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Deoria News: ठंड से अस्पताल में बढ़े मरीज, दवाओं की भी किल्लत
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मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में बच्चों के इलाज के लिए कतार में खड़े तीमारदार ।संवाद
- फोटो : DEORIA
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ठंड से अस्पताल में बढ़े मरीज, दवाओं की भी किल्लत
सर्दी, जुकाम, बीपी, सास के मरीजों की अधिक रही संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ठंड बढ़ने के साथ ही लोग बीमार पड़ने लगे हैं। इसकी वजह से मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इनमें सर्दी, जुकाम, बीपी व सांस रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक है।
इसका असर व्यवस्था पर साफ देखा जा सकता है। इलाज के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा रहा है। मरीजों व तीमारदारों को स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में कुछ दवाओं की कमी के चलते मरीजों को दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ीं। पारा गिर रहा है। इसमें मौसम में थोड़ी सी लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
मंगलवार को 1,827 मरीज इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचे। सुबह नौ बजे के बाद ओपीडी के मेडिसिन विभाग में मरीजों की भीड़ काफी बढ़ गई। लंबी लाइन में खड़े होकर लोगों को तकरीबन दो से तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। इसमें बुखार, शरीर दर्द, सर्दी, जुकाम, सास, बीपी अधिक मरीज रहे। वहीं, लकवा के करीब दस मरीज पहुंचे। इनमें से दो मरीजों को भर्ती किया गया।
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चिकित्सक डॉ. विजय कुमार गुप्ता, एसआर डॉ. मनीष, जेआर डॉ. उद्भव मिश्रा ने तकरीबन 364 मरीजों का इलाज किया।
एमसीएच विंग स्थित बाल रोग विभाग में भी अंदर से बाहर बच्चों को लेकर तीमारदार भरे पड़े थे। कतार में खड़े लोगों को देर तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। अधिकतर बच्चे निमोनिया, बुखार, सांस के रोग से पीड़ित थे। अस्पताल में मरीजों के बैठने की समुचित व्यवस्था न होने से उन्हें दुश्वारियां उठानी पड़ीं। यहां ओपीडी का दो बजे का समय समाप्त होने के बाद भी मरीजों की लंबी कतार रही।
चिकित्सक डॉ. एचके मिश्रा ने करीब दो सौ बच्चों का इलाज किया। गंभीर रूप से बीमार पांच मरीज को भर्ती किया गया, जबकि अन्य को दवा दी गई। अस्पताल में कुछ दवा न होने के कारण बाहर से खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही के कारण बच्चे और बड़े बीमार पड़ रहे हैं। उन्हें ठंड से बचने की जरूरत है।
इन दवाओं की है कमी
अस्पताल में मरीजों को सभी दवाएं नहीं उपलब्ध हो पा रही हैं। इस समय सांस की बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए ट्राइमाकार्ट इंजेक्शन, मांटेलुकास्ट, गैस का इंजेक्शन, शरीर दर्द की दवा की कमी है। इसे लोगों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है।
ये बरतें सावधानी
ब्लड प्रेशर के मरीज नियमित दवा लें
बीपी की जांच कराते रहें, सिर में दर्द, चक्कर आने पर चिकित्सक से संपर्क करें
नमक, तेल, मसाला का सेवन कम करें
सामान्य लोग भी सावधानी बरतें
गर्म कपड़ा, टोपी, मोजा पहनें
ठंड को लेकर बच्चों पर विशेष ध्यान दें
कोट
अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। ठंड से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। इनके इलाज की पूरी सुविधा है। जिन दवाओं की कमी है, वे जल्द उपलब्ध हो जाएंगी। ठंड में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
-डॉ. एचके मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक
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सर्दी, जुकाम, बीपी, सास के मरीजों की अधिक रही संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ठंड बढ़ने के साथ ही लोग बीमार पड़ने लगे हैं। इसकी वजह से मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इनमें सर्दी, जुकाम, बीपी व सांस रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक है।
इसका असर व्यवस्था पर साफ देखा जा सकता है। इलाज के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा रहा है। मरीजों व तीमारदारों को स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में कुछ दवाओं की कमी के चलते मरीजों को दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ीं। पारा गिर रहा है। इसमें मौसम में थोड़ी सी लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
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मंगलवार को 1,827 मरीज इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचे। सुबह नौ बजे के बाद ओपीडी के मेडिसिन विभाग में मरीजों की भीड़ काफी बढ़ गई। लंबी लाइन में खड़े होकर लोगों को तकरीबन दो से तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। इसमें बुखार, शरीर दर्द, सर्दी, जुकाम, सास, बीपी अधिक मरीज रहे। वहीं, लकवा के करीब दस मरीज पहुंचे। इनमें से दो मरीजों को भर्ती किया गया।
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चिकित्सक डॉ. विजय कुमार गुप्ता, एसआर डॉ. मनीष, जेआर डॉ. उद्भव मिश्रा ने तकरीबन 364 मरीजों का इलाज किया।
एमसीएच विंग स्थित बाल रोग विभाग में भी अंदर से बाहर बच्चों को लेकर तीमारदार भरे पड़े थे। कतार में खड़े लोगों को देर तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। अधिकतर बच्चे निमोनिया, बुखार, सांस के रोग से पीड़ित थे। अस्पताल में मरीजों के बैठने की समुचित व्यवस्था न होने से उन्हें दुश्वारियां उठानी पड़ीं। यहां ओपीडी का दो बजे का समय समाप्त होने के बाद भी मरीजों की लंबी कतार रही।
चिकित्सक डॉ. एचके मिश्रा ने करीब दो सौ बच्चों का इलाज किया। गंभीर रूप से बीमार पांच मरीज को भर्ती किया गया, जबकि अन्य को दवा दी गई। अस्पताल में कुछ दवा न होने के कारण बाहर से खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही के कारण बच्चे और बड़े बीमार पड़ रहे हैं। उन्हें ठंड से बचने की जरूरत है।
इन दवाओं की है कमी
अस्पताल में मरीजों को सभी दवाएं नहीं उपलब्ध हो पा रही हैं। इस समय सांस की बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए ट्राइमाकार्ट इंजेक्शन, मांटेलुकास्ट, गैस का इंजेक्शन, शरीर दर्द की दवा की कमी है। इसे लोगों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है।
ये बरतें सावधानी
ब्लड प्रेशर के मरीज नियमित दवा लें
बीपी की जांच कराते रहें, सिर में दर्द, चक्कर आने पर चिकित्सक से संपर्क करें
नमक, तेल, मसाला का सेवन कम करें
सामान्य लोग भी सावधानी बरतें
गर्म कपड़ा, टोपी, मोजा पहनें
ठंड को लेकर बच्चों पर विशेष ध्यान दें
कोट
अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। ठंड से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। इनके इलाज की पूरी सुविधा है। जिन दवाओं की कमी है, वे जल्द उपलब्ध हो जाएंगी। ठंड में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
-डॉ. एचके मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक