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सरयू का जलस्तर बढ़ने से पीपा पुल धंसा
देवरिया
Updated Mon, 17 Apr 2017 10:44 PM IST
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सरयू नदी में जलस्तर बढ़ने से पीपा पुल का पांटून खिसक गया ।
- फोटो : अमर उजाला
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बरहज। सरयू नदी पर आवागमन के लिए बना पीपा पुल नदी का जलस्तर बढ़ने से धंस गया। इससे पीपा पुल के रास्ते चार पहिया वाहनों का आवागमन बाधित हो गया है। करीब तीन फीट जलस्तर में हुई बढ़ोत्तरी से नदी के किनारे 20 एकड़ सब्जी की फसल डूब गई।
देवरिया और मऊ जनपद को जोड़ने वाले सरयू नदी पर बने पीपा पुल के रास्ते लोगों की आवाजाही होती है। दो पहिया वाहनों के साथ ही चार पहिया वाहन भी पीपा पुल से आते-जाते हैं। सोमवार की सुबह अचानक नदी के जलस्तर में वृद्धि से पुल के कुछ पांटून ऊपर की तरफ उठ गए। इससे एप्रोच मार्ग टूट गया है। दो पार्ट में बने पीपा पुल में लगे पांटूनों में से पांच पांटूनों में लीकेज होने के कारण वह धंस गए हैं।
विभागीय कर्मचारी पंपिंग सेट से पांटूनों के पानी निकाल कपड़े और सीमेंट से लीकेज भर रहे हैं। जलस्तर में वृद्धि से दियारा क्षेत्र के नई बस्ती और पुराना बरहज के किसान गोबरी सोनकर, जितेंद्र, मानिकचंद, झब्बूलाल, लालबचन, कोटल सोनकर, हंसा, सुकई, गुलाब सोनकर, राकेश चौहान, नगीना, घूरा, चौथी, मूस साहनी, बिगन आदि की 20 एकड़ सब्जी की फसल डूब गई है।
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किसानों का कहना है कि फसलों के जलमग्न होने से लाखों का नुकसान हुआ है। उपजिलाधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों को निर्देश देकर आवागमन सुचारु कराया जाएगा। रही बात किसानों के नुकसान की तो उस पर विचार किया जाएगा।
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देवरिया और मऊ जनपद को जोड़ने वाले सरयू नदी पर बने पीपा पुल के रास्ते लोगों की आवाजाही होती है। दो पहिया वाहनों के साथ ही चार पहिया वाहन भी पीपा पुल से आते-जाते हैं। सोमवार की सुबह अचानक नदी के जलस्तर में वृद्धि से पुल के कुछ पांटून ऊपर की तरफ उठ गए। इससे एप्रोच मार्ग टूट गया है। दो पार्ट में बने पीपा पुल में लगे पांटूनों में से पांच पांटूनों में लीकेज होने के कारण वह धंस गए हैं।
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विभागीय कर्मचारी पंपिंग सेट से पांटूनों के पानी निकाल कपड़े और सीमेंट से लीकेज भर रहे हैं। जलस्तर में वृद्धि से दियारा क्षेत्र के नई बस्ती और पुराना बरहज के किसान गोबरी सोनकर, जितेंद्र, मानिकचंद, झब्बूलाल, लालबचन, कोटल सोनकर, हंसा, सुकई, गुलाब सोनकर, राकेश चौहान, नगीना, घूरा, चौथी, मूस साहनी, बिगन आदि की 20 एकड़ सब्जी की फसल डूब गई है।
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किसानों का कहना है कि फसलों के जलमग्न होने से लाखों का नुकसान हुआ है। उपजिलाधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों को निर्देश देकर आवागमन सुचारु कराया जाएगा। रही बात किसानों के नुकसान की तो उस पर विचार किया जाएगा।