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अब फोन करते उपलब्ध होगा स्ट्रेचर
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अब फोन करते उपलब्ध होगा स्ट्रेचर
- जिला अस्पताल प्रशासन ने की व्यवस्था
- इमरजेंसी में स्ट्रेचर के लिए जिम्मेदार होंगे प्रभारी व फार्मासिस्ट
देवरिया। बाबू मोहन सिंह जिला चिकित्सालय में इमजेंसी से ओपीडी व अस्पताल गेट से मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर की कमी है। इसकी शिकायत मिलने के बाद सीएमएस ने नई व्यवस्था बनाई है। अब अस्पताल गेट से फोन करने पर स्ट्रेचर उपलब्ध हो जाएगा। वहीं इमरजेंसी में स्ट्रेचर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रभारी व फार्मासिस्ट की होगी। इसके बाद शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी से ओपीडी में मरीज को ले जाने में तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्हें स्ट्रेचर के लिए कर्मचारियों का चक्कर लगाना पड़ता है। वहीं अस्पताल गेट से मरीज को ओपीडी में ले जाने के लिए भी लोगों को दिक्कत होती है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमएस ने नई व्यवस्था बनाई है। अब अस्पताल गेट के बगल में दीवार पर फोन नंबर लिखा होगा। जिस पर फोन करने पर स्ट्रेचर की सुविधा मरीज हो उपलब्ध हो जाएगी। इसके लिए एक वार्ड ब्वाय की जिम्मेदारी होगी। वहीं इमरजेंसी में स्ट्रेचर उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी व फार्मासिस्ट जिम्मेदार होंगे। इस व्यवस्था के लागू होने से मरीजों व तीमारदारों को सहूलियत होगी।
इस संबंध में सीएमएस आनंद मोहन वर्मा ने कहा कि स्ट्रेचर न मिलने की शिकायत मिल रही थी। इसके लिए व्यवस्था बनाई गई है। अब फोन करने पर मरीज को स्ट्रेचर उपलब्ध होगा।
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- जिला अस्पताल प्रशासन ने की व्यवस्था
- इमरजेंसी में स्ट्रेचर के लिए जिम्मेदार होंगे प्रभारी व फार्मासिस्ट
देवरिया। बाबू मोहन सिंह जिला चिकित्सालय में इमजेंसी से ओपीडी व अस्पताल गेट से मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर की कमी है। इसकी शिकायत मिलने के बाद सीएमएस ने नई व्यवस्था बनाई है। अब अस्पताल गेट से फोन करने पर स्ट्रेचर उपलब्ध हो जाएगा। वहीं इमरजेंसी में स्ट्रेचर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रभारी व फार्मासिस्ट की होगी। इसके बाद शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी से ओपीडी में मरीज को ले जाने में तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्हें स्ट्रेचर के लिए कर्मचारियों का चक्कर लगाना पड़ता है। वहीं अस्पताल गेट से मरीज को ओपीडी में ले जाने के लिए भी लोगों को दिक्कत होती है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमएस ने नई व्यवस्था बनाई है। अब अस्पताल गेट के बगल में दीवार पर फोन नंबर लिखा होगा। जिस पर फोन करने पर स्ट्रेचर की सुविधा मरीज हो उपलब्ध हो जाएगी। इसके लिए एक वार्ड ब्वाय की जिम्मेदारी होगी। वहीं इमरजेंसी में स्ट्रेचर उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी व फार्मासिस्ट जिम्मेदार होंगे। इस व्यवस्था के लागू होने से मरीजों व तीमारदारों को सहूलियत होगी।
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इस संबंध में सीएमएस आनंद मोहन वर्मा ने कहा कि स्ट्रेचर न मिलने की शिकायत मिल रही थी। इसके लिए व्यवस्था बनाई गई है। अब फोन करने पर मरीज को स्ट्रेचर उपलब्ध होगा।
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