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Deoria News: आंधी से 20 खंभे टूटे, 150 गांवों की गुल रही बत्ती
Thu, 18 Jun 2026 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 18 Jun 2026 12:26 AM IST
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तरकुलवा। मंगलवार शाम को अचानक आई आंधी से इलाके की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र के एचटी-एलटी तारों पर पेड़ और पेड़ों की डालियां गिर गईं। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि 20 बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। इससे उपकेंद्र के लगभग 150 गांवों की बिजली गुल हो गई।
पांच लाख की आबादी को उमस भरी गर्मी और अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद बिजली कर्मियों ने 18 घंटे बाद बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे पेड़ की डालियों को बिजली तारों से हटाने व टूटे खंभों की जगह दूसरे खंभों को लगाकर आपूर्ति बहाल की। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। 33/11 बिजली उपकेंद्र तरकुलवा की मेन सप्लाई कुशीनगर जिले के कसया पॉवर हाउस से होती है। इससे उपकेंद्र से जुड़े कस्बों और लगभग 150 गांवों के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है।
मंगलवार शाम करीब पांच बजे मौसम ने अचानक करवट ली और हल्की बारिश के साथ तेज आंधी शुरू हो गई। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि समूचे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हवा के झोंको से मुंडेरा बाबू, सोनहुला रामनगर, गढ़ रामपुर, मार्कण्डेय, बसंतपुर, सिसवा, नारायणपुर में लगभग 20 एचटी व एलटी के बिजली खंभे टूटकर जमीन पर गिर पड़े।
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दर्जनों पेड़ और पेड़ों की डालियां टूटकर बिजली तारों पर गिर गईं। बंजरिया फीडर के खैराट गांव में 11 हजार बोल्ट का बिजली तार टूटकर जमीन पर गिर पड़ा।
उधर, कसया पॉवर हाउस की मेन लाइन में ब्रेकडाउन हो गया, जिससे समूचे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
एसडीओ सुशांत शर्मा और जेई लवलेश सिंह कर्मचारियों की टीम को लेकर रात दो बजे तक पेट्रोलिंग कर तार पर गिरे पेड़ और डालियों को हटवाने तथा टूटे खभों को बदलकर आपूर्ति बहाल करने की कोशिश करते रहे, मगर सफलता नहीं मिली।
बुधवार की सुबह से ही बिजली कर्मियों की टीम फॉल्ट को दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करने में जुट गई। काफी मशक्कत के बाद 12 बजे के करीब उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति चालू हुई, इसके बाद लोगों ने राहत महसूस किया।
अब भी कई गांवों में टूटे बिजली के खंभों को ठीक करने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान उमस भरी गर्मी में लगभग 15 लाख की आबादी को उमस भरी गर्मी और अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। लोगों के घरों में लगे इनवर्टर डिस्चार्ज हो गए थे। पानी की टंकियां सूख गईं थीं। जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था।
अवर अभियंता लवलेश सिंह ने बताया कि उपकेंद्र के अधिकतर कस्बों और गांवों की आपूर्ति को बहाल कर दी गई है। कुछ जगहों पर खंभों को हटाकर नए खंभे लगाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही उन गांवों की बिजली आपूर्ति चालू कर दी जाएगी।
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पांच लाख की आबादी को उमस भरी गर्मी और अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद बिजली कर्मियों ने 18 घंटे बाद बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे पेड़ की डालियों को बिजली तारों से हटाने व टूटे खंभों की जगह दूसरे खंभों को लगाकर आपूर्ति बहाल की। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। 33/11 बिजली उपकेंद्र तरकुलवा की मेन सप्लाई कुशीनगर जिले के कसया पॉवर हाउस से होती है। इससे उपकेंद्र से जुड़े कस्बों और लगभग 150 गांवों के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है।
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मंगलवार शाम करीब पांच बजे मौसम ने अचानक करवट ली और हल्की बारिश के साथ तेज आंधी शुरू हो गई। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि समूचे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हवा के झोंको से मुंडेरा बाबू, सोनहुला रामनगर, गढ़ रामपुर, मार्कण्डेय, बसंतपुर, सिसवा, नारायणपुर में लगभग 20 एचटी व एलटी के बिजली खंभे टूटकर जमीन पर गिर पड़े।
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दर्जनों पेड़ और पेड़ों की डालियां टूटकर बिजली तारों पर गिर गईं। बंजरिया फीडर के खैराट गांव में 11 हजार बोल्ट का बिजली तार टूटकर जमीन पर गिर पड़ा।
उधर, कसया पॉवर हाउस की मेन लाइन में ब्रेकडाउन हो गया, जिससे समूचे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
एसडीओ सुशांत शर्मा और जेई लवलेश सिंह कर्मचारियों की टीम को लेकर रात दो बजे तक पेट्रोलिंग कर तार पर गिरे पेड़ और डालियों को हटवाने तथा टूटे खभों को बदलकर आपूर्ति बहाल करने की कोशिश करते रहे, मगर सफलता नहीं मिली।
बुधवार की सुबह से ही बिजली कर्मियों की टीम फॉल्ट को दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करने में जुट गई। काफी मशक्कत के बाद 12 बजे के करीब उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति चालू हुई, इसके बाद लोगों ने राहत महसूस किया।
अब भी कई गांवों में टूटे बिजली के खंभों को ठीक करने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान उमस भरी गर्मी में लगभग 15 लाख की आबादी को उमस भरी गर्मी और अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। लोगों के घरों में लगे इनवर्टर डिस्चार्ज हो गए थे। पानी की टंकियां सूख गईं थीं। जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था।
अवर अभियंता लवलेश सिंह ने बताया कि उपकेंद्र के अधिकतर कस्बों और गांवों की आपूर्ति को बहाल कर दी गई है। कुछ जगहों पर खंभों को हटाकर नए खंभे लगाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही उन गांवों की बिजली आपूर्ति चालू कर दी जाएगी।