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Deoria News: 10 वर्षों में सर्वाधिक ठंडा रहा शनिवार का दिन, खूब कंपाया
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ठंड से राहत पाने के लिए मोहल्लों में भी लोगो ने आग जलाकर ठंड दूर की।संवाद
- फोटो : DEORIA
10 वर्षों में सर्वाधिक ठंडा रहा शनिवार का दिन, खूब कंपाया
मौसम का मिजाज देख पारा और गिरने की आशंका जता रहे लोग
बर्फीली पछुआ हवाओं से पूरे दिन ठिठुरन को मजबूर रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पूरा जनपद भीषण शीतलहर की चपेट में है। शनिवार को इस सीजन का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। साथ ही पिछले 10 वर्षों में सात जनवरी का दिन सबसे ठंडा दिन रहा। रात में न्यूनतम तापमान करीब साढ़े छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। दस वर्ष पहले सात जनवरी को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट आने की आशंका है।
पछुआ हवा और शीतलहर के कारण जनपद में भीषण ठंड लगातार जारी है। पारा सीजन के अपने न्यूनतम स्तर पर सात डिग्री से और ज्यादा गिरने की ओर अग्रसर दिख रहा है। शुक्रवार को दिन में हल्की धूप निकलने से जो थोड़ी बहुत राहत महसूस हुई थी, शनिवार को काफूर हो गई। बादलों की ओट से सूर्य के निकलने का पूरे दिन इंतजार होता रहा। पूरे दिन धुंध रही। इससे लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित होने से अस्त-व्यस्त रही।
सबसे ज्यादा तकलीफ उन्हें हुई जिन्हें ऑफिस, बैंक, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित अन्य जगहों पर जाना था। घर से बाहर निकलने में ही सबकी कंपकंपी छूट गई। ठंड के चलते सप्ताह के आखिरी दिन कार्यालयों में चहल-पहल कम रही। वाहन सड़क पर चलें वह दिन में लाइट जलाकर धीरे-धीरे चले।
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रेलवे व बस स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक जगहों पर अलाव की व्यवस्था तो है, लेकिन यह मौजूद लोगों के हिसाब से पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है। ऐसे में यात्रियों के लिए ठिठुरना मजबूरी बन गई है। शहरी हो या गांव हर जगह लोग जाड़े से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था करने में ही जुटे दिख रहे हैं। खराब मौसम के कारण चौक-चौराहों पर अन्य दिनों की अपेक्षा चहल-पहल कम ही रही। जिनके घर बड़े- बुजुर्ग हैं, उन्हें इस मौसम में सेहत से जुड़ी समस्याएं प्रभावित करने लगी हैं। हर रोज टहलने वाले लोग अब बाहर निकलने में सावधानी बरत रहे हैं। अवकाश घोषित होने से अभिभावकों के लिए पाल्यों खासकर छोटे बच्चों को घर के अंदर रखना चुनौती बन गया है।
बसों में बेतरतीब ढंग से लगा शीशा दे रहे तकलीफ
देवरिया डिपो की बसों में यात्रा करना भीषण ठंड में और तकलीफदेह साबित हो रही है। अधिकतर बसों में शीशा बेतरतीब ढंग से फिट किया गया है। बसें जब चल रहीं हैं तो इनसे हवा अंदर आ रही है। इससे यात्रियों के लिए सफर करना कष्टकारी साबित हो रहा है। एसएसआई राकेश पति त्रिपाठी ने बताया कि ठंड के मौसम को देखते हुए जिन बसों में शीशा नहीं था, उन्हें पहले ही दुरुस्त करा लिया गया था। जिनमें नहीं है या टूटा हुआ है। शिकायत मिलने पर उसे ठीक कराया जाएगा।
स्पीकअप
ठंड से व्यवसाय ठप पड़ा है। ग्राहक आ ही नहीं रहे हैं। लग रहा है कि जनवरी माह बड़ी चपत लगाएगा। पिछले आठ-दस वर्षों में आज के दिन इस तरह की ठंड नहीं पड़ी थी।
-शरद अग्रवाल, व्यापारी
मंडी में व्यापारी कम आ रहे हैं। यह मौसम व्यवसाय के साथ अब खुद को भी तकलीफ दे रहा है। ठंड का यही आलम रहा तो घर बैठना पड़ेगा।
