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Deoria News: दिल में छिपे रावण का संहार होना चाहिए...
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-कवि सम्मेलन में रचनाकारों ने बिखेरा जलवा
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापपुर। फुलवरिया प्रखंड के जटहां चौराहा पर दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में रविवार की रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें रचनाकारों ने अपनी रचनाएं सुनाकर जलवा बिखेरा। कवि व शायर मकसूद अहमद भोपतपुरी ने अपनी रचना...आदमी से आदमी को प्यार होना चाहिए, दिल में छिपे रावण का संहार होना चाहिए...प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी।
फुलवरिया थानाध्यक्ष अब्दुल मजीद ने बेटियों की महत्ता को रेखांकित करते हुए अपनी रचना प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। परमानंद परदेशी ने देशप्रेम से भरपूर रचना प्रस्तुत की। सीताशरण फटीचर ने भ्रष्टाचार पर व्यंग्यात्मक कविता प्रस्तुत की। इसके अलावा रामायण सिंह, रामकृष्ण सिंह, फिरोज अंसारी, मो. मुस्ताक, बबली सिंह, पंकज निराला ने भी काव्यपाठ किया।
मुख्य अतिथि भोरे विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक आचार्य विश्वनाथ बैठा ने फीता काटकर कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि कवि, शायर व साहित्यकार युगद्रष्टा होते हैं। साहित्य समाज का आईना होता है। समाज को नई दिशा देने में रचनाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य राजकुमार सिंह ने कहा कि आज दुर्गा पूजा के मौके पर आर्केस्ट्रा जैसे अश्लील कार्यक्रमों का बढ़ता चलन समाज के लिए घातक है। इसे रोकने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। प्रो. रविंद्र यादव ने भोजपुरी की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ. बाबूलाल सिंह ने कहा कि आज हमारी पुरातन संस्कृति व सभ्यता को बचाए रखने की जरूरत है।
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संयोजक शिक्षक व साहित्यकार रविंद्र सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुखिया रमेश सिंह, काशीनाथ सिंह, दिनेश सिंह उर्फ मामा, चंद्रमा सिंह, धनंजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापपुर। फुलवरिया प्रखंड के जटहां चौराहा पर दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में रविवार की रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें रचनाकारों ने अपनी रचनाएं सुनाकर जलवा बिखेरा। कवि व शायर मकसूद अहमद भोपतपुरी ने अपनी रचना...आदमी से आदमी को प्यार होना चाहिए, दिल में छिपे रावण का संहार होना चाहिए...प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी।
फुलवरिया थानाध्यक्ष अब्दुल मजीद ने बेटियों की महत्ता को रेखांकित करते हुए अपनी रचना प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। परमानंद परदेशी ने देशप्रेम से भरपूर रचना प्रस्तुत की। सीताशरण फटीचर ने भ्रष्टाचार पर व्यंग्यात्मक कविता प्रस्तुत की। इसके अलावा रामायण सिंह, रामकृष्ण सिंह, फिरोज अंसारी, मो. मुस्ताक, बबली सिंह, पंकज निराला ने भी काव्यपाठ किया।
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मुख्य अतिथि भोरे विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक आचार्य विश्वनाथ बैठा ने फीता काटकर कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि कवि, शायर व साहित्यकार युगद्रष्टा होते हैं। साहित्य समाज का आईना होता है। समाज को नई दिशा देने में रचनाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य राजकुमार सिंह ने कहा कि आज दुर्गा पूजा के मौके पर आर्केस्ट्रा जैसे अश्लील कार्यक्रमों का बढ़ता चलन समाज के लिए घातक है। इसे रोकने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। प्रो. रविंद्र यादव ने भोजपुरी की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ. बाबूलाल सिंह ने कहा कि आज हमारी पुरातन संस्कृति व सभ्यता को बचाए रखने की जरूरत है।
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संयोजक शिक्षक व साहित्यकार रविंद्र सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुखिया रमेश सिंह, काशीनाथ सिंह, दिनेश सिंह उर्फ मामा, चंद्रमा सिंह, धनंजय सिंह आदि मौजूद रहे।