{"_id":"62eab5ba29aef14d5f2ef346","slug":"rasoia-demanded-salary-deoria-news-gkp445938538","type":"story","status":"publish","title_hn":"बकाया मानदेय के लिए रसोइयों ने भरी हुंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बकाया मानदेय के लिए रसोइयों ने भरी हुंकार
विज्ञापन
मानदेय के लिए रसोइयां संघ ने रुद्रपुर में भरी हुंकार।
- फोटो : DEORIA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बकाया मानदेय के लिए रसोइयों ने भरी हुंकार
12 माह मानदेय दिलाने के लिए सीएम को भेजा पत्रक
रुद्रपुर। बकाया मानदेय के भुगतान के लिए रसोइयों ने बुधवार को हुंकार भरी। बीआरसी में बैठक के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक भेजा। मानदेय नहीं मिलने पर जिला मुख्यालय पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष संगीता यादव ने कहा कि जिले के परिषदीय स्कूलों में पूरे मनोयोग से रसोइया नियमित कार्य कर रही हैं। भोजन बनाने के अलावा सफाई कार्य भी करती हैं। बावजूद इसके, रसोइयों को समय से मानदेय नहीं मिल रहा है। रसोइयों के परिवार में त्योहार फीके पड़ जा रहे हैं। पांच माह से मानदेय नहीं मिलने से वे आर्थिक तंगी से गुजर रही हैं।
ब्लाक अध्यक्ष संजू सोनकर ने कहा कि विद्यालय में कार्य कर रहीं रसोइयों की नियुक्ति पर विचार करने की जरूरत है। पाल्यों के स्कूल से जाने के बाद भी उन्हें स्कूल में कार्य करने का मौका मिलना चाहिए। 11 महीने कार्य करने वाली रसोइयों को दस माह का मानदेय मिल रहा है। संविधान में तय न्यूनतम वेतनमान का अनुपालन करते हुए रसोइयों को वर्ष 2005 से अवशेष मानदेय दिया जाए। उन्होंने कहा कि हर ब्लाक में बैठक कर अपने हक के लिए रसोइयों को जागरूक किया जा रहा है। रसोइयों की मांग पूरी नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर सुरेंद्र नाथ, गुलाब निषाद, कौशल्या देवी, चंदा, इसरावती देवी, सवारी देवी, राधिका, साधना, राजदेई आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
12 माह मानदेय दिलाने के लिए सीएम को भेजा पत्रक
रुद्रपुर। बकाया मानदेय के भुगतान के लिए रसोइयों ने बुधवार को हुंकार भरी। बीआरसी में बैठक के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक भेजा। मानदेय नहीं मिलने पर जिला मुख्यालय पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष संगीता यादव ने कहा कि जिले के परिषदीय स्कूलों में पूरे मनोयोग से रसोइया नियमित कार्य कर रही हैं। भोजन बनाने के अलावा सफाई कार्य भी करती हैं। बावजूद इसके, रसोइयों को समय से मानदेय नहीं मिल रहा है। रसोइयों के परिवार में त्योहार फीके पड़ जा रहे हैं। पांच माह से मानदेय नहीं मिलने से वे आर्थिक तंगी से गुजर रही हैं।
विज्ञापन
ब्लाक अध्यक्ष संजू सोनकर ने कहा कि विद्यालय में कार्य कर रहीं रसोइयों की नियुक्ति पर विचार करने की जरूरत है। पाल्यों के स्कूल से जाने के बाद भी उन्हें स्कूल में कार्य करने का मौका मिलना चाहिए। 11 महीने कार्य करने वाली रसोइयों को दस माह का मानदेय मिल रहा है। संविधान में तय न्यूनतम वेतनमान का अनुपालन करते हुए रसोइयों को वर्ष 2005 से अवशेष मानदेय दिया जाए। उन्होंने कहा कि हर ब्लाक में बैठक कर अपने हक के लिए रसोइयों को जागरूक किया जा रहा है। रसोइयों की मांग पूरी नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर सुरेंद्र नाथ, गुलाब निषाद, कौशल्या देवी, चंदा, इसरावती देवी, सवारी देवी, राधिका, साधना, राजदेई आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन