{"_id":"6ab174a3ae29a060b20e9b0a","slug":"rs-351-lakh-swindled-under-the-pretext-of-study-abroad-opportunities-deoria-news-c-208-1-deo1049-192371-2026-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: विदेश में पढ़ाई का झांसा देकर 3.51 लाख हड़पे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: विदेश में पढ़ाई का झांसा देकर 3.51 लाख हड़पे
Mon, 21 Sep 2026 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:47 PM IST
विज्ञापन
देवरिया। विदेश में भाषा पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराने झांसा देकर एक युवक और उसकी मां से 3.51 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। अदालत के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने हरियाणा निवासी कंसल्टेंसी कंपनी के निदेशक और उसके मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी व धमकी देने की प्राथमिकी दर्ज की है।
शहर के भटवलिया निवासी शकुंतला देवी ने न्यायालय को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका बेटा अमर जायसवाल ने हाईस्कूल पास करने के बाद कंप्यूटर साइंस में पॉलिटेक्निक डिप्लोमा किया है और वह रोजगार की तलाश कर रहा था।
इसी दौरान मोबाइल पर जानकारी देखते समय उसका संपर्क बंगलूरू स्थित ‘हेवेन एब्रॉड कंसल्टेंसी सर्विसेज’ के निदेशक सुमित कुमार से हुआ। कंपनी ने रूस, बेलारूस समेत अन्य देशों में उच्च शिक्षा और पाठ्यक्रम दिलाने का दावा किया था।
विज्ञापन
आरोप है कि निदेशक सुमित कुमार ने पहले पंजीकरण शुल्क के नाम पर एक हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद मॉस्को में भाषा पाठ्यक्रम में प्रवेश और हवाई टिकट के नाम पर कुल 3.50 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित अमर ने 19 जुलाई 2025 को क्यूआर कोड के जरिए 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद शकुंतला देवी ने 16 सितंबर 2025 को अपने बैंक खाते से कंपनी के मैनेजर डी. सुहेल के खाते में एक लाख रुपये और 18 सितंबर को आरटीजीएस के माध्यम से दो लाख रुपये भेजे। इसके अलावा सुमित के बताए खाते में 16 अक्तूबर को 10 हजार रुपये और जमा कराए गए।
पीड़िता के अनुसार, कुल 3.51 लाख रुपये ऐंठने के बावजूद कंसल्टेंसी संचालकों ने वह रकम मॉस्को की संबंधित यूनिवर्सिटी में जमा नहीं की। कागजी प्रक्रिया के तहत वीजा मिल गया था, लेकिन यूनिवर्सिटी की फीस न जमा होने के कारण अमर रूस जाकर अपनी पढ़ाई शुरू नहीं कर सका।
जब मां-बेटे ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगे और 20 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने फोन पर मां-बेटे को धमकी दी।
न्यायालय के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने हरियाणा के हिसार जिले के सेक्टर 9-11 निवासी कंपनी निदेशक सुमित कुमार और मैनेजर डी. सुहेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन
शहर के भटवलिया निवासी शकुंतला देवी ने न्यायालय को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका बेटा अमर जायसवाल ने हाईस्कूल पास करने के बाद कंप्यूटर साइंस में पॉलिटेक्निक डिप्लोमा किया है और वह रोजगार की तलाश कर रहा था।
विज्ञापन
इसी दौरान मोबाइल पर जानकारी देखते समय उसका संपर्क बंगलूरू स्थित ‘हेवेन एब्रॉड कंसल्टेंसी सर्विसेज’ के निदेशक सुमित कुमार से हुआ। कंपनी ने रूस, बेलारूस समेत अन्य देशों में उच्च शिक्षा और पाठ्यक्रम दिलाने का दावा किया था।
विज्ञापन
आरोप है कि निदेशक सुमित कुमार ने पहले पंजीकरण शुल्क के नाम पर एक हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद मॉस्को में भाषा पाठ्यक्रम में प्रवेश और हवाई टिकट के नाम पर कुल 3.50 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित अमर ने 19 जुलाई 2025 को क्यूआर कोड के जरिए 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद शकुंतला देवी ने 16 सितंबर 2025 को अपने बैंक खाते से कंपनी के मैनेजर डी. सुहेल के खाते में एक लाख रुपये और 18 सितंबर को आरटीजीएस के माध्यम से दो लाख रुपये भेजे। इसके अलावा सुमित के बताए खाते में 16 अक्तूबर को 10 हजार रुपये और जमा कराए गए।
पीड़िता के अनुसार, कुल 3.51 लाख रुपये ऐंठने के बावजूद कंसल्टेंसी संचालकों ने वह रकम मॉस्को की संबंधित यूनिवर्सिटी में जमा नहीं की। कागजी प्रक्रिया के तहत वीजा मिल गया था, लेकिन यूनिवर्सिटी की फीस न जमा होने के कारण अमर रूस जाकर अपनी पढ़ाई शुरू नहीं कर सका।
जब मां-बेटे ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगे और 20 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने फोन पर मां-बेटे को धमकी दी।
न्यायालय के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने हरियाणा के हिसार जिले के सेक्टर 9-11 निवासी कंपनी निदेशक सुमित कुमार और मैनेजर डी. सुहेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।