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ग्राम सभा देवसिया : गांव के दो पुरवा....तहसील, ब्लाॅक और थाना सबका अलग-अलग
Sat, 15 Nov 2025 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 15 Nov 2025 01:28 AM IST
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भागलपुर। सीमांकन में गड़बड़ी के चलते ग्राम सभा देवसिया-सरया के लोगों को राजस्व, विकास और सुरक्षा के लिए अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ता है। ग्राम पंचायत के टोला देवसिया को 18 किमी लार थाने में रखा गया है, जबकि इसका दूसरा पुरवा सरया पांच किमी दूर मईल थाना क्षेत्र में आता है।
करीब 4000 की आबादी वाला देवसिया-सरया ग्राम पंचायत बरहज तहसील और भागलपुर ब्लॉक का हिस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि देवसिया 18 किमी दूर लार थाने में शामिल है। छह किमी की परिधि में कोई भी गांव लार थाना क्षेत्र में नहीं आता है। इस वजह से पुलिस को पहुंचने में पुलिस को एक घंटे से अधिक समय लग जाता है। वहीं ग्रामीणों को भी अपनी फरियाद सुनाने 18 किमी दूर जाना पड़ता है। वहीं सीओ सर्किल के कार्य के लिए बरहज जाना होता है।
ग्रामीणों का कहना है कि 1984 में मईल थाने का निर्माण हुआ था। उस समय दस्तावेज में देवसिया की जगह देवरिया नाम दर्ज हो गया था। इसी कारण यह गांव मईल थाने में शामिल नहीं किया जा सका।
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भागलपुर थाना बनाने से जगी थी आस
चार साल पहले तत्कालीन एसपी श्रीपति मिश्र ने भागलपुर को थाना बनाने की पहल की थी। जमीन का भी अधिग्रहण कार्य शुरू हो गया था। थाना बन जाने से यह गांव भागलपुर में शामिल हो जाता लेकिन भागलपुर को थाना बनाने की पहल ठंडे बस्ते में चली गई। ग्रामीणों का कहना है कि थाने पर जाने के लिए तीन जगह टैंपो के लिए इंतजार करना पड़ता है।
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करीब 4000 की आबादी वाला देवसिया-सरया ग्राम पंचायत बरहज तहसील और भागलपुर ब्लॉक का हिस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि देवसिया 18 किमी दूर लार थाने में शामिल है। छह किमी की परिधि में कोई भी गांव लार थाना क्षेत्र में नहीं आता है। इस वजह से पुलिस को पहुंचने में पुलिस को एक घंटे से अधिक समय लग जाता है। वहीं ग्रामीणों को भी अपनी फरियाद सुनाने 18 किमी दूर जाना पड़ता है। वहीं सीओ सर्किल के कार्य के लिए बरहज जाना होता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि 1984 में मईल थाने का निर्माण हुआ था। उस समय दस्तावेज में देवसिया की जगह देवरिया नाम दर्ज हो गया था। इसी कारण यह गांव मईल थाने में शामिल नहीं किया जा सका।
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भागलपुर थाना बनाने से जगी थी आस
चार साल पहले तत्कालीन एसपी श्रीपति मिश्र ने भागलपुर को थाना बनाने की पहल की थी। जमीन का भी अधिग्रहण कार्य शुरू हो गया था। थाना बन जाने से यह गांव भागलपुर में शामिल हो जाता लेकिन भागलपुर को थाना बनाने की पहल ठंडे बस्ते में चली गई। ग्रामीणों का कहना है कि थाने पर जाने के लिए तीन जगह टैंपो के लिए इंतजार करना पड़ता है।