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मेडिकल कॉलेज में बढ़े सर्दी-जुकाम के मरीज
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जिला अस्पताल के रजिस्ट्रेशन कक्ष पर पर्ची कटाने के लिए लगी लम्बी कतार। संवाद
- फोटो : DEORIA
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मेडिकल कॉलेज में बढ़े सर्दी-जुकाम के मरीज
ठंड के बीच पर्ची काउंटर पर लगी थी लंबी कतार
सांस, अस्थमा, हड्डी, नस के मरीजों की रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को सर्दी-जुकाम के मरीजों की अधिक संख्या इलाज कराने के लिए आई। अधिकतर मरीज सांस, अस्थमा, हड्डी एवं कमर में दर्द से परेशान थे। पर्ची के लिए मरीज काउंटर पर लंबी कतार लगी रही। अस्पताल गेट पर सैनिटाइजर व थर्मल स्कैनर का सिर्फ कोरम पूरा करते देखा गया। यहीं नहीं मरीज डॉक्टर से इलाज कराने के चक्कर में आपस में धक्का-मुक्की करते रहे। कुछ लोग मास्क तो लगाए थे, लेकिन चिकित्सक के कहने के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की अनदेखी करते रहे।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में सोमवार की सुबह ठंड के चलते कम मरीज आए, लेकिन दिन चढ़ने के साथ 11 बजे सर्द हवा के बीच पर्ची काउंटर पर लंबी कतार लग गई। यहां दोपहर बाद डेढ़ बजे तक 1331 लोगों ने इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। ओपीडी में चिकित्सक व जूनियर डॉक्टर समय से मौजूद थे। धीरे-धीरे ओपीडी में 11:30 बजे तक मरीजों की भीड़ बढ़ गई। फिजीशियन कक्ष में मरीजों की अधिक भीड़ देखी गई। यहां कतार व बाहर बेंच पर बैठकर लोग बारी का इंतजार कर रहे थे। असिस्टेंट प्रो. डॉ. सिराजुद्दीन, एसआर, एसआर डॉ. गौरव सिंह, डॉ. जियाउल हक, जेआर डॉ. अंकिता के यहां 110 मरीजों ने इलाज कराया। चिकित्सक दूूरी बनाकर मरीजों को देख रहे थे। सर्दी, जुकाम के अधिक मरीज रहे। इसके अलावा बीपी, शुगर, सिर, पेट दर्द सहित अन्य बीमारी के मरीज रहे। इसमें संभावित लक्षण दिखने पर करीब 35 लोगों को जांच के लिए भेजा गया। सर्जन कक्ष 11:25 बजे तक मरीजों से भर गया। बाहर कर एक-एक करीब 70 मरीजों का प्रो. डॉ. मानवेंद्र ने इलाज किया। चेस्ट विभाग में दोपहर 12 बजे तक मरीजों की भीड़ बढ़ गई। डॉ. डीके सिंह, जेआर डॉ. प्रशांत, डॉ. रंजन कुमार ने सांस, अस्थमा, सर्दी, जुकाम के करीब 42 मरीजों का इलाज किया। इनमें पांच लोगों को कोविड जांच के लिए भेजा। साइक्रेटी कक्ष में एसआर डॉ. अंबु पांडेय व जेआर डॉ. गुंजन ने दिन के एक बजे तक करीब 17 मानसिक रोग से पीड़ित मरीजों का इलाज किया। नाक, कान, गला कक्ष में कान, गला में दर्द के 51 मरीजों का डॉ. महेंद्र प्रसाद व डॉ. निकिता ने इलाज किया। चर्म रोग कक्ष में स्कैबीज, फंगल इंफेक्शन, छाई आदि के मरीजों की दोपहर बाद एक बजे तक लाइन लगी थी। डॉ. अजीत पाल, जेआर डॉ. शुभम सिंह ने 79 मरीजों का इलाज किया। हड्डी रोग विभाग में सुबह 11 बजे से लंबी कतार रही। चिकित्सक पीएन कन्नौजिया, एसआर डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कमर, दर्द, घुटना दर्द, नस व हड्डी रोग के करीब 135 मरीजों का इलाज किया। बाल रोग विभाग में सुबह 12 बजे तक सन्नाटा था। इसके बाद मरीज बढ़े। एसोसिएट प्रो. डॉ. विनीत जायसवाल व एसआर डॉ. नागेंद्र जायसवाल ने 36 मरीजों का इलाज किया। दंत विभाग में डॉ. अजीज खान, जेआर डॉ. सौरभ व डॉ. तूलिका ने 35 मरीजों का इलाज किया।
