फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Respiratory patients are facing problems due to change in weather, stay alert

Deoria News: मौसम बदलने से सांस के मरीजों काे हो रही दिक्कत, रहें सतर्क

Fri, 26 Jul 2024 12:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jul 2024 12:42 AM IST
विज्ञापन
Respiratory patients are facing problems due to change in weather, stay alert
- एलर्जी से पीड़ित को लापरवाही पड़ रही भारी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मौसम बदलने से सांस की समस्या से ग्रसित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। गर्म हवा के अंदर सांस की नली में सूजन से दिक्कत बढ़ रही है। साथ ही एलर्जी से लोग पीड़ित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में मरीजों संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। पहले 50 मरीज आते थे, इस समय 100 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर इलाज के साथ सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम में बदलाव का असर सांस और एलर्जी के मरीजों पर पड़ता है। थोड़ी सी लापरवाही उन पर भारी पड़ती है। बारिश के बाद गर्मी बढ़ने से नली में सूजन होने से सांस, अस्थमा के पीड़ितों की परेशानी बढ़ रही है। जबकि एलर्जी से पीड़ित को नाक से पानी, आंख में खुजली आदि की समस्या होती है। इधर बारिश न होने और गर्मी के कारण लोगों की दिक्कत बढ़ रही है। इस तरह के मरीजों की संख्या में इन दिनों बढ़ रही है। सांस से पीड़ित मरीजों को लेकर तीमारदार पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज के चेस्ट व टीबी विभाग की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। सांस फूलने से पीड़ित लोगों को लेकर तीमारदार पहुंच रहे हैं, जबकि छींक, आंख से पानी आने की शिकायत लेकर भी लोग पहुंचे थे। विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग शुक्ला ने बृहस्पतिवार को करीब 135 मरीजों का इलाज किया, जबकि सोमवार को 110, मंगलवार को 122, बुधवार को 131 मरीजों का इलाज किया। इसमें सांस, अस्थमा व एलर्जी से पीड़ित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------
गहरी सांस लेकर छोड़ने से फेफड़ा होता है मजबूत
स्वस्थ रहने के लिए हर व्यक्ति को योग व हल्का व्यायाम करना चाहिए। साथ ही गहरी सांस लेकर दस सेकेंड तक रोंके, उसके बाद नाक से उसे छोड़ें। इससे फेफड़ा मजबूत रहता है। सांस के मरीजों को यह जरूर करना चाहिए।

-----------
मौसम बदलने से बारिश के बाद गर्मी बढ़ने पर पर सांस के मरीजों की दिक्कत बढ़ जाती है। वहीं ट्रिगर फैक्टर अटैक करते हैं। थोड़ी सी लापरवाही की वजह से अस्थमा के पुराने मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। गर्म हवा अंदर जाने से नली में सूजन हो जाता है, जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है। वहीं धूल, नमी, चिपचिपाहट, ठंडे पेय पदार्थ से एलर्जी पीड़ित लोगों को समस्या होती है। उनके नाक व आंख में खुजली, पानी आता है। कुछ के सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, कभी-कभी थकान भी महसूस होता है। पीड़ित से दूरी बनाकर रहना चाहिए। उसके छींकने से सामने वाला भी संक्रमित हो सकता है। इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए। परेशानी होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए।
-डॉ. अनुराग शुक्ला, विभागाध्यक्ष, चेस्ट व टीबी विभाग, मेडिकल काॅलेज
-----------------
यह बरतें सावधानी
- गर्मी में काटन का ढीला कपड़ा पहनें
- सांस, एलर्जी के मरीज मास्क लगा कर बाहर निकलें
- परेशानी शुरू होने पर गुनगुना पानी पिएं
- छींकते समय मुंह पर रुमाल व हाथ लगाएं
- तला, मसाला, दही, घी का कम सेवन करें
- मरीज चाय, काफी, काढा न पीएं
-सांस के मरीज अचार, चटनी, पापड़, चिकन के सेवन से परहेज करें
- भोजन हाथ धोकर करें, सफाई पर ध्यान दें
- नियमित दवा व इन्हेलर लें
- योग, प्राणायाम करें
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed