब तहसीलदार की पहले संतकबीरनगर जिले में तैनाती रही है। पीड़ितों का कहना है कि जमीन बैनामा से पहले लेखपाल और सलेमपुर के नायब तहसीलदार ने मुआवजा दिलाने भरोसा दिया था।
तहसील क्षेत्र के सिसई-कोल्हूआ मार्ग चौड़ीकरण के दौरान मनमानी तरीके से ठेकेदार ने पड़री पांडेय गांव निवासी समसुद्दीन अली व अशरफ अली की भूमि से मिट्टी निकाल ली। जानकारी होने के बाद पीड़ितों ने इसकी शिकायत जब उच्च अधिकारियों से की तो हल्का लेखपाल और नायब तहसीलदार ने उसे तहसील बुलाकर मिट्टी का मुआवाजा दिलाने की बात कह उसके खाते में राजस्व परिषद का अधिकारी बताते हुए एक महिला के बैंक अकाउंट से तीन लाख रुपये भेजवा दिए।
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आरोप है कि उसी दिन मुआवजा की बात कहते हुए दोनों को रजिस्ट्री ऑफिस लेकर चले गए और बिना जानकारी दिए पांच कठ्ठा के चक से फ्रंट पर ही तीन कठ्ठा जमीन गांव के बगल की एक महिला के नाम से बैनामा करा दिया। 27 अगस्त को गांव के प्रधान इमरान अंसारी को फोन कर सलेमपुर नायब तहसीलदार और हल्का लेखपाल ने मौके पर बुलाकर बताया कि कुछ लोग राजस्व परिषद से आए हुए हैं।
आप भी आ जाइए एक जमीन की पैमाइश कर कब्जा दिलाना है। जब इसकी जानकारी प्रधान ने समसुद्दीन व अशरफ अली को दी तो दोनों दंग रह गए।
लोगों ने मौके पर पहुंचकर जब विरोध किया तो कब्जा दिलाने पहुंची टीम मौके से भाग निकली। इसके बाद पीड़ित दोनों भाइयों ने एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के पास पहुंच कर अपनी पीड़ा सुनाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने इसकी जांच नायब तहसीलदार भटनी हरिप्रसाद को सौंप दी है। जांच अधिकारी के मुताबिक क्रेता महिला को बार-बार बुलाने के बावजूद वह बयान देने नहीं आ रही है।
उधर एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने सूत्रों से भी मामले की जांच करा रहीं हैं। बृहस्पतिवार को अपने दफ्तर में लेखपाल को बुलाकर उससे जानकारी ली। इसमें कुछ अहम बातें सामने आई। उधर जांच अधिकारी जांच रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हुए हैं।
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सलेमपुर। मुआवजा दिलाने की बात कहकर दो सगे भाइयों की जमीन बैनामा कराने वाले की तहसील प्रशासन तलाश है। वहीं इसमें सहयोग करने के आरोपी लेखपाल का बयान एसडीएम ने बृहस्पतिवार को दर्ज किया। हालांकि, पूरे प्रकरण की जांच नायब तहसीलदार भटनी कर रहे हैं।
विभागीय जांच में पता चला है कि जिस महिला के नाम से जमीन बैनामा हुआ है, उसका पति समाज कल्याण विभाग में कार्यरत है। सूत्रों की मानें तो आरोपों में घिरे सलेमपुर के नायब तहसीलदार की पहले संतकबीरनगर जिले में तैनाती रही है। पीड़ितों का कहना है कि जमीन बैनामा से पहले लेखपाल और सलेमपुर के नायब तहसीलदार ने मुआवजा दिलाने भरोसा दिया था।
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तहसील क्षेत्र के सिसई-कोल्हूआ मार्ग चौड़ीकरण के दौरान मनमानी तरीके से ठेकेदार ने पड़री पांडेय गांव निवासी समसुद्दीन अली व अशरफ अली की भूमि से मिट्टी निकाल ली। जानकारी होने के बाद पीड़ितों ने इसकी शिकायत जब उच्च अधिकारियों से की तो हल्का लेखपाल और नायब तहसीलदार ने उसे तहसील बुलाकर मिट्टी का मुआवाजा दिलाने की बात कह उसके खाते में राजस्व परिषद का अधिकारी बताते हुए एक महिला के बैंक अकाउंट से तीन लाख रुपये भेजवा दिए।
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आरोप है कि उसी दिन मुआवजा की बात कहते हुए दोनों को रजिस्ट्री ऑफिस लेकर चले गए और बिना जानकारी दिए पांच कठ्ठा के चक से फ्रंट पर ही तीन कठ्ठा जमीन गांव के बगल की एक महिला के नाम से बैनामा करा दिया। 27 अगस्त को गांव के प्रधान इमरान अंसारी को फोन कर सलेमपुर नायब तहसीलदार और हल्का लेखपाल ने मौके पर बुलाकर बताया कि कुछ लोग राजस्व परिषद से आए हुए हैं।
आप भी आ जाइए एक जमीन की पैमाइश कर कब्जा दिलाना है। जब इसकी जानकारी प्रधान ने समसुद्दीन व अशरफ अली को दी तो दोनों दंग रह गए।
लोगों ने मौके पर पहुंचकर जब विरोध किया तो कब्जा दिलाने पहुंची टीम मौके से भाग निकली। इसके बाद पीड़ित दोनों भाइयों ने एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के पास पहुंच कर अपनी पीड़ा सुनाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने इसकी जांच नायब तहसीलदार भटनी हरिप्रसाद को सौंप दी है। जांच अधिकारी के मुताबिक क्रेता महिला को बार-बार बुलाने के बावजूद वह बयान देने नहीं आ रही है।
उधर एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने सूत्रों से भी मामले की जांच करा रहीं हैं। बृहस्पतिवार को अपने दफ्तर में लेखपाल को बुलाकर उससे जानकारी ली। इसमें कुछ अहम बातें सामने आई। उधर जांच अधिकारी जांच रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हुए हैं।