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सांसत : पाट दिए नाले, कैसे बहे बारिश का पानी
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सड़कों पर लगे पानी के बीच दुकानें लगाना और आवाजाही करना हुई मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। नगर-क्षेत्र के चौराहों पर जलनिकासी के लिए बनाए गए नाले अधिकांश जगहों पर पाट दिए गए हैं। जलनिकासी का समुचित प्रबंध न होने और पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश से चौराहों पर पानी लग गया है। जिससे बारिश के पानी के बीच दुकानें लगाना और लोगों का आवाजाही करना मजबूरी हो गई है। जिससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
बृहस्पतिवार देर रात मानसून के दस्तक देने के बाद से बारिश शुरु हो गई है। बीते दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जलनिकासी का विशेष प्रबंध न होने के कारण जगह-जगह जमा हो गई है। चारों ओर पानी ही पानी हो गया है। लोगों के अनुसार कपरवार, बरांव आदि चौराहों पर पूर्व में जलनिकासी के लिए नाला का निर्माण कराया गया था। जिसे पाट दिया गया है। जिससे चौराहों पर करीब एक फीट पानी लग गया है। कपरवार में साधन सहकारी समिति के अंदर पानी घुस गया है। चौराहों पर जलभराव के कारण पटरी व्यवसायियों को पानी के बीच दुकानें लगानी पड़ रही हैं। वहीं जरूरत के सामानों की खरीदारी के लिए लोगों का पानी के बीच से आवाजाही करना मजबूरी है। नालों को पाट लेने और जलभराव से लोगों में रोष है। एसडीएम योगेश कुमार ने बताया कि जलनिकासी के प्रबंध के लिए संबंधितों को निर्देशित कर समुचित व्यवस्था कराई जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। नगर-क्षेत्र के चौराहों पर जलनिकासी के लिए बनाए गए नाले अधिकांश जगहों पर पाट दिए गए हैं। जलनिकासी का समुचित प्रबंध न होने और पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश से चौराहों पर पानी लग गया है। जिससे बारिश के पानी के बीच दुकानें लगाना और लोगों का आवाजाही करना मजबूरी हो गई है। जिससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
बृहस्पतिवार देर रात मानसून के दस्तक देने के बाद से बारिश शुरु हो गई है। बीते दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जलनिकासी का विशेष प्रबंध न होने के कारण जगह-जगह जमा हो गई है। चारों ओर पानी ही पानी हो गया है। लोगों के अनुसार कपरवार, बरांव आदि चौराहों पर पूर्व में जलनिकासी के लिए नाला का निर्माण कराया गया था। जिसे पाट दिया गया है। जिससे चौराहों पर करीब एक फीट पानी लग गया है। कपरवार में साधन सहकारी समिति के अंदर पानी घुस गया है। चौराहों पर जलभराव के कारण पटरी व्यवसायियों को पानी के बीच दुकानें लगानी पड़ रही हैं। वहीं जरूरत के सामानों की खरीदारी के लिए लोगों का पानी के बीच से आवाजाही करना मजबूरी है। नालों को पाट लेने और जलभराव से लोगों में रोष है। एसडीएम योगेश कुमार ने बताया कि जलनिकासी के प्रबंध के लिए संबंधितों को निर्देशित कर समुचित व्यवस्था कराई जाएगी।
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