इंजेक्शन लगवाने के लिए धक्का-मुक्की
मेडिकल कॉलेज में रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए लोग धक्का-मुक्की करते देखे गए। दोपहर 12:30 बजे तक 80 लोगों को इंजेक्शन लगा था, इसके बाद भी 60 से अधिक लोग इंतजार करते रहे। कई लोग तो जुगाड़ लगाकर देर से आए पहले इंजेक्शन लगवाकर चले गए। इसी चक्कर में मरीज जल्दीबाजी के चक्कर में धक्का-मुक्की करने लगे।
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कोविड हेल्प डेस्क पर बैठा रहा कर्मी
देवरिया। अस्पताल आने वाले लोगों के लिए गेट पर कोविड हेल्प डेस्क बनाई गई थी। यहां एक कर्मी सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर लेकर बैठा था। वह कुछ-कुछ देर पर जो पास आता था, उसकी ही जांच कर रहा था।
चिकित्सक कक्ष में नहीं लगी है प्लास्टिक सीट
देवरिया। चिकित्सक कक्ष में कोविड से बचाव के लिए मरीजों से दूूरी बनाने के लिए प्लास्टिक की पारदर्शी सीट लगाने के निर्देश है, लेकिन अब तक नहीं लगी है। चिकित्सक कक्ष में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सख्त दिखे, लेकिन बाहर लोग मानने को तैयार नहीं थे। ऐसे में अस्पताल में पॉजिटिव व्यक्ति के पहुंचने पर संक्रमण फैलने में देर नहीं लगेगी।
कोट
जिला अस्पताल में कोविड प्रोटोकाल का पालन करने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं। गेट पर सैनिटाइजर व थर्मल स्कैनर की व्यवस्था की गई है। चिकित्सक भी मास्क लगाने तथा सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए मरीजों से कह रहे हैं। चिकित्सक कक्ष में जल्द प्लास्टिक सीट लग जाएगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, चिकित्सक अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ
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ठंड के बीच पर्ची काउंटर पर लगी थी लंबी कतार
सांस, अस्थमा, हड्डी, नस के मरीजों की रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को सर्दी-जुकाम के मरीजों की अधिक संख्या इलाज कराने के लिए आई। अधिकतर मरीज सांस, अस्थमा, हड्डी एवं कमर में दर्द से परेशान थे। पर्ची के लिए मरीज काउंटर पर लंबी कतार लगी रही। अस्पताल गेट पर सैनिटाइजर व थर्मल स्कैनर का सिर्फ कोरम पूरा करते देखा गया। यहीं नहीं मरीज डॉक्टर से इलाज कराने के चक्कर में आपस में धक्का-मुक्की करते रहे। कुछ लोग मास्क तो लगाए थे, लेकिन चिकित्सक के कहने के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की अनदेखी करते रहे।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में सोमवार की सुबह ठंड के चलते कम मरीज आए, लेकिन दिन चढ़ने के साथ 11 बजे सर्द हवा के बीच पर्ची काउंटर पर लंबी कतार लग गई। यहां दोपहर बाद डेढ़ बजे तक 1331 लोगों ने इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। ओपीडी में चिकित्सक व जूनियर डॉक्टर समय से मौजूद थे। धीरे-धीरे ओपीडी में 11:30 बजे तक मरीजों की भीड़ बढ़ गई। फिजीशियन कक्ष में मरीजों की अधिक भीड़ देखी गई। यहां कतार व बाहर बेंच पर बैठकर लोग बारी का इंतजार कर रहे थे। असिस्टेंट प्रो. डॉ. सिराजुद्दीन, एसआर, एसआर डॉ. गौरव सिंह, डॉ. जियाउल हक, जेआर डॉ. अंकिता के यहां 110 मरीजों ने इलाज कराया। चिकित्सक दूूरी बनाकर मरीजों को देख रहे थे। सर्दी, जुकाम