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Deoria News: न संकेतांक लगाए न बैरिकेडिंग, कहीं भी हो सकता है लापरवाही का हादसा
Wed, 06 Mar 2024 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 06 Mar 2024 12:03 AM IST
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पुलिस लाइंस, मेडिकल कॉलेज व सदर रेलवे स्टेशन पर चल रहा है निर्माण कार्य
पुलिस लाइंस के पास बने नालों के ऊपर स्लैब न लगने से हादसे की आशंका
गोरखपुर में घटी घटना के बाद भी सुरक्षा मानकों की हो रही जमकर अनदेखी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सदर रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण, मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है। पुलिस लाइंस में चहारदीवारी और आवास बन रहा है, जबकि नाले का निर्माण कार्य भी अंतिम दौर में है। जहां कार्य पूरा हो गया है, वहां इस पर स्लैब नहीं लगाया गया है। लेकिन इन जगहों पर सुरक्षा मानकों का ख्याल जिम्मेदारों की ओर से नहीं किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर कई जगहों पर बैरिकेडिंग और संकेतांक के अभाव से खतरे की आशंका है।
गोरखपुर में पैडलेगंज-नौसड़ हाईवे पर बन रहे फ्लाईओवर के किनारे नाले के निर्माण के दौरान ढांचा गिरने के तीन मार्च को 10 मजदूर घायल हो गए थे। घटना के बाद से ही जिले में भी जिन जगहों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, उनकी पड़ताल की गई तो जिम्मेदारों की लापरवाही खुलकर सामने आई।
पुलिस लाइंस के पास बने नाले के ऊपर कुछ जगहों पर ही स्लैब दिखा, जबकि अधिकांश जगहों पर नाला खुला ही छोड़ दिया गया है। कई जगहों पर जगह-जगह निकला सरिया और गिट्टियां छोड़ देने से हादसे का खतरा बना रहता है। इससे वाहन चालकों को यहां से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अगर वह वाहन में ब्रेक न लगाएं तो उनका गिरना तय है।
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ट्राॅमा सेंटर के निर्माण वाली जगह पर नहीं दिखा संकेतक
मंगलवार की दोपहर 12:45 बजे देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में बन रहे ट्राॅमा सेंटर के पास कहीं संकेतक लगा नहीं दिखा। प्रशासनिक भवन जाने वाले मुख्य पर ही गिट्टियां बिखरीं पड़ी थीं। इससे मरीजों के साथ ही जूनियर डॉक्टरों का भी आना-जाना हो रहा था। सबसे बड़ी समस्या बाइक वालों को हुई, क्योंकि गिट्टी देखते हुए उन्हें ब्रेक लगाने को मजबूर होना पड़ा।
पुलिस लाइंस के पास बने नाले पर नहीं दिखा स्लैब
दोपहर 1:15 बजे। पिछले साल से ही पुलिस लाइंस के पास सड़क के बगल से ही नाला और चहारदीवारी के साथ ही आवासीय भवन का भी निर्माण कार्य चल रहा है। पुलिस लाइंस गेट तक नाला निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ जगहों पर स्लैब अब तक नहीं लगाया गया है। जबकि इसके बगल से ही सड़क गुजर रही है और हर दिन यहां हजारों लोगों का आना-जाना होता है। कई जगह स्लैब बनकर तैयार दिखे, लेकिन नाले पर स्लैब कब तक पड़ेगा, यह बताने वाला कोई नहीं है। ऐसे में राहगीरों को इधर जान जोखिम में डालकर गुजरना मजबूरी है।
दोपहर 2 बजे रेलवे स्टेशन परिसर। सदर रेलवे स्टेशन परिसर के नवीनीकरण व मॉडल स्टेशन बनाने का कार्य चल रहा है। हर रोज यहां हजारों यात्री आते हैं। लेकिन जहां निर्माण कार्य चल रहा है, कुछ जगहों की बैरिकेडिंग अवश्य दिखी, लेकिन संकेतक नहीं लगा था। इससे बाइक वाले व अन्य यात्री आराम से इस ओर से आते-जाते दिखे। कुछ लोग खोदी गई मिट्टी के ऊपर से भी गुजरते हुए दिखे।
स्पीकअप
बोले राहगीर
मेडिकल कॉलेज में निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर ही गिट्टी छोड़ दी जा रही है। इससे जो लोग वाहन लेकर आ रहे हैं, उन्हें बहुत संभल कर चलना पड़ रहा है। निर्माण एजेंसी की ओर से कहीं संकेतक तक नहीं लगाया गया है।
-राकेश सिंह
जहां भी निर्माण कार्य हो रहे हैं, इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कई जगहों पर लापरवाही दिखती है। पुलिस लाइंस की चहारदीवारी के बगल में नाला निर्माण हो गया है तो इसमें स्लैब कहीं दिखता है तो कहीं लगाया ही नहीं गया है।
-मनीष त्रिपाठी
ट्राॅमा सेंटर का निमार्ण कार्य जहां हो रहा है, वहां कटरैन से बैरिकेडिंग की गई है। संकेतक लगाने के लिए निर्माण एजेंसी को कहा जाएगा। मरीजों व डॉक्टरों के गुजरने वाले रास्ते पर गिट्टी, बालू न फैले इसके लिए संबंधित को निर्देश दिए जाएंगे।
-डॉ. एके मिश्रा, सीएमएस
रेलवे स्टेशन के बाहर व अंदर नवीनीकरण कार्य चल रहा है। इससे यात्री सुविधाओं में वृद्धि होगी। परिसर में जहां निर्माण हो रहा है, वहां की बैरिकेडिंग की गई है।
-एम अंसारी, रेलवे स्टेशन अधीक्षक
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पुलिस लाइंस के पास बने नालों के ऊपर स्लैब न लगने से हादसे की आशंका
गोरखपुर में घटी घटना के बाद भी सुरक्षा मानकों की हो रही जमकर अनदेखी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सदर रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण, मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है। पुलिस लाइंस में चहारदीवारी और आवास बन रहा है, जबकि नाले का निर्माण कार्य भी अंतिम दौर में है। जहां कार्य पूरा हो गया है, वहां इस पर स्लैब नहीं लगाया गया है। लेकिन इन जगहों पर सुरक्षा मानकों का ख्याल जिम्मेदारों की ओर से नहीं किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर कई जगहों पर बैरिकेडिंग और संकेतांक के अभाव से खतरे की आशंका है।
गोरखपुर में पैडलेगंज-नौसड़ हाईवे पर बन रहे फ्लाईओवर के किनारे नाले के निर्माण के दौरान ढांचा गिरने के तीन मार्च को 10 मजदूर घायल हो गए थे। घटना के बाद से ही जिले में भी जिन जगहों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, उनकी पड़ताल की गई तो जिम्मेदारों की लापरवाही खुलकर सामने आई।
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पुलिस लाइंस के पास बने नाले के ऊपर कुछ जगहों पर ही स्लैब दिखा, जबकि अधिकांश जगहों पर नाला खुला ही छोड़ दिया गया है। कई जगहों पर जगह-जगह निकला सरिया और गिट्टियां छोड़ देने से हादसे का खतरा बना रहता है। इससे वाहन चालकों को यहां से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अगर वह वाहन में ब्रेक न लगाएं तो उनका गिरना तय है।
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ट्राॅमा सेंटर के निर्माण वाली जगह पर नहीं दिखा संकेतक
मंगलवार की दोपहर 12:45 बजे देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में बन रहे ट्राॅमा सेंटर के पास कहीं संकेतक लगा नहीं दिखा। प्रशासनिक भवन जाने वाले मुख्य पर ही गिट्टियां बिखरीं पड़ी थीं। इससे मरीजों के साथ ही जूनियर डॉक्टरों का भी आना-जाना हो रहा था। सबसे बड़ी समस्या बाइक वालों को हुई, क्योंकि गिट्टी देखते हुए उन्हें ब्रेक लगाने को मजबूर होना पड़ा।
पुलिस लाइंस के पास बने नाले पर नहीं दिखा स्लैब
दोपहर 1:15 बजे। पिछले साल से ही पुलिस लाइंस के पास सड़क के बगल से ही नाला और चहारदीवारी के साथ ही आवासीय भवन का भी निर्माण कार्य चल रहा है। पुलिस लाइंस गेट तक नाला निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ जगहों पर स्लैब अब तक नहीं लगाया गया है। जबकि इसके बगल से ही सड़क गुजर रही है और हर दिन यहां हजारों लोगों का आना-जाना होता है। कई जगह स्लैब बनकर तैयार दिखे, लेकिन नाले पर स्लैब कब तक पड़ेगा, यह बताने वाला कोई नहीं है। ऐसे में राहगीरों को इधर जान जोखिम में डालकर गुजरना मजबूरी है।
दोपहर 2 बजे रेलवे स्टेशन परिसर। सदर रेलवे स्टेशन परिसर के नवीनीकरण व मॉडल स्टेशन बनाने का कार्य चल रहा है। हर रोज यहां हजारों यात्री आते हैं। लेकिन जहां निर्माण कार्य चल रहा है, कुछ जगहों की बैरिकेडिंग अवश्य दिखी, लेकिन संकेतक नहीं लगा था। इससे बाइक वाले व अन्य यात्री आराम से इस ओर से आते-जाते दिखे। कुछ लोग खोदी गई मिट्टी के ऊपर से भी गुजरते हुए दिखे।
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बोले राहगीर
मेडिकल कॉलेज में निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर ही गिट्टी छोड़ दी जा रही है। इससे जो लोग वाहन लेकर आ रहे हैं, उन्हें बहुत संभल कर चलना पड़ रहा है। निर्माण एजेंसी की ओर से कहीं संकेतक तक नहीं लगाया गया है।
-राकेश सिंह
जहां भी निर्माण कार्य हो रहे हैं, इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कई जगहों पर लापरवाही दिखती है। पुलिस लाइंस की चहारदीवारी के बगल में नाला निर्माण हो गया है तो इसमें स्लैब कहीं दिखता है तो कहीं लगाया ही नहीं गया है।
-मनीष त्रिपाठी
ट्राॅमा सेंटर का निमार्ण कार्य जहां हो रहा है, वहां कटरैन से बैरिकेडिंग की गई है। संकेतक लगाने के लिए निर्माण एजेंसी को कहा जाएगा। मरीजों व डॉक्टरों के गुजरने वाले रास्ते पर गिट्टी, बालू न फैले इसके लिए संबंधित को निर्देश दिए जाएंगे।
-डॉ. एके मिश्रा, सीएमएस
रेलवे स्टेशन के बाहर व अंदर नवीनीकरण कार्य चल रहा है। इससे यात्री सुविधाओं में वृद्धि होगी। परिसर में जहां निर्माण हो रहा है, वहां की बैरिकेडिंग की गई है।
-एम अंसारी, रेलवे स्टेशन अधीक्षक