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शिक्षक सुसाइड : निलंबित बीएसए और बाबू पुलिस की पकड़ से दूर
Fri, 06 Mar 2026 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 06 Mar 2026 11:44 PM IST
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बीएसए शालिनी श्रीवास्तव
देवरिया। कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में शिक्षक कृष्णमोहन सिंह की खुदकुशी मामले में निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव और बाबू संजीव सिंह फरार हैं। बीएसए ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक साल तक शिक्षक के मामले को लटकाए रखा। साथ ही पटल सहायक के जरिए 20 लाख रुपये की मांग की। इसमें से शिक्षक ने 16 लाख रुपये देने की बात अपने सुसाइड नोट में कही। साथ ही चार लाख रुपये और मांगने का आरोप लगाया। वहीं दूसरी ओर बीएसए ने हाईकोर्ट में अपने बचाव में याचिका भी दाखिल की है। कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग निवासी कृष्ण मोहन सिंह (37) गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में परिवार के साथ रहते थे। वह देवरिया के गौरीबाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। 21 फरवरी की सुबह उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी थी। घटना के बाद पुलिस को उनके पास से चार पेज का सुसाइड नोट मिला था, जिसमें बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह पर नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग और लगातार उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था।
सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि हाईकोर्ट के 13 फरवरी 2025 के आदेश के बावजूद उनकी वेतन बहाली नहीं की गई, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थे। इसके बाद 22 फरवरी को गुलरिहा थाने में उनकी पत्नी गुड़िया सिंह की शिकायत पर बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, पटल सहायक संजीव सिंह और एक अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी अनिरुद्ध सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में देवरिया की डीएम दिव्या मित्तल ने सीडीओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया।
वहीं शासन ने संयुक्त शिक्षा निदेशक बेसिक के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गठित किया। दोनों टीमोंं ने 23 फरवरी को बीएसए कार्यालय पहुंचकर जांच की। बीएसए शालिनी श्रीवास्तव भी कुछ देर बाद पहुंची। इसके बाद डीएम भी पहुंचीं। दोनों टीमों ने शाम तक बीएसए से पूछताछ की। इसके बाद से बीएसए फिर नजर नहीं आईं। वहीं गोरखपुर पुलिस 25 फरवरी को बीएसए कार्यालय पहुंचकर जांच की।
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सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि हाईकोर्ट के 13 फरवरी 2025 के आदेश के बावजूद उनकी वेतन बहाली नहीं की गई, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थे। इसके बाद 22 फरवरी को गुलरिहा थाने में उनकी पत्नी गुड़िया सिंह की शिकायत पर बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, पटल सहायक संजीव सिंह और एक अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी अनिरुद्ध सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में देवरिया की डीएम दिव्या मित्तल ने सीडीओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया।
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वहीं शासन ने संयुक्त शिक्षा निदेशक बेसिक के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गठित किया। दोनों टीमोंं ने 23 फरवरी को बीएसए कार्यालय पहुंचकर जांच की। बीएसए शालिनी श्रीवास्तव भी कुछ देर बाद पहुंची। इसके बाद डीएम भी पहुंचीं। दोनों टीमों ने शाम तक बीएसए से पूछताछ की। इसके बाद से बीएसए फिर नजर नहीं आईं। वहीं गोरखपुर पुलिस 25 फरवरी को बीएसए कार्यालय पहुंचकर जांच की।

बीएसए शालिनी श्रीवास्तव
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