-शकील अहमद सिद्दीकी, फल के थोक व्यवसायी
मौसम लगातार व्यवसाय के लिए विपरीत बना हुआ है। फुटकर विक्रेता कह रहे हैं कि हीटिंग उपकरणों की बिक्री में अभी कुछ खास तेजी नहीं हैं।
-संजीव जायसवाल, इलेक्ट्रानिक सामान के थोक डिस्ट्रीब्यूटर
ठंड के चलते क्या आम क्या खास सभी की दिनचर्या प्रभावित हुआ है। ऑफिस आना-जाना भी चुनौती बन गया है। डर लग रहा है कि कहीं इसकी चपेट में न आ जाएं।
-वीर बहादुर गुप्ता, सरकारी कर्मचारी
फोटो
नगर में सार्वजनिक स्थानों पर हुई अलाव की व्यवस्था
भाटपाररानी। प्रशासन की ओर से नगर के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद भीषण ठंड से नगरवासियों को राहत दिलाने के लिए ईओ प्रमोद गुप्ता ने स्वयं मोर्चा संभाला तथा नगर में रेलवे स्टेशन, तहसील परिसर, दुर्गा मंदिर, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड आदि स्थानों पर अलाव जलवाया। इससे नगरवासियों और आने-जाने वाले लोगों ने राहत महसूस की। ईओ प्रमोद गुप्ता ने बताया कि अलाव की व्यवस्था की गई है।
फोटो समाचार
सर्द मौसम में सितम ढा रही पछुआ हवा, अलाव बना सहारा
बरहज। नगर-क्षेत्र में बर्फीली हवा लोगों पर सितम ढा रही है। लोगों के लिए अलाव सहारा बना हुआ है। हालांकि गांव-चौराहों पर अलाव आदि का समुचित प्रबंधन न होने के कारण लोग कागज आदि जलाकर ठंड दूर करते देखे जा रहे हैं। इंतजामात को लेकर जिम्मेदार बजट का रोना रोते दिखाई दे रहे हैं। एक पखवारे से मौसम सही होने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ जगहों पर अलाव जलवाकर जिम्मेदारों ने अपने कार्य की इतिश्री कर लीं। सुबह घर से निकले दिहाड़ी मजदूर भी काम नहीं मिलने पर निराश लौट रहे हैं। एसडीएम गजेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम को देखते हुए अलाव के लिए जिम्मेदारों को निर्देश दिए गए हैं।
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मौसम का मिजाज देख पारा और गिरने की आशंका जता रहे लोग
बर्फीली पछुआ हवाओं से पूरे दिन ठिठुरन को मजबूर रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पूरा जनपद भीषण शीतलहर की चपेट में है। शनिवार को इस सीजन का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। साथ ही पिछले 10 वर्षों में सात जनवरी का दिन सबसे ठंडा दिन रहा। रात में न्यूनतम तापमान करीब साढ़े छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। दस वर्ष पहले सात जनवरी को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट आने की आशंका है।
पछुआ हवा और शीतलहर के कारण जनपद में भीषण ठंड लगातार जारी है। पारा सीजन के अपने न्यूनतम स्तर पर सात डिग्री से और ज्यादा गिरने की ओर अग्रसर दिख रहा है। शुक्रवार को दिन में हल्की धूप निकलने से जो थोड़ी बहुत राहत महसूस हुई थी, शनिवार को काफूर हो गई। बादलों की ओट से सूर्य के निकलने का पूरे दिन इंतजार होता रहा। पूरे दिन धुंध रही। इससे लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित होने से अस्त-व्यस्त रही।
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सबसे ज्यादा तकलीफ उन्हें हुई जिन्हें ऑफिस, बैंक, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित अन्य जगहों पर जाना था। घर से बाहर निकलने में ही सबकी कंपकंपी छूट गई। ठंड के चलते सप्ताह के आखिरी दिन कार्यालयों में चहल-पहल कम रही। वाहन सड़क पर चलें वह दिन में लाइट जलाकर धीरे-धीरे चले।
