{"_id":"6ab0284a49de80e1d304a02f","slug":"smugglers-have-found-a-new-route-to-transport-liquor-by-train-to-the-bihar-border-deoria-news-c-208-1-deo1049-192259-2026-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: तस्करों ने ट्रेन से बिहार बॉर्डर तक शराब पहुंचाने का नया रास्ता खोजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: तस्करों ने ट्रेन से बिहार बॉर्डर तक शराब पहुंचाने का नया रास्ता खोजा
Mon, 21 Sep 2026 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
देवरिया। बिहार में शराबबंदी के बीच अब तस्कर छोटी-छोटी खेप पहुंचाने के लिए रेलमार्ग का सहारा लेते रहे हैं। सड़क मार्ग पर पुलिस की सख्ती के बाद पैसेंजर ट्रेनों से छोटे झोलों और बैग में शराब ले जाकर सीमा के नजदीकी स्टेशनों पर उतरने के मामले सामने आ रहे हैं। बनकटा क्षेत्र में फिर तीन संदिग्धों के पास शराब मिलने से इस आशंका को बल मिला है।
देवरिया से बिहार की सीमा तक रेलमार्ग पर कई छोटे स्टेशन और हाॅल्ट पड़ते हैं। आशंका है कि तस्कर बड़ी खेप के बजाय कम मात्रा में शराब लेकर पैसेंजर ट्रेनों में सफर करते हैं और सीमा के पास के स्टेशनों पर उतरकर आगे बिहार पहुंचाने की कोशिश करते हैं। छोटी खेप होने के कारण सामान्य यात्रियों के बीच ऐसे लोगों की पहचान करना आसान नहीं होता। बनकटा क्षेत्र में तीन संदिग्धों के पास शराब मिलने के बाद रेलमार्ग से हो रही तस्करी की निगरानी की जरूरत फिर सामने आई है। खासकर बिहार सीमा की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों, छोटे रेलवे स्टेशनों और हाॅल्ट पर जांच बढ़ाने से इस तरीके से शराब ले जाने वालों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
करीब ढाई महीने में देवरिया सदर, भटनी और भाटपाररानी रेलवे स्टेशन पर लगातार शराब की खेप पकड़ी गई है। कहीं पीठ पर टंगे बैग में 40 शीशी तो कहीं ट्रॉली बैग, पिट्ठू बैग और झोलों में 90 लीटर से अधिक शराब मिली।
विज्ञापन
कई मामलों में पकड़े गए आरोपी बिहार के रहने वाले थे या पूछताछ में शराब बिहार ले जाने की बात सामने आई। इंस्पेक्टर जीआरपी राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि अवैध शराब तस्करी किसी हाल में नहीं होने दी जाएगी।
पुलिस लगातार निगरानी कर रही है जिसमें शराब तस्करी पकड़ी जा रही है। कुछ महिलाएं भी शराब तस्करी में शामिल मिली हैं। उधर जीआरपी ने शराब तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए ट्रेनों में चेकिंग अभियान तेज कर दी है। जीआरपी का कहना है कि ट्रेनों के जरिये शराब की तस्करी नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
देवरिया से बिहार की सीमा तक रेलमार्ग पर कई छोटे स्टेशन और हाॅल्ट पड़ते हैं। आशंका है कि तस्कर बड़ी खेप के बजाय कम मात्रा में शराब लेकर पैसेंजर ट्रेनों में सफर करते हैं और सीमा के पास के स्टेशनों पर उतरकर आगे बिहार पहुंचाने की कोशिश करते हैं। छोटी खेप होने के कारण सामान्य यात्रियों के बीच ऐसे लोगों की पहचान करना आसान नहीं होता। बनकटा क्षेत्र में तीन संदिग्धों के पास शराब मिलने के बाद रेलमार्ग से हो रही तस्करी की निगरानी की जरूरत फिर सामने आई है। खासकर बिहार सीमा की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों, छोटे रेलवे स्टेशनों और हाॅल्ट पर जांच बढ़ाने से इस तरीके से शराब ले जाने वालों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
करीब ढाई महीने में देवरिया सदर, भटनी और भाटपाररानी रेलवे स्टेशन पर लगातार शराब की खेप पकड़ी गई है। कहीं पीठ पर टंगे बैग में 40 शीशी तो कहीं ट्रॉली बैग, पिट्ठू बैग और झोलों में 90 लीटर से अधिक शराब मिली।
विज्ञापन
कई मामलों में पकड़े गए आरोपी बिहार के रहने वाले थे या पूछताछ में शराब बिहार ले जाने की बात सामने आई। इंस्पेक्टर जीआरपी राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि अवैध शराब तस्करी किसी हाल में नहीं होने दी जाएगी।
पुलिस लगातार निगरानी कर रही है जिसमें शराब तस्करी पकड़ी जा रही है। कुछ महिलाएं भी शराब तस्करी में शामिल मिली हैं। उधर जीआरपी ने शराब तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए ट्रेनों में चेकिंग अभियान तेज कर दी है। जीआरपी का कहना है कि ट्रेनों के जरिये शराब की तस्करी नहीं होने दी जाएगी।