{"_id":"60f862f38ebc3e79a620f66b","slug":"sit-will-move-custody-remand-application-in-cjm-court-deoria-news-gkp402711381","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीजेएम कोर्ट में आज कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र देगी एसआईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीजेएम कोर्ट में आज कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र देगी एसआईटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीजेएम कोर्ट में आज कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र देगी एसआईटी
देवरिया। सिविल जज सीडी एफटीसी प्रथम से कस्टडी रिमांड का प्रार्थनापत्र नामंजूर होने के बाद अनुदानित विद्यालयों में फर्जी अनुमोदन के जरिए वेतन व एरियर का भुगतान कराने वाले पांचों आरोपियों की कस्टडी रिमांड के लिए एसआईटी बृहस्पतिवार को सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र देगी। बुधवार को जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई।
मंगलवार को एसआईटी के अध्यक्ष सीओ सदर श्रीयश त्रिपाठी ने सिविल जज सीडी एफटीसी प्रथम नूसरतजहां फारूखी की अदालत में जेल में बंद पांचों आरोपियों को कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कोर्ट ने इनकार कर दिया। एसआईटी बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र देने की प्रक्रिया बुधवार को पूरा कर ली गई है। एसआईटी को भरोसा है कि कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ से जनपद में व्यापक पैमाने पर अनुदानित विद्यालयों में हुए खेल का राज खुलेगा।
इनसे राज उगलवाने को एसआईटी को चाहिए रिमांड
ओम प्रकाश मिश्र निवासी अहिलवार बुर्जुग
मुन्ना यादव निवासी भटवलिया
अजीत उपाध्याय निवासी पंचवटी नगर शिवपुर गोरखपुर
राजकुमार मणि निवासी बौरडीह थाना गौरी बाजार
संजय कुमार आर्य निवासी खामपार
गायब अभिलेख बरामद कर पुलिस एसआईटी को देगी
देवरिया। बीएसए ऑफिस से कई अभिलेख गायब हैं। साजिश के तहत रजिस्टर के पन्नों को फाड़ दिया गया है। वरिष्ठ बीईओ बीरबल राम ने दो दिन पहले एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले की सेंट्रल पुलिस के चौकी प्रभारी अश्वनी कुमार सिंह को दी गई। अभी तक पुलिस की जांच में एक बात सामने आई है कि बीएसए आफिस में डिस्पैच पंजिका में जमकर हेराफेरी की गई है। 1 अप्रैल 1984 से पूर्व की डिस्पैच पंजिका व 1 अप्रैल 1987 से 13 मार्च 1989 तक की डिस्पैच पंजिका और 2010-11 तक का डिस्पैच पंजिका को इस गिरोह ने गायब कर दिया है। इस दौरान हुए फर्जी अनुमोदन को इसी पंजिका डिस्पैच कर लाखों रुपए का भुगतान और नौकरी पक्की की गई है। अब कोतवाली पुलिस गायब अभिलेखों की तलाश में जुटी हुई। बरामद होने के बाद अभिलेख एसआईटी को सौंपा जाएगा।
विज्ञापन
भूमिगत हुए फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षक
देवरिया। अनुदानित विद्यालयों में फर्जी नियुक्ति कराने वाले गिरोह की जड़े जिले में काफी मजबूत है। इस गिरोह के बचे सदस्यों और बीएसए ऑफिस के कर्मचारियों की मिलीभगत से जिले के कई विद्यालयों में खेल किया गया है। एसटीएफ के निशान पर आए कुछ अन्य भय से भूमिगत हो गए है। इनके मोबाइल नम्बरों के सहारे एसटीएफ इन पहुंचने में जुटी हुई है।
सीजेएम न्यायालय में आरोपियों के पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाएगा, ताकि मामले की जांच आगे बढ़ सके और फर्जी अनुमोदन में शामिल अन्य का नाम सामने आ सके। जांच तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। -श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सदर
विज्ञापन
देवरिया। सिविल जज सीडी एफटीसी प्रथम से कस्टडी रिमांड का प्रार्थनापत्र नामंजूर होने के बाद अनुदानित विद्यालयों में फर्जी अनुमोदन के जरिए वेतन व एरियर का भुगतान कराने वाले पांचों आरोपियों की कस्टडी रिमांड के लिए एसआईटी बृहस्पतिवार को सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र देगी। बुधवार को जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई।
मंगलवार को एसआईटी के अध्यक्ष सीओ सदर श्रीयश त्रिपाठी ने सिविल जज सीडी एफटीसी प्रथम नूसरतजहां फारूखी की अदालत में जेल में बंद पांचों आरोपियों को कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कोर्ट ने इनकार कर दिया। एसआईटी बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र देने की प्रक्रिया बुधवार को पूरा कर ली गई है। एसआईटी को भरोसा है कि कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ से जनपद में व्यापक पैमाने पर अनुदानित विद्यालयों में हुए खेल का राज खुलेगा।
विज्ञापन
इनसे राज उगलवाने को एसआईटी को चाहिए रिमांड
ओम प्रकाश मिश्र निवासी अहिलवार बुर्जुग
मुन्ना यादव निवासी भटवलिया
अजीत उपाध्याय निवासी पंचवटी नगर शिवपुर गोरखपुर
राजकुमार मणि निवासी बौरडीह थाना गौरी बाजार
संजय कुमार आर्य निवासी खामपार
गायब अभिलेख बरामद कर पुलिस एसआईटी को देगी
देवरिया। बीएसए ऑफिस से कई अभिलेख गायब हैं। साजिश के तहत रजिस्टर के पन्नों को फाड़ दिया गया है। वरिष्ठ बीईओ बीरबल राम ने दो दिन पहले एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले की सेंट्रल पुलिस के चौकी प्रभारी अश्वनी कुमार सिंह को दी गई। अभी तक पुलिस की जांच में एक बात सामने आई है कि बीएसए आफिस में डिस्पैच पंजिका में जमकर हेराफेरी की गई है। 1 अप्रैल 1984 से पूर्व की डिस्पैच पंजिका व 1 अप्रैल 1987 से 13 मार्च 1989 तक की डिस्पैच पंजिका और 2010-11 तक का डिस्पैच पंजिका को इस गिरोह ने गायब कर दिया है। इस दौरान हुए फर्जी अनुमोदन को इसी पंजिका डिस्पैच कर लाखों रुपए का भुगतान और नौकरी पक्की की गई है। अब कोतवाली पुलिस गायब अभिलेखों की तलाश में जुटी हुई। बरामद होने के बाद अभिलेख एसआईटी को सौंपा जाएगा।
विज्ञापन
भूमिगत हुए फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षक
देवरिया। अनुदानित विद्यालयों में फर्जी नियुक्ति कराने वाले गिरोह की जड़े जिले में काफी मजबूत है। इस गिरोह के बचे सदस्यों और बीएसए ऑफिस के कर्मचारियों की मिलीभगत से जिले के कई विद्यालयों में खेल किया गया है। एसटीएफ के निशान पर आए कुछ अन्य भय से भूमिगत हो गए है। इनके मोबाइल नम्बरों के सहारे एसटीएफ इन पहुंचने में जुटी हुई है।
सीजेएम न्यायालय में आरोपियों के पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाएगा, ताकि मामले की जांच आगे बढ़ सके और फर्जी अनुमोदन में शामिल अन्य का नाम सामने आ सके। जांच तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। -श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सदर