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रेलवे व बस स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक जगहों पर अलाव की व्यवस्था तो है, लेकिन यह मौजूद लोगों के हिसाब से पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है। ऐसे में यात्रियों के लिए ठिठुरना मजबूरी बन गई है। शहरी हो या गांव हर जगह लोग जाड़े से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था करने में ही जुटे दिख रहे हैं। खराब मौसम के कारण चौक-चौराहों पर अन्य दिनों की अपेक्षा चहल-पहल कम ही रही। जिनके घर बड़े- बुजुर्ग हैं, उन्हें इस मौसम में सेहत से जुड़ी समस्याएं प्रभावित करने लगी हैं। हर रोज टहलने वाले लोग अब बाहर निकलने में सावधानी बरत रहे हैं। अवकाश घोषित होने से अभिभावकों के लिए पाल्यों खासकर छोटे बच्चों को घर के अंदर रखना चुनौती बन गया है।
बसों में बेतरतीब ढंग से लगा शीशा दे रहे तकलीफ
देवरिया डिपो की बसों में यात्रा करना भीषण ठंड में और तकलीफदेह साबित हो रही है। अधिकतर बसों में शीशा बेतरतीब ढंग से फिट किया गया है। बसें जब चल रहीं हैं तो इनसे हवा अंदर आ रही है। इससे यात्रियों के लिए सफर करना कष्टकारी साबित हो रहा है। एसएसआई राकेश पति त्रिपाठी ने बताया कि ठंड के मौसम को देखते हुए जिन बसों में शीशा नहीं था, उन्हें पहले ही दुरुस्त करा लिया गया था। जिनमें नहीं है या टूटा हुआ है। शिकायत मिलने पर उसे ठीक कराया जाएगा।
स्पीकअप
ठंड से व्यवसाय ठप पड़ा है। ग्राहक आ ही नहीं रहे हैं। लग रहा है कि जनवरी माह बड़ी चपत लगाएगा। पिछले आठ-दस वर्षों में आज के दिन इस तरह की ठंड नहीं पड़ी थी।
-शरद अग्रवाल, व्यापारी
मंडी में व्यापारी कम आ रहे हैं। यह मौसम व्यवसाय के साथ अब खुद को भी तकलीफ दे रहा है। ठंड का यही आलम रहा तो घर बैठना पड़ेगा।
-शकील अहमद सिद्दीकी, फल के थोक व्यवसायी
मौसम लगातार व्यवसाय के लिए विपरीत बना हुआ है। फुटकर विक्रेता कह रहे हैं कि हीटिंग उपकरणों की बिक्री में अभी कुछ खास तेजी नहीं हैं।
-संजीव जायसवाल, इलेक्ट्रानिक सामान के थोक डिस्ट्रीब्यूटर
ठंड के चलते क्या आम क्या खास सभी की दिनचर्या प्रभावित हुआ है। ऑफिस आना-जाना भी चुनौती बन गया है। डर लग रहा है कि कहीं इसकी चपेट में न आ जाएं।
-वीर बहादुर गुप्ता, सरकारी कर्मचारी
फोटो
नगर में सार्वजनिक स्थानों पर हुई अलाव की व्यवस्था
भाटपाररानी। प्रशासन की ओर से नगर के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद भीषण ठंड से नगरवासियों को राहत दिलाने के लिए ईओ प्रमोद गुप्ता ने स्वयं मोर्चा संभाला तथा नगर में रेलवे स्टेशन, तहसील परिसर, दुर्गा मंदिर, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड आदि स्थानों पर अलाव जलवाया। इससे नगरवासियों और आने-जाने वाले लोगों ने राहत महसूस की। ईओ प्रमोद गुप्ता ने बताया कि अलाव की व्यवस्था की गई है।
फोटो समाचार
सर्द मौसम में सितम ढा रही पछुआ हवा, अलाव बना सहारा
बरहज। नगर-क्षेत्र में बर्फीली हवा लोगों पर सितम ढा रही है। लोगों के लिए अलाव सहारा बना हुआ है। हालांकि गांव-चौराहों पर अलाव आदि का समुचित प्रबंधन न होने के कारण लोग कागज आदि जलाकर ठंड दूर करते देखे जा रहे हैं। इंतजामात को लेकर जिम्मेदार बजट का रोना रोते दिखाई दे रहे हैं। एक पखवारे से मौसम सही होने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ जगहों पर अलाव जलवाकर जिम्मेदारों ने अपने कार्य की इतिश्री कर लीं। सुबह घर से निकले दिहाड़ी मजदूर भी काम नहीं मिलने पर निराश लौट रहे हैं। एसडीएम गजेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम को देखते हुए अलाव के लिए जिम्मेदारों को निर्देश दिए गए हैं।