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Deoria News: भदिला प्रथम गांव में रिश्तेदारी जोड़ने से कतराते हैं लोग

Wed, 24 Sep 2025 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Wed, 24 Sep 2025 12:20 AM IST
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People in Bhadila Pratham village are reluctant to establish relationships.
बाढ़ के पानी से ​घिरा भदिला प्रथम गांव 
बारिश में टापू बन जाता है गांव, जान जोखिम में डाल नाव से आवागमन करने पर मजबूर हैं लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। गोरखपुर और देवरिया जनपद के सीमा पर बसा भदिला प्रथम गांव बरसात के मौसम में चारों ओर से राप्ती के पानी से घिर जाने के कारण टॉपू बन जाता है। लोग जान जोखिम में डाल नाव से आवागमन करने पर मजबूर रहते हैं। गांव में आने-जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। जिससे बाहर के लोग रिश्तेदारी जोड़ने से कतराते हैं। ग्रामीणों के अनुसार छोटा पुल बनने से जहां रास्ता आसान होगा, वहीं गांव के विकास को पंख लगेंगे।
ग्राम पंचायत भदिला प्रथम की आबादी करीब 4000 है। यहां सभी जाति-धर्म के लोग निवास करते हैं। गांव में जाने के लिए रास्ता न होने के कारण बारिश तो दूर अन्य मौसमों में भी लोग किसी तरह खेत की लीक आदि के रास्ते आवागमन करते हैं। इस गांव में आने-जाने के लिए गोरखपुर जनपद से होकर आवागमन करना पड़ता है। राप्ती नदी तट पर गांव के बसा हुआ है। गांव के सोनेलाल यादव, विंध्यवासिनी देवी, विनय यादव आदि का कहना है कि राप्ती के उफनाने और गांव के टॉपू बन जाने पर स्थानीय अधिकारियों के अलावा लखनऊ-दिल्ली की टीमों की आवाजाही बढ़ जाती है। लगता है कि रातों रात गांव की तस्वीर बदल जायेगी। लेकिन नदी के पीछे हटते ही अधिकारियों के आने-जाने का क्रम बंद हो जाता है और गांव का विकास ठंडे बस्ते में चला जाता है। रास्ता न होने से जाड़ा-गर्मी के मौसम में तो किसी तरह आवाजाही होती है। लेकिन बरसात के मौसम में बाढ़ के समय पढ़ने वाले स्कूली छात्रों, नौकरीपेशा और दिहाड़ी मजदूरों को परेशानी काफी बढ़ जाती है। लोग जान जाेखिम में डालकर नाव के जरिये आवागमन करते हैं। कभी-कभी नाव के पलटने जैसी दुर्घटनाओं से भी दो-चार होना पड़ा है। समुचित प्रबंध न होने से गांव के लिए खेत की लीक और नाव ही सहारा है।
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इंसेट में........
2020 में केंद्र सरकार की टीम ने किया था गांव का दौरा, जाना था हाल
बरहज। नौ सितंबर 2020 को भारत सरकार की केंद्रीय जांच टीम ने अधिकारियों के साथ भदिला प्रथम गांव का दौरा किया था। जहां टीम के सदस्यों ने गांव के लोगों का हाल जाना था। ग्रामीणों ने रास्ता के लिए छोटा पुल बनवाने की मांग किया था। लेकिन आश्वासन कोरा साबित हो रहा है।
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ज्वाइंट सेक्रेटरी रमेश गंटा की टीम तत्कालीन डीएम अमित किशोर और एसडीएम सुनील कुमार सिंह के साथ भदिला गांव पहुंचे थे। जहां 105 वर्षीय वृद्ध किसान राजमंगल यादव ने बारिश और बाढ़ के कहर को रुला देने वाला बताया था। 1998 में गांव की स्थिति और भी दयनीय हो गई थी। दिल्ली की टीम ने शैलेष कुमार, आरबी कौल, बीसी शर्मा, डॉ.मानसिंह, अभिलाष कुमार शामिल थे। नाव से उतरने के बाद प्राथमिक विद्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी ई-रिक्शा से गये हुए थे। टीम के सदस्यों ने शासन को रिपोर्ट प्रेषित करने का आश्वासन देते हुए सवर्णा धान की रोपाई करने के लिए प्रेरित किया था।
इंसेट में.......
300 मीटर लंबा पुल बनने पर आसान होगी राह
बरहज। भदिला प्रथम गांव की आबादी करीब चार हजार है। गर्मी के दिनों में एक ओर से नदी के छाड़न के रास्ते आवाजाही होती है। लेकिन बरसात के मौसम में चारों ओर से पानी से घिर जाने के कारण रास्ता दूभर हो जाता है। ग्रामीणों ने 300 मीटर लंबा पुल बनाने की मांग किया था। ग्रामीणों की मांग पर भाजपा नेता रजनीश उपाध्याय ने 24 जुलाई 2019 को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य को पत्र लिखा था। जिस पर 14 अगस्त 2019 को विभाग की ओर से सर्वे कराया गया था। 3516.00 लाख की लागत से 300 मीटर लंबे पुल की अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इसको लेकर लोगों में मायूसी है।
स्पीक अप-

चार हजार की आबादी वाले गांव में कोई मूलभूत सुविधा नहीं है। बाढ़ के समय अधिकारियों का तांता लग जाता है। लोग फोटो आदि खिंचवाते हैं। जख्म पर मरहम लगाने की कोशिश भी करते हैं। लेकिन बाढ़ हटते ही आश्वासन धरा का धरा रह जाता है। आवागमन के लिए पुल का होना जरुरी है।

दुर्गावती देवी ग्रामीण, भदिला प्रथम
बरसात के समय गांव टॉपू बन जाता है। बाकी समय एक तरफ नदी के छांड़न के रास्ते आवागमन करना मजबूरी रहता है। गांव के लिए रास्ता न होने के कारण नात-रिश्तेदार भी आने से कतराते हैं। सुविधा न होने के कारण लोग गांव में रिश्ता बनाना मुनासिब नहीं समझते हैं।
अमरनाथ यादव ग्रामीण, भदिला प्रथम
कोट-
बाढ़ के समय आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था करा दिया गया है। रही बात पुल के मांग की, तो उच्चाधिकारियों से अवगत कराकर कोई उचित हल निकाला जायेगा।
विपिन कुमार द्विवेदी एसडीएम, बरहज
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