{"_id":"67881547a6eaf7e3de0e621c","slug":"opposition-to-land-acquisition-demonstration-held-in-collectorate-administration-accused-of-negligence-deoria-news-c-208-1-deo1004-144896-2025-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: भूमि अधिग्रहण का विरोध, कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: भूमि अधिग्रहण का विरोध, कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
Thu, 16 Jan 2025 01:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 16 Jan 2025 01:36 AM IST
विज्ञापन
देवरिया/सोनूघाट। महायोजना 2031 के तहत भूमि अधिग्रहण मामले में प्रशासनिक उदासीनता से नाराज परसिया अहिर के ग्रामीणों ने बुधवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। परिसर में ग्रामीणों ने धरना भी दिया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात की। डीएम ने आश्वासन दिया कि अभी आप अपनी जमीन पर खेतीबारी करें, इसमें किसी प्रकार की रोकटोक नहीं की जाएगी। इसके बाद ग्रामीण वापस लौट गए।
जिले में महायोजना 2031 लागू है। इसके तहत पार्क, खेल का मैदान, औद्योगिक प्लांट लगाने के लिए जमीन का चिह्नांकन करते हुए कई गांवों को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है। इसमें परसिया अहिर भी शामिल है। नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र की तरफ से कार्यालय पर इसे चस्पा भी कर दिया गया है। साथ ही नक्शा पास किया जा रहा है। परसिया अहिर में एक साथ तीन पार्क, खेल मैदान व औद्योगिक प्लांट के नाम पर 200 एकड़ की भूमि आरक्षित करने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। बुधवार को ग्रामीण प्रधान फणींद्र नाथ तिवारी उर्फ रिंकू तिवारी के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में सबसे पहले ब्लाक पर पहुंचे। वहां से वह प्रदर्शन करते हुए सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीण महायोजना 2031 वापस लेेने का नारा लगा रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि चाहे कुछ भी हो जाय, गांव की एक इंच जमीन किसी कीमत पर नहीं दी जाएगी। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधान के नेतृत्व में डीएम दिव्या मित्तल से मिला। धरना, प्रदर्शन में अमरनाथ तिवारी, सरोज नाथ तिवारी, हरेराम तिवारी, धनंजय तिवारी, यदुंवश मिश्र, संदीप तिवारी, गिरीश तिवारी, सत्यनारायण यादव, ब्रजेद्र मिश्र, अखिलेश्वर मिश्र, धनेश्वर मिश्र, अजय तिवारी, योगेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
45 मिनट हुई वार्ता, नहीं बनी बात
डीएम से दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की करीब 45 मिनट तक वार्ता हुई, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक डीएम ने वार्ता के क्रम में कहा कि आप लोग खेतीबारी कीजिए। जमीन जब किसी दूसरे को बैनामा करें तो स्टांप पर आरक्षित शब्द का जरूर उल्लेख करें। वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आपकी समस्या रखी जाएगी। अगर वहां से कोई निर्देश प्राप्त होता है तो आपको अवगत करा दिया जाएगा। बैनामा के दौरान आरक्षित लिखने की बात पर प्रतिनिधिमंडल में शामिल कई सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल में अखिलेश मिश्रा उर्फ गामा, यदुवंश मिश्रा, रामप्यारे तिवारी, अमरनाथ तिवारी, फणीश मिश्र, धनंजय तिवारी, संतोष गुप्ता, सत्यनारायण व जयनारायण यादव, सर्वेश नाथ तिवारी शामिल रहे।
विज्ञापन
प्रदर्शन की सूचना पर अलर्ट थी पुलिस
परसिया अहिर गांव के ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना पर जिला प्रशासन पहले ही अलर्ट था। सुबह से गांव के ब्लाक गेट पर सीओ संजय कुमार रेड्डी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। उनके साथ जेल चौकी इंचार्ज विपिन यादव सहित भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद दिखा। जैसे ही ग्रामीणों का हुजूम ब्लाक से आगे निकला। उसकी अगुवाई सीओ खुद करने लगे। पुलिस की निगरानी में ग्रामीण पहुंचे।
