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दहेज हत्या में पति को उम्रकैद की सजा सुनाई
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दहेज हत्या में पति को उम्रकैद की सजा सुनाई
देवरिया। दहेज उत्पीड़न व हत्या के मामले में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही तेरह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार शुक्ल के अनुसार, रुद्रपुर थाना क्षेत्र के एकला मिश्रौलिया निवासी शिव राम पाल की बहन सरस्वती की शादी मदनपुर थाना क्षेत्र के बहसुआ गांव निवासी कन्हैया के साथ हुई थी। 22 मई 2005 को गवना में विदा होकर सरस्वती कन्हैया के घर आई।
दहेज में पचास हजार रुपये कम मिलने पर कन्हैया उनके पिता फौजदार तथा मां कलावती देवी सरस्वती को बराबर मारते पीटते रहते थे। 10 जून 2010 को कन्हैया, फौजदार तथा कलावती ने सरस्वती को मारा-पीटा तथा जहर पिला दिया। सरस्वती की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय मौके पर शिव रामपाल की 10 वर्षीय पुत्री उस समय सरस्वती की ससुराल में ही थी। घटना को देखी थी और फोन कर पिता को सूचना दी। वह सरस्वती के घर पहुंचे तथा घटना की जानकारी लेकर रुद्रपुर थाने में कन्हैया, फौजदार तथा कलावती के खिलाफ दहेज उत्पीड़न वह दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। दौरान विचारण फौजदार व कलावती की मौत हो गई। अदालत ने आरोप के स्तर पर दहेज हत्या को हत्या में तब्दील कर दिया। सुनवाई के बाद एडीजे संजय सिंह की अदालत ने घटना के एकमात्र बचे आरोपी पति कन्हैया को सोमवार को दहेज उत्पीड़न, हत्या का दोषी करार दिया। कन्हैया को उम्र कैद के साथ तेरह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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देवरिया। दहेज उत्पीड़न व हत्या के मामले में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही तेरह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार शुक्ल के अनुसार, रुद्रपुर थाना क्षेत्र के एकला मिश्रौलिया निवासी शिव राम पाल की बहन सरस्वती की शादी मदनपुर थाना क्षेत्र के बहसुआ गांव निवासी कन्हैया के साथ हुई थी। 22 मई 2005 को गवना में विदा होकर सरस्वती कन्हैया के घर आई।
दहेज में पचास हजार रुपये कम मिलने पर कन्हैया उनके पिता फौजदार तथा मां कलावती देवी सरस्वती को बराबर मारते पीटते रहते थे। 10 जून 2010 को कन्हैया, फौजदार तथा कलावती ने सरस्वती को मारा-पीटा तथा जहर पिला दिया। सरस्वती की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय मौके पर शिव रामपाल की 10 वर्षीय पुत्री उस समय सरस्वती की ससुराल में ही थी। घटना को देखी थी और फोन कर पिता को सूचना दी। वह सरस्वती के घर पहुंचे तथा घटना की जानकारी लेकर रुद्रपुर थाने में कन्हैया, फौजदार तथा कलावती के खिलाफ दहेज उत्पीड़न वह दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। दौरान विचारण फौजदार व कलावती की मौत हो गई। अदालत ने आरोप के स्तर पर दहेज हत्या को हत्या में तब्दील कर दिया। सुनवाई के बाद एडीजे संजय सिंह की अदालत ने घटना के एकमात्र बचे आरोपी पति कन्हैया को सोमवार को दहेज उत्पीड़न, हत्या का दोषी करार दिया। कन्हैया को उम्र कैद के साथ तेरह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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