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Deoria News: राप्ती का जलस्तर बढ़ने से मार्ग जलमग्न, आवागमन बाधित
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मार्ग पर चढ़ा बाढ़ का पानी।
बरहज। पिछले 24 घंटे से सरयू और राप्ती नदी का जलस्तर स्थिर है। सरयू खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर नीचे 65.50, जबकि राप्ती 66.45 मीटर पर बह रही है।
भदिला प्रथम गांव का नेतवार पट्टी से आने वाला मार्ग जलमग्न हो गया है। जिससे गांव में जाने के लिए एक तरफ से रास्ता अवरूद्ध हो गया है। जलस्तर थमने के बाद भी तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बरकरार है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश और नेपाल के बैराज से छोड़े गए पानी से सरयू और राप्ती में सैलाब उमड़ आया है। नदी रोजाना तेजी से बढ़त बना रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण जहां बाढ़ जैसी संभावना प्रबल हो रही है वहीं सरयू दियारा क्षेत्र में मोहन सेतु के निकट, जबकि राप्ती भदिला प्रथम गांव के निकट गोरखपुर जनपद के जगदीशपुर के अगलगउवा गांव के समीप कटान कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार गोरखपुर की ओर से कटान रोधी कार्य कराया जा रहा है।
मोहन सेतु के निकट विभाग पेड़ों की डालियों आदि से कटान रोकने के प्रयास में जुटा है। नदी के जलस्तर में स्थिरता आने से कुछ हद तक राहत महसूस की जा रही है लेकिन लोगों की चिंता अभी भी बरकरार है।
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भदिला प्रथम गांव का नेतवार पट्टी से आने वाला मार्ग जलमग्न हो गया है। जिससे गांव में जाने के लिए एक तरफ से रास्ता अवरूद्ध हो गया है। जलस्तर थमने के बाद भी तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बरकरार है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश और नेपाल के बैराज से छोड़े गए पानी से सरयू और राप्ती में सैलाब उमड़ आया है। नदी रोजाना तेजी से बढ़त बना रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण जहां बाढ़ जैसी संभावना प्रबल हो रही है वहीं सरयू दियारा क्षेत्र में मोहन सेतु के निकट, जबकि राप्ती भदिला प्रथम गांव के निकट गोरखपुर जनपद के जगदीशपुर के अगलगउवा गांव के समीप कटान कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार गोरखपुर की ओर से कटान रोधी कार्य कराया जा रहा है।
मोहन सेतु के निकट विभाग पेड़ों की डालियों आदि से कटान रोकने के प्रयास में जुटा है। नदी के जलस्तर में स्थिरता आने से कुछ हद तक राहत महसूस की जा रही है लेकिन लोगों की चिंता अभी भी बरकरार है।
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