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सचिव ने अपनों में ही बेच दी 1826 बोरी यूरिया
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सचिव ने अपनों में ही बेच दी 1826 बोरी यूरिया
रुद्रपुर (देवरिया)। साधन सहकारी समितियों पर यूरिया घोटाला का बड़ा मामला सामने आया है। यहां तीन साधन सहकारी समितियों का प्रभार देख रहे एक सचिव ने अपनी बीबी, बच्चों में 1826 बोरी यूरिया खपा दी। जबकि इनके नाम से इतनी यूरिया खपाने के लिए कृषि योग्य भूमि भी नहीं है। सचिव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा में केस दर्ज किया गया है।
शासन के निर्देश पर डीएम अमित किशोर ने त्रिस्तरीय जांच समिति बनाकर एक अप्रैल से 31 जुलाई तक यूरिया की बिक्री की जांच कराई। रुद्रपुर के डाला, मदनपुर तथा कोल्हुआ साधन सहकारी समिति के सचिव इंदु यादव के यहां जांच की गई तो यूरिया की बिक्री में भारी घोटाला उजागर हुआ। जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार सचिव ने घर परिवार के लोगों के नाम से यूरिया की बिक्री दिखाकर 1826 बोरी यूरिया खारिज कर दी। उसने पत्नी के नाम से 268 बोरी और बेटे के नाम से 918 बोरी यूरिया की बिक्री दिखाई है। जांच कमेटी के अनुसार परिवार के अन्य सदस्यों का आधार कार्ड लगाकर यूरिया खारिज किया गया है। लॉकडाउन के दौरान जिले के साधन सहकारी और निजी दुकानों पर यूरिया घोटाले की शिकायत मिली थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर अपर जिला सहकारी आधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने आरोपित सचिव इंदु यादव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया। कोतवाल अरुण कुमार मौर्य ने कहा कि यूरिया घोटाले के मामले में आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के दबिश दी जा रही है।
बड़का गांव के सचिव पर केस दर्ज
बरहज। यूरिया बेचने में धांधली करने वाले बड़का गांव साधन सहकारी समिति के सचिव पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को केस दर्ज किया। इसके पूर्व कई सचिवों पर कार्रवाई हो चुकी है।
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यूरिया बिक्री में सचिव और कई उर्वरक दुकानदारों ने गोलमाल किया है। केंद्रीय टीम की जांच में कालाबाजरी पकड़ में आई। बड़का गांव के सचिव श्रीनाथ पांडेय पर राजनीतिक दबाव में आए अफसर केस दर्ज कराने से परहेज कर रहे थे। डीएम तक मामला पहुंचा तो अपर जिला सहकारी अधिकारी सुनील सिंह ने थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर अनिल पांडेय ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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रुद्रपुर (देवरिया)। साधन सहकारी समितियों पर यूरिया घोटाला का बड़ा मामला सामने आया है। यहां तीन साधन सहकारी समितियों का प्रभार देख रहे एक सचिव ने अपनी बीबी, बच्चों में 1826 बोरी यूरिया खपा दी। जबकि इनके नाम से इतनी यूरिया खपाने के लिए कृषि योग्य भूमि भी नहीं है। सचिव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा में केस दर्ज किया गया है।
शासन के निर्देश पर डीएम अमित किशोर ने त्रिस्तरीय जांच समिति बनाकर एक अप्रैल से 31 जुलाई तक यूरिया की बिक्री की जांच कराई। रुद्रपुर के डाला, मदनपुर तथा कोल्हुआ साधन सहकारी समिति के सचिव इंदु यादव के यहां जांच की गई तो यूरिया की बिक्री में भारी घोटाला उजागर हुआ। जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार सचिव ने घर परिवार के लोगों के नाम से यूरिया की बिक्री दिखाकर 1826 बोरी यूरिया खारिज कर दी। उसने पत्नी के नाम से 268 बोरी और बेटे के नाम से 918 बोरी यूरिया की बिक्री दिखाई है। जांच कमेटी के अनुसार परिवार के अन्य सदस्यों का आधार कार्ड लगाकर यूरिया खारिज किया गया है। लॉकडाउन के दौरान जिले के साधन सहकारी और निजी दुकानों पर यूरिया घोटाले की शिकायत मिली थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर अपर जिला सहकारी आधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने आरोपित सचिव इंदु यादव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया। कोतवाल अरुण कुमार मौर्य ने कहा कि यूरिया घोटाले के मामले में आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के दबिश दी जा रही है।
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बड़का गांव के सचिव पर केस दर्ज
बरहज। यूरिया बेचने में धांधली करने वाले बड़का गांव साधन सहकारी समिति के सचिव पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को केस दर्ज किया। इसके पूर्व कई सचिवों पर कार्रवाई हो चुकी है।
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यूरिया बिक्री में सचिव और कई उर्वरक दुकानदारों ने गोलमाल किया है। केंद्रीय टीम की जांच में कालाबाजरी पकड़ में आई। बड़का गांव के सचिव श्रीनाथ पांडेय पर राजनीतिक दबाव में आए अफसर केस दर्ज कराने से परहेज कर रहे थे। डीएम तक मामला पहुंचा तो अपर जिला सहकारी अधिकारी सुनील सिंह ने थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर अनिल पांडेय ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।