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आधी अधूरी तैयारियों के बीच 15 से शुरू होगी धान की खरीद
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आधी अधूरी तैयारियों के बीच 15 से शुरू होगी धान की खरीद
देवरिया। आधी अधूरी तैयारियों के बीच 15 अक्तूबर से धान की खरीद जिले में शुरू होने जा रही है। धान की खरीद शुरू होने से पहले सरकार द्वारा की जाने वाली तैयारियां अभी पूरी नहीं है। वहीं धान क्रय केंद्रों के चयन की अंतिम प्रक्रिया भी अधूरी है। क्रय एजेंसी यूपीएसएस के क्रय केंद्रों को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।
धान क्रय केंद्र के लिए सरकार द्वारा मंडी परिषद समेत अन्य को इस बार मौका दिया जा रहा है। शासन द्वारा जारी नई क्रय नीति के तहत इस बार धान मिलों के चयन का अधिकार अब डीएम की जगह संभागीय खाद्य नियंत्रक को दिया गया है। धान खरीद के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई धान खरीद नीति के तहत खरीद शुरू होने से पहले ही प्रस्तावित 93 धान खरीद केंद्रों में से यूपीएसएस के 10 केंद्रों को क्रय केंद्रों की सूची से बाहर कर दिया गया था। जिन्हें दोबारा क्रय केंद्र बनाने के निर्देश शासन से मिले, लेकिन खराब वित्तीय स्थिति के कारण अभी भी यह मामला अधर में है। 15 अक्तूबर से 28 फरवरी तक होने वाली धान खरीद के लिए जनपद में अभी तक 93 धान खरीद केंद्र बनाए गए हैं।
इस बार धान का समर्थन मूल्य 1868 कामन और 1888 ए ग्रेड प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। नए नियमों के तहत इस बार मंडी परिषद स्वयं भी किसानों से धान की खरीद करेगा। इसके अलावा मंडी परिषद मंडी समिति के बाहर के केंद्रों को इस बार नि:शुल्क कांटा मुहैया नहीं कराएगा। बाहरी केंद्रों से किराया लेकर कांटा केंद्रों को मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए शासन ने किराये के रेट भी निर्धारित कर दिए हैं। मंडी परिषद द्वारा इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, पैडी विनोईंग फैन, छलना आदि आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की गई है।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव ने बताया कि धान खरीद की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रथम चरण में 93 केंद्र बनाए गए हैं। जबकि कुछ अन्य केंद्रों के बनाए जाने की प्रक्रिया जारी है। किसानों को धान खरीद में किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए नए केंद्र खोले जाने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। धान मिलों के चयन का प्रस्ताव तैयार कर जल्द आरएफसी कार्यालय भेजा गया है। मिलों से क्रय केंद्रों को संबद्ध करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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देवरिया। आधी अधूरी तैयारियों के बीच 15 अक्तूबर से धान की खरीद जिले में शुरू होने जा रही है। धान की खरीद शुरू होने से पहले सरकार द्वारा की जाने वाली तैयारियां अभी पूरी नहीं है। वहीं धान क्रय केंद्रों के चयन की अंतिम प्रक्रिया भी अधूरी है। क्रय एजेंसी यूपीएसएस के क्रय केंद्रों को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।
धान क्रय केंद्र के लिए सरकार द्वारा मंडी परिषद समेत अन्य को इस बार मौका दिया जा रहा है। शासन द्वारा जारी नई क्रय नीति के तहत इस बार धान मिलों के चयन का अधिकार अब डीएम की जगह संभागीय खाद्य नियंत्रक को दिया गया है। धान खरीद के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई धान खरीद नीति के तहत खरीद शुरू होने से पहले ही प्रस्तावित 93 धान खरीद केंद्रों में से यूपीएसएस के 10 केंद्रों को क्रय केंद्रों की सूची से बाहर कर दिया गया था। जिन्हें दोबारा क्रय केंद्र बनाने के निर्देश शासन से मिले, लेकिन खराब वित्तीय स्थिति के कारण अभी भी यह मामला अधर में है। 15 अक्तूबर से 28 फरवरी तक होने वाली धान खरीद के लिए जनपद में अभी तक 93 धान खरीद केंद्र बनाए गए हैं।
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इस बार धान का समर्थन मूल्य 1868 कामन और 1888 ए ग्रेड प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। नए नियमों के तहत इस बार मंडी परिषद स्वयं भी किसानों से धान की खरीद करेगा। इसके अलावा मंडी परिषद मंडी समिति के बाहर के केंद्रों को इस बार नि:शुल्क कांटा मुहैया नहीं कराएगा। बाहरी केंद्रों से किराया लेकर कांटा केंद्रों को मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए शासन ने किराये के रेट भी निर्धारित कर दिए हैं। मंडी परिषद द्वारा इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, पैडी विनोईंग फैन, छलना आदि आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की गई है।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव ने बताया कि धान खरीद की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रथम चरण में 93 केंद्र बनाए गए हैं। जबकि कुछ अन्य केंद्रों के बनाए जाने की प्रक्रिया जारी है। किसानों को धान खरीद में किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए नए केंद्र खोले जाने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। धान मिलों के चयन का प्रस्ताव तैयार कर जल्द आरएफसी कार्यालय भेजा गया है। मिलों से क्रय केंद्रों को संबद्ध करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।