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Deoria News: छह नगर निकायों ने किया 5.80 करोड़ का गड़बड़झाला, सीएजी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
Thu, 10 Aug 2023 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 10 Aug 2023 12:02 AM IST
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देवरिया। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षा (सीएजी) की जांच में जिले की छह नगर निकायों में 5.80 करोड़ का गड़बड़झाला सामने आया है। इसमें कहीं बिना काम का भुगतान किया गया है तो कहीं जिम्मेदारों ने राजस्व को लाखों की क्षति पहुंचाई है। शहर की नगर पालिका में 3.47 करोड़ की गड़बड़ी उजागर हुई है। वहीं नगर पालिका परिषद गौरा बरहज 77.62 लाख राजस्व क्षति का मामला प्रकाश में आया है। नगर पंचायत रामपुर कारखाना, मझौलीराज, रूद्रपुर, भटनी में भी स्थानीय निधि की हेरफेर की गई है।
बता दें कि स्थानीय निकायों व शासन से अनुदानित संस्थाओं की लेखा-परीक्षा के कार्यों को संपादित करने के लिए राज्य सरकार के वित्त विभाग की ओर से स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग का गठन किया गया है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2017-18 तक नगर निकायों के क्रिया कलाप की जांच रिपोर्ट सीएजी की ओर से तैयार की गई है। भुगतान मानक के अनुरूप हुआ है या नहीं, किस मद से आय हो सकती थी जिसपर निकायों ने ध्यान नहीं दिया आदि तथ्यों को सीएजी ने रिपोर्ट में समाहित किया गया है।
यहां मिलीं हैं ये खामियां:
नगर पालिका परिषद देवरिया:
शासनादेश के अनुसार 25 लाख से अधिक के ड्रेनेज के काम सीएनडीएस जल निगम के माध्यम से कराए जाने थे इसके बावजूद नगर पालिका ने 99.51 लाख का अनियमित भुगतान किया है। विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए एस्टीमेट से अधिक बिल का योग गलत लगाने एस्टीमेट से भिन्न मदों के कार्य कराने, पुराने ब्रिक्स को न घटाने आदि कारणों से 43 लाख 43 हजार का अनियमित भुगतान किया गया है। निर्माण कार्य बिलों से निर्धारित दर से कम पर रायल्टी की कटौती किए जाने तथा खनिज मूल्य के लिए कोई कटौती नहीं किए जाने के कारण 1.31 करोड़ राजस्व की क्षति हुई है। वहीं ठेकेदारों को अधिक भुगतान किया गया है। जल मूल्य व पालिका की सीमा में स्थित मोबाइल टावरों से वार्षिक शुल्क वसूली न किए जाने से 69.84 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है। अजय बरनवाल एंड एसोसिएट चार्टर्ड एकाउंटेंट फर्म को बिना निर्धारित कार्य कराए 3.93 लाख का भुगतान किया गया है।
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नगर पालिका परिषद गौराबरहज :
निर्माण कार्यों पर लेबर सेस की कटौती न होने के कारण 16.33 लाख रुपये व विभिन्न मदों की बकाया धनराशि 61.28 लाख की वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से करीब 94 लाख रुपये राजस्व की क्षति हुई है।
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नगर पंचायत रामपुर कारखाना, भटनी:
शासन की ओर से विभिन्न मदों में अनुदान की व्यवस्था दी गई है। जो धनराशि उपयोग नहीं हो पाती उसे शासन को वापस करना होता है। रामपुर कारखाना नगर पंचायत ने 33.59 लाख की धनराशि अवरूद्ध की है। नगर पंचायत भटनी में ट्रैक्टर का बीमा न कराए जाने के फलस्वरूप दुर्घटना के कारण प्रतिपूर्ति मद में राज्य वित्त आयोग से 3.17 लाख का अमान्य भुगतान किया गया है।
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नगर पंचायत मझौलीराज:
रोकड़बही व बैंक के शेष दिनांक 31 मार्च 2018 में अंतर सामने आया है। समाधान विवरणी न बन पाने से 99 लाख की गड़बड़ी हुई है। वहीं आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत मजदूरों की सेवा प्राप्त करने के लिए भुगतान की गई धनराशि पर सेवा कर जमा न किए जाने के कारण चार लाख रुपये राजस्व की क्षति हुई है।
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नगर पंचायत रुद्रपुर:
