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तय तिथि पर भी नहीं ‘पलटी गई’ रामअवध की फाइल
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तय तिथि पर भी नहीं ‘पलटी गई’ रामअवध की फाइल
अब सात दिसंबर को होगी सुनवाई, डीएम के आदेश के बाद भी मिल रही तारीख पर तारीख
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। राजस्व अभिलेख में मार दिए गए डाला के रामअवध की फाइल में तारीख पर तारीख लग रही है। बृहस्पतिवार को उनकी फाइल तय तिथि में लिस्टेड होने के बाद भी नहीं ‘पलटी गई’। तहसीलदार कोर्ट में नायब तहसीलदार कोर्ट की फाइलों में लंबी तिथि लगा दी गई। अब रामअवध के केस की सुनवाई की अगली तिथि 07 दिसंबर तय की गई है।
अपने जिंदा होने का सबूत लेकर तीन साल से तहसील का चक्कर काट रहे रामअवध की उम्र बढ़ने के साथ ही न्याय की आस धूमिल होती जा रही है। करीब 80 वर्ष के बुजुर्ग को राजस्व विभाग के कर्मियों को मिलाकर पट्टीदारों ने आठ साल पहले कागज में मार दिया। अपनी पैत्रिक जमीन पर मृतक रामअवध के वारिस के तौर पर पट्टीदारों का नाम दर्ज कर दिया गया। असली वारिश पत्नी और बेटे को नजरअंदाज कर दिया गया। ललितपुर जिले में रोजी रोटी कमा रहे रामअवध तीन साल पहले अपने पैत्रिक गांव पहुुंचे तो उन्हें कागज में मृत होने की खबर लगी। तभी उन्होंने कोर्ट में केस डाल दिया। अब न्यायालय का चक्कर काट रहे हैं। 16 जुलाई के अंक में पहली बार ‘अमर उजाला’ में ‘साहब, सच कह रहा हूं-मैं जिंदा हूं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद आला अधिकारियों ने मामले को जल्दी निस्तारित करने का निर्देश दिया हैं। लेकिन अब तक मामला निस्तारित नहीं हो सका। रामअवध के अधिवक्ता आनंद सिंह ने कहा कि नायब तहसीलदार कोर्ट की फाइलों को तहसीलदार देख रहे हैं। उन्होंने इस कोर्ट की फाइलों की सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार का दिन निर्धारित किया है।
..तो एसडीएम की भी नहीं सुनते मातहत
रामअवध के मामले में एसडीएम ने हर कार्य दिवस पर सुनवाई करने का निर्देश दिया है। इसके बाद भी तहसीलदार ने 18 नवंबर को अपनी कोर्ट में दो तीन फाइल सुनकर उठ गए। उन्होंने नायब तहसीलदार की कोर्ट की फाइल को हाथ तक नहीं लगाया। रामअवध की फाइल में सात दिसंबर की तारीख लगा दी गई है। तहसीलदार अभय राज ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों के कारण न्यायालय का कार्य प्रभावित हो रहा है। रामअवध के मामले का अलग से सुनवाई की जाएगी।
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रामअवध को जल्द मिलेगा न्याय: राज्यमंत्री
राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने बृहस्पतिवार को ‘अमर उजाला’ की खबर का संज्ञान लेकर तहसीलदार से रामअवध प्रकरण पर बात की। उन्होंने कहा कि कागज में मृत हो चुके रामअवध को तत्काल न्याय दिलाने को कहा गया है। तहसीलदार ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है। राज्यमंत्री ने कहा, राम अवध को जल्द न्याय मिलेगा।
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अब सात दिसंबर को होगी सुनवाई, डीएम के आदेश के बाद भी मिल रही तारीख पर तारीख
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। राजस्व अभिलेख में मार दिए गए डाला के रामअवध की फाइल में तारीख पर तारीख लग रही है। बृहस्पतिवार को उनकी फाइल तय तिथि में लिस्टेड होने के बाद भी नहीं ‘पलटी गई’। तहसीलदार कोर्ट में नायब तहसीलदार कोर्ट की फाइलों में लंबी तिथि लगा दी गई। अब रामअवध के केस की सुनवाई की अगली तिथि 07 दिसंबर तय की गई है।
अपने जिंदा होने का सबूत लेकर तीन साल से तहसील का चक्कर काट रहे रामअवध की उम्र बढ़ने के साथ ही न्याय की आस धूमिल होती जा रही है। करीब 80 वर्ष के बुजुर्ग को राजस्व विभाग के कर्मियों को मिलाकर पट्टीदारों ने आठ साल पहले कागज में मार दिया। अपनी पैत्रिक जमीन पर मृतक रामअवध के वारिस के तौर पर पट्टीदारों का नाम दर्ज कर दिया गया। असली वारिश पत्नी और बेटे को नजरअंदाज कर दिया गया। ललितपुर जिले में रोजी रोटी कमा रहे रामअवध तीन साल पहले अपने पैत्रिक गांव पहुुंचे तो उन्हें कागज में मृत होने की खबर लगी। तभी उन्होंने कोर्ट में केस डाल दिया। अब न्यायालय का चक्कर काट रहे हैं। 16 जुलाई के अंक में पहली बार ‘अमर उजाला’ में ‘साहब, सच कह रहा हूं-मैं जिंदा हूं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद आला अधिकारियों ने मामले को जल्दी निस्तारित करने का निर्देश दिया हैं। लेकिन अब तक मामला निस्तारित नहीं हो सका। रामअवध के अधिवक्ता आनंद सिंह ने कहा कि नायब तहसीलदार कोर्ट की फाइलों को तहसीलदार देख रहे हैं। उन्होंने इस कोर्ट की फाइलों की सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार का दिन निर्धारित किया है।
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..तो एसडीएम की भी नहीं सुनते मातहत
रामअवध के मामले में एसडीएम ने हर कार्य दिवस पर सुनवाई करने का निर्देश दिया है। इसके बाद भी तहसीलदार ने 18 नवंबर को अपनी कोर्ट में दो तीन फाइल सुनकर उठ गए। उन्होंने नायब तहसीलदार की कोर्ट की फाइल को हाथ तक नहीं लगाया। रामअवध की फाइल में सात दिसंबर की तारीख लगा दी गई है। तहसीलदार अभय राज ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों के कारण न्यायालय का कार्य प्रभावित हो रहा है। रामअवध के मामले का अलग से सुनवाई की जाएगी।
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रामअवध को जल्द मिलेगा न्याय: राज्यमंत्री
राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने बृहस्पतिवार को ‘अमर उजाला’ की खबर का संज्ञान लेकर तहसीलदार से रामअवध प्रकरण पर बात की। उन्होंने कहा कि कागज में मृत हो चुके रामअवध को तत्काल न्याय दिलाने को कहा गया है। तहसीलदार ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है। राज्यमंत्री ने कहा, राम अवध को जल्द न्याय मिलेगा।