जुलूस के रास्ते को लेकर बवाल, लाठीचार्ज
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जुलूस में शामिल घोड़ा और डीजे को पड़री बाजार गांव के भीतर से ले जाने को लेकर बबाल हो गया। विरोध करने वालों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं।
इसमें पांच महिलाओं और एक शिक्षक समेत चौदह लोग घायल हो गए। गुस्साए लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
घटना के विरोध में भरथुआ चौराहे पर जाम लगाने पर पुलिस ने दोबारा लाठी चार्ज कर लोगों को खदेड़ा। तनाव को देखते हुए एएसपी गांव में देर शाम तक मौजूद रहे।
खुखुन्दू के पड़री बाजार गांव के एक धार्मिक स्थल से सुबह 11 बजे ईद मिलादुन्नवी का जुलूस निकल रहा था। गांव के भीतर से घोड़ा और डीजे ले जाने पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई।
लोगों का कहना था कि पहली बार जुलूस में घोड़ा और डीजे शामिल किया गया है। पुलिस की मौजूदगी में दूसरा पक्ष रजामंद हो गया। लेकिन घोड़ा ले जाने पर दूसरे पक्ष ने विरोध किया।
इस पर पुलिस ने सख्त तेवर अपना लिया। विरोध करने वालों पर पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। पुलिस की पिटाई से गांव निवासी और बीआरडीबीडी पीजी कॉलेज बरहज के शिक्षक डॉ. अरविंद पांडेय का सिर फट गया।
गांववालों का आरोप है कि पुलिस ने घर के भीतर घुसकर लाठियां बरसाईं।
इसमें रामरती देवी समेत पांच महिलाएं और रूद्रेश, अभिषेक, प्रिंस, ललन पांडेय, अजीत, छांगुर, श्यामबाबू, रमाशंकर, अमन पांडेय घायल हो गए। घायल महिलाओं का इलाज सीएचसी पर कराया गया।
लाठी चार्ज के एक घंटे बाद एएसपी एनके सिंह, सीओ नीतिन कुमार सिंह और कई थाने की फोर्स पड़री बाजार गांव में पहुंच गई। घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों के लोग भी पहुंच गए और पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाया।
पुलिस अधिकारियों से नेताओं की नोंकझोक हुई। लोगों ने खुखुन्दू एसओ को सस्पेंड करने की मांग की और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
घटना के विरोध में लोगों ने भरथुआ चौराहे पर सलेमपुर-देवरिया मार्ग जाम कर दिया। लेकिन पुलिस ने सख्त तेवर अपनाकर दोबारा लाठी चार्ज कर दिया।
इससे भगदड़ मच गई। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।