के अधिक मरीज रहे। इसके अलावा बीपी, शुगर, सिर, पेट दर्द सहित अन्य बीमारी के मरीज रहे। इसमें संभावित लक्षण दिखने पर करीब 35 लोगों को जांच के लिए भेजा गया। सर्जन कक्ष 11:25 बजे तक मरीजों से भर गया। बाहर कर एक-एक करीब 70 मरीजों का प्रो. डॉ. मानवेंद्र ने इलाज किया। चेस्ट विभाग में दोपहर 12 बजे तक मरीजों की भीड़ बढ़ गई। डॉ. डीके सिंह, जेआर डॉ. प्रशांत, डॉ. रंजन कुमार ने सांस, अस्थमा, सर्दी, जुकाम के करीब 42 मरीजों का इलाज किया। इनमें पांच लोगों को कोविड जांच के लिए भेजा। साइक्रेटी कक्ष में एसआर डॉ. अंबु पांडेय व जेआर डॉ. गुंजन ने दिन के एक बजे तक करीब 17 मानसिक रोग से पीड़ित मरीजों का इलाज किया। नाक, कान, गला कक्ष में कान, गला में दर्द के 51 मरीजों का डॉ. महेंद्र प्रसाद व डॉ. निकिता ने इलाज किया। चर्म रोग कक्ष में स्कैबीज, फंगल इंफेक्शन, छाई आदि के मरीजों की दोपहर बाद एक बजे तक लाइन लगी थी। डॉ. अजीत पाल, जेआर डॉ. शुभम सिंह ने 79 मरीजों का इलाज किया। हड्डी रोग विभाग में सुबह 11 बजे से लंबी कतार रही। चिकित्सक पीएन कन्नौजिया, एसआर डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कमर, दर्द, घुटना दर्द, नस व हड्डी रोग के करीब 135 मरीजों का इलाज किया। बाल रोग विभाग में सुबह 12 बजे तक सन्नाटा था। इसके बाद मरीज बढ़े। एसोसिएट प्रो. डॉ. विनीत जायसवाल व एसआर डॉ. नागेंद्र जायसवाल ने 36 मरीजों का इलाज किया। दंत विभाग में डॉ. अजीज खान, जेआर डॉ. सौरभ व डॉ. तूलिका ने 35 मरीजों का इलाज किया।
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इंजेक्शन लगवाने के लिए धक्का-मुक्की
मेडिकल कॉलेज में रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए लोग धक्का-मुक्की करते देखे गए। दोपहर 12:30 बजे तक 80 लोगों को इंजेक्शन लगा था, इसके बाद भी 60 से अधिक लोग इंतजार करते रहे। कई लोग तो जुगाड़ लगाकर देर से आए पहले इंजेक्शन लगवाकर चले गए। इसी चक्कर में मरीज जल्दीबाजी के चक्कर में धक्का-मुक्की करने लगे।
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कोविड हेल्प डेस्क पर बैठा रहा कर्मी
देवरिया। अस्पताल आने वाले लोगों के लिए गेट पर कोविड हेल्प डेस्क बनाई गई थी। यहां एक कर्मी सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर लेकर बैठा था। वह कुछ-कुछ देर पर जो पास आता था, उसकी ही जांच कर रहा था।
चिकित्सक कक्ष में नहीं लगी है प्लास्टिक सीट
देवरिया। चिकित्सक कक्ष में कोविड से बचाव के लिए मरीजों से दूूरी बनाने के लिए प्लास्टिक की पारदर्शी सीट लगाने के निर्देश है, लेकिन अब तक नहीं लगी है। चिकित्सक कक्ष में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सख्त दिखे, लेकिन बाहर लोग मानने को तैयार नहीं थे। ऐसे में अस्पताल में पॉजिटिव व्यक्ति के पहुंचने पर संक्रमण फैलने में देर नहीं लगेगी।
कोट
जिला अस्पताल में कोविड प्रोटोकाल का पालन करने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं। गेट पर सैनिटाइजर व थर्मल स्कैनर की व्यवस्था की गई है। चिकित्सक भी मास्क लगाने तथा सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए मरीजों से कह रहे हैं। चिकित्सक कक्ष में जल्द प्लास्टिक सीट लग जाएगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, चिकित्सक अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