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सुव्रत शाही का दोबारा ब्लॉक प्रमुख बन रचेंगे इतिहास
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सुव्रत शाही का दोबारा ब्लॉक प्रमुख बन रचेंगे इतिहास
पथरदेवा/बघौचघाट। पथरदेवा ब्लॉक के लोगों में मिथक है कि 1965 के बाद कोई भी व्यक्ति लगातार दो बार ब्लॉक प्रमुख नहीं बना। लेकिन इस बार भाजपा के कद्दावर नेता एवं प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के सुपुत्र सुव्रत शाही ने क्षेत्र पंचायत पथरदेवा के लगातार दूसरी बार ब्लॉक प्रमुख बनकर नया इतिहास रचने जा रहे हैं। उनका निर्विरोध निर्वाचित होना तय है। ब्लॉक प्रमुख के लिए सिर्फ उन्होंने ही चार सेट में पर्चा दाखिल किया है।
इसके पूर्व कोई भी व्यक्ति यहां से दो बार ब्लॉक प्रमुख नहीं रहा है। सुव्रत शाही पहली बार चुनाव लड़के तो दूसरी बार निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनने जा रहे हैं। क्षेत्र पंचायत पथरदेवा के ब्लॉक प्रमुख पद के निर्वाचन पर गौर करें तो यहां से रमाकांत पहले एवं देवता राय दूसरे ब्लॉक प्रमुख रहे। दोनों लोग मनोनीत हुए थे। सन 1965 में क्षेत्र पंचायत पथरदेवा के पहले निर्वाचित ब्लॉक प्रमुख हुए रवींद्र किशोर शाही, जो 1972 तक ब्लॉक प्रमुख रहे। वर्ष 1972 से सन 1982 तक विभूति नारायण सिंह पथरदेवा विकास खंड के ब्लॉक प्रमुख रहे। हरिद्वार राय वर्ष 1982-1988 तक, राम नक्षत्र यादव वर्ष 1988-1995, रमेश सिंह वर्ष 1995-2000, ब्रह्मा यादव वर्ष 2000-2005, अजय कुमार शाही वर्ष 2005-2010, प्रमिला मल्ल वर्ष 2010-2015 तक ब्लॉक प्रमुख रहीं। 50 वर्ष बाद वर्ष 2015 पुन: ब्लॉक प्रमुख पद भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही के परिवार में आ गई। वह भी तब जब प्रदेश में सपा की सरकार थी। सपा प्रत्याशी राजेंद्र सिंह को पराजित कर कृषि मंत्री के पुत्र सुव्रत शाही अपने बाबा रवींद्र किशोर शाही की विरासत को हासिल कर यहां के 11वें ब्लॉक प्रमुख बने। पुन: वर्ष 2021 में सुव्रत शाही निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित होकर इतिहास रचेंगे। पथरदेवा में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में आरओ मुज्ज्मिल अंसारी, बीडीओ आलोक सिंह लगे हैं। पर्चा दाखिला के दौरान मुरारी मोहन शाही, बेनीमाधव शुक्ल, संजय सिंह, रणधीर सिंह, नवीन सिंह, संजीत धर द्विवेदी, ओमप्रकाश शाही उपस्थित रहे।
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पथरदेवा/बघौचघाट। पथरदेवा ब्लॉक के लोगों में मिथक है कि 1965 के बाद कोई भी व्यक्ति लगातार दो बार ब्लॉक प्रमुख नहीं बना। लेकिन इस बार भाजपा के कद्दावर नेता एवं प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के सुपुत्र सुव्रत शाही ने क्षेत्र पंचायत पथरदेवा के लगातार दूसरी बार ब्लॉक प्रमुख बनकर नया इतिहास रचने जा रहे हैं। उनका निर्विरोध निर्वाचित होना तय है। ब्लॉक प्रमुख के लिए सिर्फ उन्होंने ही चार सेट में पर्चा दाखिल किया है।
इसके पूर्व कोई भी व्यक्ति यहां से दो बार ब्लॉक प्रमुख नहीं रहा है। सुव्रत शाही पहली बार चुनाव लड़के तो दूसरी बार निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनने जा रहे हैं। क्षेत्र पंचायत पथरदेवा के ब्लॉक प्रमुख पद के निर्वाचन पर गौर करें तो यहां से रमाकांत पहले एवं देवता राय दूसरे ब्लॉक प्रमुख रहे। दोनों लोग मनोनीत हुए थे। सन 1965 में क्षेत्र पंचायत पथरदेवा के पहले निर्वाचित ब्लॉक प्रमुख हुए रवींद्र किशोर शाही, जो 1972 तक ब्लॉक प्रमुख रहे। वर्ष 1972 से सन 1982 तक विभूति नारायण सिंह पथरदेवा विकास खंड के ब्लॉक प्रमुख रहे। हरिद्वार राय वर्ष 1982-1988 तक, राम नक्षत्र यादव वर्ष 1988-1995, रमेश सिंह वर्ष 1995-2000, ब्रह्मा यादव वर्ष 2000-2005, अजय कुमार शाही वर्ष 2005-2010, प्रमिला मल्ल वर्ष 2010-2015 तक ब्लॉक प्रमुख रहीं। 50 वर्ष बाद वर्ष 2015 पुन: ब्लॉक प्रमुख पद भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही के परिवार में आ गई। वह भी तब जब प्रदेश में सपा की सरकार थी। सपा प्रत्याशी राजेंद्र सिंह को पराजित कर कृषि मंत्री के पुत्र सुव्रत शाही अपने बाबा रवींद्र किशोर शाही की विरासत को हासिल कर यहां के 11वें ब्लॉक प्रमुख बने। पुन: वर्ष 2021 में सुव्रत शाही निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित होकर इतिहास रचेंगे। पथरदेवा में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में आरओ मुज्ज्मिल अंसारी, बीडीओ आलोक सिंह लगे हैं। पर्चा दाखिला के दौरान मुरारी मोहन शाही, बेनीमाधव शुक्ल, संजय सिंह, रणधीर सिंह, नवीन सिंह, संजीत धर द्विवेदी, ओमप्रकाश शाही उपस्थित रहे।
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