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Deoria News: देवसिया गांव के पास स्पर बंधे के पास सरयू कर रही कटान
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भागलपुर के देवसिया गांव के सामने बने स्पर बन्धे के पास कटान करती सरयू नदी
करोड़ों खर्च के बावजूद नहीं मिली कटान से निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। कटान से बचाव के लिए भागलपुर ब्लॉक के छित्तूपुर और देवसिया में बीते वर्षों में बाढ़ विभाग ने कई करोड़ खर्च किए। राहत तो मिली, लेकिन स्थायी निजात नहीं मिल सकी। स्पर बंधे के पास ही कटान शुरू हो गया है।
भागलपुर ब्लॉक के देवसिया, छित्तूपुर में वर्ष 2001 में सरयू नदी ने कटान शुरू किया, जिसमें इन पंचायतों के पचास प्रतिशत किसानों को सरयू ने भूमि विहीन कर दिया। सरयू रौद्र रूप दिखाते हुए दो किमी तक करीब पांच सौ बीघा जमीन को अपने आगोश में लेते हुए भागलपुर मईल मार्ग बंधे के पास पहुंच गई, तब विभाग की नींद खुली और 2012 में 2 करोड़ की लागत से छित्तूपुर और भागलपुर में तीन स्पर बंधे बनाए गए। उसके बाद देवसिया गांव के पास 5 करोड़ की लागत से कटान रोकने के लिए कार्य कराए गए। फिर 2019 में 4 करोड़ की लागत से दो स्पर बंधे बनाए गए, लेकिन स्पर बंधे के पास ही कटान शुरू हो गया है। प्रधान रंजना सिंह, बृजभूषण यादव, लालमोहर प्रसाद का कहना है कि यह खर्च क्या मायने रखता है। आज भी करोड़ों खर्च के बाद कटान हो रहा है। बाढ़ विभाग के अपर अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि जहां कटान हो रहा है, उस जगह को चिह्नित किया जा रहा है और कटान रोकने के लिए पेड़ की टहनी डाली जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। कटान से बचाव के लिए भागलपुर ब्लॉक के छित्तूपुर और देवसिया में बीते वर्षों में बाढ़ विभाग ने कई करोड़ खर्च किए। राहत तो मिली, लेकिन स्थायी निजात नहीं मिल सकी। स्पर बंधे के पास ही कटान शुरू हो गया है।
भागलपुर ब्लॉक के देवसिया, छित्तूपुर में वर्ष 2001 में सरयू नदी ने कटान शुरू किया, जिसमें इन पंचायतों के पचास प्रतिशत किसानों को सरयू ने भूमि विहीन कर दिया। सरयू रौद्र रूप दिखाते हुए दो किमी तक करीब पांच सौ बीघा जमीन को अपने आगोश में लेते हुए भागलपुर मईल मार्ग बंधे के पास पहुंच गई, तब विभाग की नींद खुली और 2012 में 2 करोड़ की लागत से छित्तूपुर और भागलपुर में तीन स्पर बंधे बनाए गए। उसके बाद देवसिया गांव के पास 5 करोड़ की लागत से कटान रोकने के लिए कार्य कराए गए। फिर 2019 में 4 करोड़ की लागत से दो स्पर बंधे बनाए गए, लेकिन स्पर बंधे के पास ही कटान शुरू हो गया है। प्रधान रंजना सिंह, बृजभूषण यादव, लालमोहर प्रसाद का कहना है कि यह खर्च क्या मायने रखता है। आज भी करोड़ों खर्च के बाद कटान हो रहा है। बाढ़ विभाग के अपर अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि जहां कटान हो रहा है, उस जगह को चिह्नित किया जा रहा है और कटान रोकने के लिए पेड़ की टहनी डाली जा रही है।
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