स्वीकृत निविदा जो समस्त कर सहित थी, फिर भी जीएसटी, एसजीएसटी अतिरिक्त जोड़े जाने के कारण ठेकेदार को 5.96 लाख की धनराशि अधिक भुगतान की गई है। वहीं आउट सोर्सिंग व्यवस्था के तहत मजदूरों की सेवा प्राप्त करने के लिए भुगतान की गई धनराशि पर सेवा कर नगर पंचायत की ओर से जमा न किए जाने से 9.47 लाख राजस्व की क्षति हुई है।
ये ऑडिट की आपत्तियां हैं जो मेरे पास नहीं आई हैं। जब मेरे पास यह रिपोर्ट आएगी तो आपत्तियों का निस्तारण कराया जाएगा। हालांकि यह सभी मामले पुराने हैं। - गौरव श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन।
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बता दें कि स्थानीय निकायों व शासन से अनुदानित संस्थाओं की लेखा-परीक्षा के कार्यों को संपादित करने के लिए राज्य सरकार के वित्त विभाग की ओर से स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग का गठन किया गया है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2017-18 तक नगर निकायों के क्रिया कलाप की जांच रिपोर्ट सीएजी की ओर से तैयार की गई है। भुगतान मानक के अनुरूप हुआ है या नहीं, किस मद से आय हो सकती थी जिसपर निकायों ने ध्यान नहीं दिया आदि तथ्यों को सीएजी ने रिपोर्ट में समाहित किया गया है।
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यहां मिलीं हैं ये खामियां:
नगर पालिका परिषद देवरिया:
शासनादेश के अनुसार 25 लाख से अधिक के ड्रेनेज के काम सीएनडीएस जल निगम के माध्यम से कराए जाने थे इसके बावजूद नगर पालिका ने 99.51 लाख का अनियमित भुगतान किया है। विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए एस्टीमेट से अधिक बिल का योग गलत लगाने एस्टीमेट से भिन्न मदों के कार्य कराने, पुराने ब्रिक्स को न घटाने आदि कारणों से 43 लाख 43 हजार का अनियमित भुगतान किया गया है। निर्माण कार्य बिलों से निर्धारित दर से कम पर रायल्टी की कटौती किए जाने तथा खनिज मूल्य के लिए कोई कटौती नहीं किए जाने के कारण 1.31 करोड़ राजस्व की क्षति हुई है। वहीं ठेकेदारों को अधिक भुगतान किया गया है। जल मूल्य व पालिका की सीमा में स्थित मोबाइल टावरों से वार्षिक शुल्क वसूली न किए जाने से 69.84 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है। अजय बरनवाल एंड एसोसिएट चार्टर्ड एकाउंटेंट फर्म को बिना निर्धारित कार्य कराए 3.93 लाख का भुगतान किया गया है।
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नगर पालिका परिषद गौराबरहज :
निर्माण कार्यों पर लेबर सेस की कटौती न होने के कारण 16.33 लाख रुपये व विभिन्न मदों की बकाया धनराशि 61.28 लाख की वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से करीब 94 लाख रुपये राजस्व की क्षति हुई है।
नगर पंचायत रामपुर कारखाना, भटनी:
शासन की ओर से विभिन्न मदों में अनुदान की व्यवस्था दी गई है। जो धनराशि उपयोग नहीं हो पाती उसे शासन को वापस करना होता है। रामपुर कारखाना नगर पंचायत ने 33.59 लाख की धनराशि अवरूद्ध की है। नगर पंचायत भटनी में ट्रैक्टर का बीमा न कराए जाने के फलस्वरूप दुर्घटना के कारण प्रतिपूर्ति मद में राज्य वित्त आयोग से 3.17 लाख का अमान्य भुगतान किया गया है।
नगर पंचायत मझौलीराज:
रोकड़बही व बैंक के शेष दिनांक 31 मार्च 2018 में अंतर सामने आया है। समाधान विवरणी न बन पाने से 99 लाख की गड़बड़ी हुई है। वहीं आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत मजदूरों की सेवा प्राप्त करने के लिए भुगतान की गई धनराशि पर सेवा कर जमा न किए जाने के कारण चार लाख रुपये राजस्व की क्षति हुई है।
नगर पंचायत रुद्रपुर:
स्वीकृत निविदा जो समस्त कर सहित थी, फिर भी जीएसटी, एसजीएसटी अतिरिक्त जोड़े जाने के कारण ठेकेदार को 5.96 लाख की धनराशि अधिक भुगतान की गई है। वहीं आउट सोर्सिंग व्यवस्था के तहत मजदूरों की सेवा प्राप्त करने के लिए भुगतान की गई धनराशि पर सेवा कर नगर पंचायत की ओर से जमा न किए जाने से 9.47 लाख राजस्व की क्षति हुई है।
ये ऑडिट की आपत्तियां हैं जो मेरे पास नहीं आई हैं। जब मेरे पास यह रिपोर्ट आएगी तो आपत्तियों का निस्तारण कराया जाएगा। हालांकि यह सभी मामले पुराने हैं। - गौरव श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन।