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आपदा को अवसर में डाक विभाग ने बदला

Tue, 13 Oct 2020 11:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2020 11:36 PM IST
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postal department turns disaster in to opportunity
आपदा को अवसर में डाक विभाग ने बदला
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देवरिया। ‘आपदा को अवसर में बदलें’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए गए बयान को देवरिया के डाक विभाग ने पूरी तरह से चरितार्थ कर दिया है। लॉकडाउन के दौरान विभाग ने जहां लोगों के आर्थिक जरूरतों को पूरा करने का काम किया, वहीं आपदा के इस बेहतर अवसर को भुनाते हुए अपने खाताधारकों की संख्या में भी इजाफा कर लिया।
डाक विभाग ने अपने खाताधारकों का ख्याल रखते हुए दूसरे बैंक के एक लाख से अधिक खाताधारकों को 29.37 करोड़ रुपये पहुंचाए भी है। वहीं आपदा में बेहतर सेवा मिलने से निहाल 98667 नए लोग डाक विभाग के खाताधारक बन गए।
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चिट्ठी पाती की सेवा दे रहे डाक विभाग ने सितंबर 2018 में बैंकिंग क्षेत्र में कदम रखा। डाकियों को माइक्रो एटीएम के जरिए खाता खोलने व जमा-निकासी के लिए प्रशिक्षित कर सितंबर 2019 में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की सुविधा शुरू की। लॉकडाउन के पहले सात माह में 25333 खाते खोले गए थे। चहीं 25 मार्च से लॉकडाउन होने के बाद जब सभी बैंकों में खाता खोलने व लेनदेन की प्रक्रिया प्रभावित हो गई तब डाक विभाग ने आपदा को अवसर में बदलते हुए अपने खाताधारकों की संख्या 1.24 लाख तक पहुंचा दी। यहीं नहीं लॉकडाउन के दौरान सरकार की ओर से दी गई कोरोना राहत की धनराशि 27006 गरीबों तक पहुंचाया।
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आपदा में काम आकर जीता भरोसा
लॉकडाउन में रुपये की जरूरत तो थी, लेकिन बैंक तक पहुंचने में दिक्कतों का पहाड़ था। कोई पुलिस की लाठियों से डर रहा था तो कोई बैंक में भीड़ से। शहर, बाजार के लोग एटीएम से भी रुपये की निकासी कर ले रहे थे ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग व्यवस्था लोगों को मयस्सर नहीं हो पा रही थी। ऐसे समय पर डाक विभाग ने उपभोक्ताओं समेत अन्य बैंकों के ग्राहकों को माइक्रो एटीएम के जरिए नगर निकासी की सुविधा प्रदान की। असमय साथ मिलने से डाक विभाग की सेवाओं के मुरीद हुए लोगों ने शून्य बाइलेंस पर खाते भी खुलवाए।
अनपढ़ और दिव्यांगों के लिए सुलभ है व्यवस्था
डाक विभाग की माइक्रो एटीएम की सुविधा अनपढ़, दिव्यांग, नेत्रहीन लोगों के लिए सुलभ है। यहां खाता खुलवाने से लगायत जमा-निकासी तक कहीं पेपर की जरूरत नहीं पड़ती सारा काम डाकिया मोबाइल और बायोमेट्रिक मशीन के जरिए कर देता है। खाताधारकों को रुपये निकासी के समय स्थानीय भाषा में वाइस के माध्यम से रकम की जानकारी मिल जाती है। इससे अनपढ़ या नेत्रहीन लोगों के साथ धोखाधड़ी की संभावना नहीं रहती।

देवरिया-कुशीनगर जिले में कुल 284 डाकघर हैं। इसमें 222 जगहों पर इंडिया पोस्ट पेमेंट्स की सुविधा शुरू है। लॉकडाउन में डाक विभाग ने अपने और दूसरे बैंक के ग्राहकों को भी बेहतर सेवा दी है। हमारा प्रयास है सभी गरीब मजदूरों को अपने साथ जोड़ने की है। ताकि उन्हें हजार पांच सौ रुपये के लिए बैंकों में लाइन नहीं लगाना पड़े।
- पीसी यादव, डाक अधीक्षक देवरिया।
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