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संरक्षण गृह में पलेंगे रुक्मिणी के बच्चे
deoria
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:13 PM IST
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डीएम ने नाबालिग बच्चों को संरक्षण गृह भेजवाया।
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर क्ष्ाेत्र में गरीबी और बीमारी लड़ते हुए प्राण त्यागने वाली माहीगंज की रुक्मिणी के तीन नाबालिग बच्चों का पालन पोषण संरक्षण गृह में होगा। तहसील प्रशासन की पहल पर जिलाधिकारी ने उन्हें बालक और बालिका संरक्षण गृह भेजवाया है।
रविवार को नायब तहसीलदार डॉ संजीव कुमार दीक्षित तीनों बच्चों सूरज (12) , चंदा (8) और तारा (6) को लेकर जिलाधिकारी आवास पहुंचे। इसके बाद डीएम अनिता श्रीवास्तव ने बालिका संरक्षण गृह देवरिया की संचालक गिरिजा त्रिपाठी को दोनों बेटियों चंदा और तारा को सुपुर्द किया। सूरज बालक संरक्षण गृह के संचालक ध्रुवचंद त्रिपाठी के संरक्षण में रहेगा
माहीगंज की रहने वाली रुक्मिणी टीबी से ग्रसित थी। वह दो साल से गरीबी और बीमारी से जूझ रही थी। दो साल पहले उसके पति की भी टीबी से मौत हो गई थी। शनिवार को वह अपने दोनों बेटियों को लेकर दुग्धेश्वर नाथ मंदिर के पास निर्माणाधीन मंदिर में सो रही थी। सुबह मृत पाई गई। उसकी मौत के बाद तीन नाबालिग बच्चों का अंतिम सहारा भी खत्म हो गया। डीएम अनिता श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चे राष्ट्र के धरोहर हैं। उनके बचपन को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। सूरज, चंदा और तारा अब यतीम नहीं रहे। उनके रहने खाने और शिक्षा ग्रहण करने का इंतजाम कर दिया गया है।
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रविवार को नायब तहसीलदार डॉ संजीव कुमार दीक्षित तीनों बच्चों सूरज (12) , चंदा (8) और तारा (6) को लेकर जिलाधिकारी आवास पहुंचे। इसके बाद डीएम अनिता श्रीवास्तव ने बालिका संरक्षण गृह देवरिया की संचालक गिरिजा त्रिपाठी को दोनों बेटियों चंदा और तारा को सुपुर्द किया। सूरज बालक संरक्षण गृह के संचालक ध्रुवचंद त्रिपाठी के संरक्षण में रहेगा
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माहीगंज की रहने वाली रुक्मिणी टीबी से ग्रसित थी। वह दो साल से गरीबी और बीमारी से जूझ रही थी। दो साल पहले उसके पति की भी टीबी से मौत हो गई थी। शनिवार को वह अपने दोनों बेटियों को लेकर दुग्धेश्वर नाथ मंदिर के पास निर्माणाधीन मंदिर में सो रही थी। सुबह मृत पाई गई। उसकी मौत के बाद तीन नाबालिग बच्चों का अंतिम सहारा भी खत्म हो गया। डीएम अनिता श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चे राष्ट्र के धरोहर हैं। उनके बचपन को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। सूरज, चंदा और तारा अब यतीम नहीं रहे। उनके रहने खाने और शिक्षा ग्रहण करने का इंतजाम कर दिया गया है।
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