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Deoria News: रुद्रपुर से जुड़े थे सुब्रत राय सहारा
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-खोखा सिंह को विधायक बनवाकर निभाया दोस्ती का फर्ज
-खोखा की पैरवी से कई लोगों की सहारा इंडिया में लगी नौकरी
रुद्रपुर। सहारा इंडिया परिवार के मालिक सुब्रत राय सहारा के निधन से रुद्रपुर के तमाम लोगों ने शोक जताया है। किसी समय देश की जानी मानी कंपनी सहारा इंडिया के मालिक रहे सहाराश्री का रुद्रपुर से विशेष नाता रहा। यहां के पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण उर्फ खोखा सिंह उनके जिगरी दोस्तों में थे। उन्होंने दोस्ती का फर्ज निभाने के लिए उन्हें वर्ष 2000 में न केवल टिकट दिलवाया, बल्कि उनको चुनाव जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
वर्ष 1998 की प्रलयंकारी बाढ़ के दौरान रुद्रपुर के बाढ़ प्रभावित गांवों में खोखा सिंह ने सहारा इंडिया के हेलिकाॅप्टर से राहत सामग्री के पैकेट गिरवाए। उनके चुनाव की कमान भी सहारा इंडिया के कर्मचारियों ने संभाली। उन्होंने खोखा का टिकट पक्का करने के लिए सीधे मुलायम सिंह यादव से बात की थी। मुलायम सिंह ने खोखा को जिताकर विधानसभा में भेजने की शर्त पर पूर्व विधायक मुक्तिनाथ का टिकट काट दिया था।
सहारा श्री के निधन का समाचार सुनते ही खोखा सिंह फफक कर रो पड़े। उन्होंने कहा कि वह यारों के यार थे, दोस्ती निभाना जानते थे। उन्होंने मेरी पैरवी पर करीब दो सौ लोगों को देशभर में सहारा इंडिया में रोजगार दिया। रुद्रपुर क्षेत्र के दर्जनों बेरोजगार युवकों को सहारा बैंकिंग सेवा और मीडिया में नौकरी मिली। उनके निधन से देश की बहुत बड़ी क्षति हुई है। निधन पर पूर्व सहारा कर्मी राजेश वर्मा, ओपी जायसवाल, दिनेश सहारा, महेश शुक्ला, सुभान अली आदि ने संवेदना प्रकट की।
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-खोखा की पैरवी से कई लोगों की सहारा इंडिया में लगी नौकरी
रुद्रपुर। सहारा इंडिया परिवार के मालिक सुब्रत राय सहारा के निधन से रुद्रपुर के तमाम लोगों ने शोक जताया है। किसी समय देश की जानी मानी कंपनी सहारा इंडिया के मालिक रहे सहाराश्री का रुद्रपुर से विशेष नाता रहा। यहां के पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण उर्फ खोखा सिंह उनके जिगरी दोस्तों में थे। उन्होंने दोस्ती का फर्ज निभाने के लिए उन्हें वर्ष 2000 में न केवल टिकट दिलवाया, बल्कि उनको चुनाव जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
वर्ष 1998 की प्रलयंकारी बाढ़ के दौरान रुद्रपुर के बाढ़ प्रभावित गांवों में खोखा सिंह ने सहारा इंडिया के हेलिकाॅप्टर से राहत सामग्री के पैकेट गिरवाए। उनके चुनाव की कमान भी सहारा इंडिया के कर्मचारियों ने संभाली। उन्होंने खोखा का टिकट पक्का करने के लिए सीधे मुलायम सिंह यादव से बात की थी। मुलायम सिंह ने खोखा को जिताकर विधानसभा में भेजने की शर्त पर पूर्व विधायक मुक्तिनाथ का टिकट काट दिया था।
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सहारा श्री के निधन का समाचार सुनते ही खोखा सिंह फफक कर रो पड़े। उन्होंने कहा कि वह यारों के यार थे, दोस्ती निभाना जानते थे। उन्होंने मेरी पैरवी पर करीब दो सौ लोगों को देशभर में सहारा इंडिया में रोजगार दिया। रुद्रपुर क्षेत्र के दर्जनों बेरोजगार युवकों को सहारा बैंकिंग सेवा और मीडिया में नौकरी मिली। उनके निधन से देश की बहुत बड़ी क्षति हुई है। निधन पर पूर्व सहारा कर्मी राजेश वर्मा, ओपी जायसवाल, दिनेश सहारा, महेश शुक्ला, सुभान अली आदि ने संवेदना प्रकट की।
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