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लोकसभा चुनाव : बेड़े से हटीं 38 बसें, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
Tue, 16 Apr 2024 02:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 16 Apr 2024 02:26 AM IST
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ड्यूटी में रोडवेज के बसो के जाने केबाद रोडवेज परिसर में परेशान दिखे यात्री।संवाद
....फोटो समाचार
देवरिया डिपो में निगम के पास बची केवल 29 बसें, जल्द 18 और बसों के जाने की उम्मीद
अनुबंधित बसों के सहारे पूरी हो रही यात्रा, देरी से आने से इंतजार करना बन रही मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के लिए देवरिया डिपो की कुल 38 बसें चुनावी ड्यूटी में लगाई गई हैं। बसों के बेड़े से बाहर निकल जाने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में उन्हें परिसर में खड़े होकर गंतव्य तक जाने के लिए एक से दो घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। अनुबंधित बसों के रूट पर रहने से वापस आने से डेढ़ से दो घंटे लग जा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को कड़ी धूप में परिसर में खड़े होकर वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
देवरिया डिपो के पास वर्तमान में परिवहन निगम की फ्लीट में कुल 70 और अनुबंधित कुल 128 बसें हैं। निगम की 70 बसों में एक क्षेत्रीय कार्यालय में मरम्मत के लिए गई है। दो जनरथ हैं। इनमें से चुनाव के लिए पहले 29 फरवरी को दो बसें व 31 मार्च को दो बसें केंद्रीय रिजर्व बल के भ्रमण के लिए पुलिस लाइंस में दे दी गई थीं। 14 अप्रैल को प्रथम चरण के मतदान के लिए होमगार्ड्स को ले जाने के लिए 11 बसें पुलिस लाइंस में और 11 बसों को कुशीनगर में होमगार्ड्स को ले जाने के लिए तथा नौ बसों को सोमवार को पुलिस लाइंस में भेज दिया गया।
अब ये सारी बसें 40 दिन बाद ही बेड़े में वापस होंगी। ऐसे में इतने लंबे दिन तक तक रोडवेज यात्रियों की सांसत होनी तय है। सोमवार को ही रोडवेज परिसर में लोकल रूटों पर जाने के लिए निगम की बसें दिखी ही नहीं, केवल अनुबंधित बसों के भरोसे ही संचालन होता दिखा।
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रोडवेज बसों के संचालन व्यवस्था से जुड़े दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि सोमवार तक निगम की कुल 38 बसें चुनावी ड्यूटी में लगा दी गईं। ये 40 दिन के लिए गई हैं। शेष बची 29 बसों में एक क्षेत्रीय कार्यशाला में खड़ी है जो कुछ माह पूर्व बरेली में आगजनी का शिकार हो गई थी। दो जनरथ हैं। शेष बचीं बसों में से सोमवार को एक बस को दिल्ली, लखनऊ रूट पर चार, कानपुर रूट पर पांच, एक वाराणसी तथा आठ लोकल रूटों पर चलाई गईं।
स्पीकअप
रूट पर बसों का कम हो जाना यात्रियों के लिए कष्टदायक है। समय से बसें नहीं मिलने पर अब इंतजार के घंटे बढ़ जाएंगे। जिम्मेदारों को कुछ वैकल्पिक इंतजाम करना चाहिए, ताकि यात्रियों को समस्या न हो।
-दीपक बरनवाल, भटनी
निगम की बसें सोमवार को कम दिखीं, सड़कों पर केवल अनुबंधित बसों का ही संचालन हुआ। इससे लार, भटनी, भागलपुर, बरहज जाने वाले यात्रियों, छात्र-छात्राओं को खड़े होकर बसों में यात्रा करनी पड़ी।
-विशाल गुप्ता, लार
कोट
परिवहन निगम की कुल 38 बसें लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण में होने वाले मतदान के लिए सुरक्षा बलों को ले जाने की ड्यूटी में लगा दी गई हैं। सोमवार को ही नौ बसें रवाना हुईं। जिला निर्वाचन आयोग की ओर से अन्य बसों की मांग की जाती है, तो उसे भी उपलब्ध कराया जाएगा। लोकल रूटों पर संचालन व्यवस्था अनुबंधित बसों के सहारे रहेगी।
-राकेश पति त्रिपाठी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी देवरिया डिपो
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देवरिया डिपो में निगम के पास बची केवल 29 बसें, जल्द 18 और बसों के जाने की उम्मीद
अनुबंधित बसों के सहारे पूरी हो रही यात्रा, देरी से आने से इंतजार करना बन रही मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के लिए देवरिया डिपो की कुल 38 बसें चुनावी ड्यूटी में लगाई गई हैं। बसों के बेड़े से बाहर निकल जाने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में उन्हें परिसर में खड़े होकर गंतव्य तक जाने के लिए एक से दो घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। अनुबंधित बसों के रूट पर रहने से वापस आने से डेढ़ से दो घंटे लग जा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को कड़ी धूप में परिसर में खड़े होकर वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
देवरिया डिपो के पास वर्तमान में परिवहन निगम की फ्लीट में कुल 70 और अनुबंधित कुल 128 बसें हैं। निगम की 70 बसों में एक क्षेत्रीय कार्यालय में मरम्मत के लिए गई है। दो जनरथ हैं। इनमें से चुनाव के लिए पहले 29 फरवरी को दो बसें व 31 मार्च को दो बसें केंद्रीय रिजर्व बल के भ्रमण के लिए पुलिस लाइंस में दे दी गई थीं। 14 अप्रैल को प्रथम चरण के मतदान के लिए होमगार्ड्स को ले जाने के लिए 11 बसें पुलिस लाइंस में और 11 बसों को कुशीनगर में होमगार्ड्स को ले जाने के लिए तथा नौ बसों को सोमवार को पुलिस लाइंस में भेज दिया गया।
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अब ये सारी बसें 40 दिन बाद ही बेड़े में वापस होंगी। ऐसे में इतने लंबे दिन तक तक रोडवेज यात्रियों की सांसत होनी तय है। सोमवार को ही रोडवेज परिसर में लोकल रूटों पर जाने के लिए निगम की बसें दिखी ही नहीं, केवल अनुबंधित बसों के भरोसे ही संचालन होता दिखा।
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रोडवेज बसों के संचालन व्यवस्था से जुड़े दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि सोमवार तक निगम की कुल 38 बसें चुनावी ड्यूटी में लगा दी गईं। ये 40 दिन के लिए गई हैं। शेष बची 29 बसों में एक क्षेत्रीय कार्यशाला में खड़ी है जो कुछ माह पूर्व बरेली में आगजनी का शिकार हो गई थी। दो जनरथ हैं। शेष बचीं बसों में से सोमवार को एक बस को दिल्ली, लखनऊ रूट पर चार, कानपुर रूट पर पांच, एक वाराणसी तथा आठ लोकल रूटों पर चलाई गईं।
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रूट पर बसों का कम हो जाना यात्रियों के लिए कष्टदायक है। समय से बसें नहीं मिलने पर अब इंतजार के घंटे बढ़ जाएंगे। जिम्मेदारों को कुछ वैकल्पिक इंतजाम करना चाहिए, ताकि यात्रियों को समस्या न हो।
-दीपक बरनवाल, भटनी
निगम की बसें सोमवार को कम दिखीं, सड़कों पर केवल अनुबंधित बसों का ही संचालन हुआ। इससे लार, भटनी, भागलपुर, बरहज जाने वाले यात्रियों, छात्र-छात्राओं को खड़े होकर बसों में यात्रा करनी पड़ी।
-विशाल गुप्ता, लार
कोट
परिवहन निगम की कुल 38 बसें लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण में होने वाले मतदान के लिए सुरक्षा बलों को ले जाने की ड्यूटी में लगा दी गई हैं। सोमवार को ही नौ बसें रवाना हुईं। जिला निर्वाचन आयोग की ओर से अन्य बसों की मांग की जाती है, तो उसे भी उपलब्ध कराया जाएगा। लोकल रूटों पर संचालन व्यवस्था अनुबंधित बसों के सहारे रहेगी।
-राकेश पति त्रिपाठी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी देवरिया डिपो