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Deoria News: रूट डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था ने दी राहत
Sat, 23 May 2026 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 23 May 2026 12:00 AM IST
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रामपुर कारखाना। बड़े नेताओं की जनसभा होने पर सड़क पर जाम की समस्या सबसे गंभीर होती है। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब भीड़ निकलती है तो लोग घंटे फंसे रहते हैं। इससे कार्यक्रम में शामिल लोगों के अलावा राहगीरों को भी काफी दिक्कत होती है। भीमपुर में आयोजित मुख्यमंत्री का कार्यक्रम इस मायने में एकदम अलग रहा। प्रशासन ने रूट डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था को केवल कागजी नहीं बल्कि जमीनी हकीकत में तब्दील किया। इसका ही नतीजा था कि कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने में कहीं कोई दिक्कत नहीं हुई। कार्यक्रम खत्म होने के आधे घंटे के भीतर देवरिया-कसया मुख्य मार्ग पर आवागमन आम दिनों की तरह सामान्य दिखा।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्थल देवरिया-कसया रोड के किनारे ही था। इस टू लेन सड़क पर दोनों तरफ सरकारी और निजी गोदाम हैं, जहां हमेशा ही ट्रकों के चलते जाम रहता है। जिला प्रशासन ने सबसे पहले तो कार्यक्रम का मुख्य पंडाल सड़क से थोड़ा पीछे रखा और सड़क के किनारे का पूरा हिस्सा खुला रखा। इसके अलावा कार्यक्रम में आने वाले हर क्षेत्र के लोगों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल तय किया, जिससे कि अनावश्यक भागदौड़ न हो। मेन रोड पर कार्यक्रम स्थल से करीब 12 किलोमीटर पहले कंचनपुर से ही वाहनों को डायवर्ट करके देवरिया के पूर्वी हिस्से भिखमपुर रोड व सोनू घाट की तरफ से भेजा गया। इससे कुशीनगर और बिहार की तरफ से आने वाली ऐसी गाड़ियां, जिनको कार्यक्रम स्थल पर नहीं जाना था, उन्हें रोक दिया गया। प्रशासन ने अपनी प्लानिंग का सख्ती से पालन भी कराया। इसी का नतीजा रहा कि इतना बड़ा कार्यक्रम होने के बावजूद कहीं जाम नहीं लगा।
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सड़क पर खड़ी कर्मचारियों की गाड़ियों को उठा ले गए थाने
कार्यक्रम स्थल भीमपुर के पास कुछ कर्मचारियों की गाड़ियां सड़क के किनारे खड़ी थीं। मुख्यमंत्री के आने से पहले ही कर्मचारियों को गाड़ियां पार्किंग स्थल में लगाने का सुझाव दिया गया था। अधिकांश लोगों ने पार्किंग में ही अपनी गाड़ियां खड़ी की थीं, लेकिन आठ-10 गाड़ियां दुकान व पेड़ की आड़ में खड़ी की गई थीं। इसे देखकर वहां कुछ पुलिस वालों ने भी अपनी गाड़ियां लगा दी थीं। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर उतरने से कुछ ही मिनट पहले इन बाइक को पुलिस ने उठाकर देवरिया कोतवाली और रामपुर कारखाना थाने भेज दिया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब ड्यूटी में लगे कर्मचारी बाहर निकले तो बाइक गायब देख हक्का-बक्का रह गए। बाद में वहां ड्यूटी दे रहे पुलिस के जवानों ने बताया कि कुछ बाइक थाने भेजी गई हैं। इसके बाद ये लोग देवरिया से रामपुर कारखाना थाने तक दौड़े। अपनी गाड़ी पहचानने के बाद उसके कागजात और पहचान पत्र दिखाकर देर शाम ले गए।
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मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्थल देवरिया-कसया रोड के किनारे ही था। इस टू लेन सड़क पर दोनों तरफ सरकारी और निजी गोदाम हैं, जहां हमेशा ही ट्रकों के चलते जाम रहता है। जिला प्रशासन ने सबसे पहले तो कार्यक्रम का मुख्य पंडाल सड़क से थोड़ा पीछे रखा और सड़क के किनारे का पूरा हिस्सा खुला रखा। इसके अलावा कार्यक्रम में आने वाले हर क्षेत्र के लोगों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल तय किया, जिससे कि अनावश्यक भागदौड़ न हो। मेन रोड पर कार्यक्रम स्थल से करीब 12 किलोमीटर पहले कंचनपुर से ही वाहनों को डायवर्ट करके देवरिया के पूर्वी हिस्से भिखमपुर रोड व सोनू घाट की तरफ से भेजा गया। इससे कुशीनगर और बिहार की तरफ से आने वाली ऐसी गाड़ियां, जिनको कार्यक्रम स्थल पर नहीं जाना था, उन्हें रोक दिया गया। प्रशासन ने अपनी प्लानिंग का सख्ती से पालन भी कराया। इसी का नतीजा रहा कि इतना बड़ा कार्यक्रम होने के बावजूद कहीं जाम नहीं लगा।
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सड़क पर खड़ी कर्मचारियों की गाड़ियों को उठा ले गए थाने
कार्यक्रम स्थल भीमपुर के पास कुछ कर्मचारियों की गाड़ियां सड़क के किनारे खड़ी थीं। मुख्यमंत्री के आने से पहले ही कर्मचारियों को गाड़ियां पार्किंग स्थल में लगाने का सुझाव दिया गया था। अधिकांश लोगों ने पार्किंग में ही अपनी गाड़ियां खड़ी की थीं, लेकिन आठ-10 गाड़ियां दुकान व पेड़ की आड़ में खड़ी की गई थीं। इसे देखकर वहां कुछ पुलिस वालों ने भी अपनी गाड़ियां लगा दी थीं। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर उतरने से कुछ ही मिनट पहले इन बाइक को पुलिस ने उठाकर देवरिया कोतवाली और रामपुर कारखाना थाने भेज दिया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब ड्यूटी में लगे कर्मचारी बाहर निकले तो बाइक गायब देख हक्का-बक्का रह गए। बाद में वहां ड्यूटी दे रहे पुलिस के जवानों ने बताया कि कुछ बाइक थाने भेजी गई हैं। इसके बाद ये लोग देवरिया से रामपुर कारखाना थाने तक दौड़े। अपनी गाड़ी पहचानने के बाद उसके कागजात और पहचान पत्र दिखाकर देर शाम ले गए।
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