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Deoria News: बिहार के लोगों ने बढ़ाई देवरिया में जमीनों की कीमत
Mon, 19 Jan 2026 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 19 Jan 2026 11:52 PM IST
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देवरिया। धूस देवरिया चौराहे पर जमीन को लेकर मची रार के पीछे असली वजह इस इलाके में जमीनों की बढ़ती कीमत है।
बॉर्डर के नजदीक वाले कस्बों व चौराहों पर सड़कों के किनारे बिहार के गोपालगंज और सिवान जिलों के लोगों जमीन खरीदकर घर बना रहे हैं। इससे न केवल शहर बल्कि छोटे–छोटे चौराहों तक जमीन के दाम काफी बढ़ गए हैं।
पथरदेवा-बघौचघाट मार्ग समेत आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतों में तेज वृद्धि हुई हैं, जो जमीनें पांच साल पहले दो लाख रुपये कट्ठा के भाव थीं, आज उनकी कीमतें 12 से 15 लाख रुपये कट्ठा से भी अधिक हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस इलाके में खेती योग्य जमीन की मांग थी, लेकिन बाहरी खरीदारों के आने से आवासीय जमीनों की मांग में तेजी से बढ़ गई है। गोपालगंज और सिवान जिले के लोग विशेष रूप से छोटे कस्बों के किनारे जमीन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। वजह यह कि छोटे कस्बों के आसपास अभी भी जमीनें सस्ती मिल जा रही हैं।
बिहार बॉर्डर से नजदीकी, देश के बड़े शहरों से सीधी रेल व सड़क कनेक्टिविटी के अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य के संसाधन बिहार से बेहतर स्थिति में हैं। यही वजह है कि बिहार के मध्यम वर्ग के लोग इस इलाके में मकान बनाने के उद्देश्य से जमीन खरीद रहे हैं, जबकि कुछ इसे भविष्य के निवेश के रूप में देख रहे हैं।
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रियल एस्टेट के काम से जुड़े राजेंद्र सिंह के मुताबिक बिहार के खरीदारों की बढ़ती संख्या ने प्लाटिंग के चलन को भी बढ़ावा दिया है। बघौचघाट और उसके आसपास का इलाका बिहार के गोपालगंज जिले के कटेयां के नजदीक है।
उस इलाके के अधिकांश लोग यहां आकर जमीन खरीद रहे हैं।
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बॉर्डर के नजदीक वाले कस्बों व चौराहों पर सड़कों के किनारे बिहार के गोपालगंज और सिवान जिलों के लोगों जमीन खरीदकर घर बना रहे हैं। इससे न केवल शहर बल्कि छोटे–छोटे चौराहों तक जमीन के दाम काफी बढ़ गए हैं।
पथरदेवा-बघौचघाट मार्ग समेत आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतों में तेज वृद्धि हुई हैं, जो जमीनें पांच साल पहले दो लाख रुपये कट्ठा के भाव थीं, आज उनकी कीमतें 12 से 15 लाख रुपये कट्ठा से भी अधिक हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस इलाके में खेती योग्य जमीन की मांग थी, लेकिन बाहरी खरीदारों के आने से आवासीय जमीनों की मांग में तेजी से बढ़ गई है। गोपालगंज और सिवान जिले के लोग विशेष रूप से छोटे कस्बों के किनारे जमीन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। वजह यह कि छोटे कस्बों के आसपास अभी भी जमीनें सस्ती मिल जा रही हैं।
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बिहार बॉर्डर से नजदीकी, देश के बड़े शहरों से सीधी रेल व सड़क कनेक्टिविटी के अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य के संसाधन बिहार से बेहतर स्थिति में हैं। यही वजह है कि बिहार के मध्यम वर्ग के लोग इस इलाके में मकान बनाने के उद्देश्य से जमीन खरीद रहे हैं, जबकि कुछ इसे भविष्य के निवेश के रूप में देख रहे हैं।
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रियल एस्टेट के काम से जुड़े राजेंद्र सिंह के मुताबिक बिहार के खरीदारों की बढ़ती संख्या ने प्लाटिंग के चलन को भी बढ़ावा दिया है। बघौचघाट और उसके आसपास का इलाका बिहार के गोपालगंज जिले के कटेयां के नजदीक है।
उस इलाके के अधिकांश लोग यहां आकर जमीन खरीद रहे हैं।