तीन दर्जन किसान हो जाएंगे भूमिहीन
देवरिया/सोनूघाट। परसिया अहिर गांव में करीब 200 घर हैं। उनकी आबादी छह हजार के करीब है। गांव में पहले 1550 एकड़ भूमि थी। ब्लाक, मंडी समिति व कुष्ठाश्रम के नाम पर लगभग 450 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर निर्माण कराया जा चुका है। गांव में अब महज 900 एकड़ जमीन शेष है। इसमें महायोजना के तहत बनने वाले पार्क, खेल मैदान व औद्याेगिक प्रतिष्ठान के नाम पर 200 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है। ऐसे में महज 700 एकड़ भूमि शेष बच जाएगी।
महायोजना के तहत परसिया अहिर में तीन पार्क, खेल मैदान व औद्योगिक प्लांट लगने है। 200 एकड़ भूमि अधिग्रहित होने पर गांव के 32 किसान ऐसे हैं जो भूमिहीन हो जाएंगे। किसान युदवंश मिश्र, धनंजय तिवारी, विष्णुदयाल, सुधा मिश्र, विजय मिश्र, कमलावती देवी, लायइची देवी, मुन्ना, शंकुतला, जयकिशुन, रामकिशुन, सुभावती देवी, भुलन, मनोज, दिलीप, लाइची, मुन्ना, किशोर, पप्पू आदि की जमीन अधिग्रहित कर ली जाएगी। ऐसे उक्त किसान भूमिहीन हो जाएंगे। उनका कहना था कि चाहे कुछ भी हो जाय, गांव की एक इंच जमीन किसी कीमत पर नहीं दिया जाएगा। किसानों ने शासन व प्रशासन से इस योजना को अन्य गांव में लागू करवाने की मांग की।
ग्रामीणों ने नहीं की आपत्ति
देवरिया/सोनूघाट। महायोजना में 72 गांवों को शामिल किया गया है। जिला प्रशासन ने एक माह तक का इन गांवों के ग्रामीणों को इस पर आपत्ति देने का समय भी दिया था। परसिया अहिर को छोड़कर करीब 580 आपत्तियां जिला प्रशासन के पास आईं थीं। जिनका समय रहते हुए निस्तारण कर दिया गया। परसिया अहिर की तरफ से कोई आपत्ति नहीं आई थी। इसके चलते इस महायोजना को हरी झंडी दे दी गई। एसडीएम सदर विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि सरकार के आदेश का अनुपालन हर हाल में कराया जाएगा। जहां तक रही परसिया अहिर के ग्रामीणों के प्रदर्शन की बात तो पहले ग्रामीणों की तरफ से कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई। आज ग्रामीण सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करने को बाध्य हैं। एसडीएम सदर ने कहा कि वीसी में इस मुद्दे को रखा जाएगा। वहां से दिशा-निर्देश मिलने के बाद उसका अनुपालन भी किया जाएगा।
जमीन के बल पर ही कर्ज लेकर बेटे का कराया इलाज
परसिया अहिर के राजेश मिश्रा का पुत्र आयुष मिश्रा सड़क हादसे में हाथरस में घायल हो गया। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनका दिल्ली के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजन इसी खेत के बल पर ग्रामीणों व जमीन के व्यवसायियों से कर्ज लेकर इलाज करवाना शुरू किया। अक्टूबर से लेकर अभी तक 80 लाख रुपये इलाज में लग चुके हैं। इसमें से 60 लाख रुपये खेत के बल पर लिया था। जिस खेत के बल पर लिया था वह खेत ग्रीन जोन शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा कि जमीन बैनाम करते समय स्टांप पर आरक्षित दर्शाने से जमीन कौन लेगा।
विज्ञापन
जिले में महायोजना 2031 लागू है। इसके तहत पार्क, खेल का मैदान, औद्योगिक प्लांट लगाने के लिए जमीन का चिह्नांकन करते हुए कई गांवों को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है। इसमें परसिया अहिर भी शामिल है। नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र की तरफ से कार्यालय पर इसे चस्पा भी कर दिया गया है। साथ ही नक्शा पास किया जा रहा है। परसिया अहिर में एक साथ तीन पार्क, खेल मैदान व औद्योगिक प्लांट के नाम पर 200 एकड़ की भूमि आरक्षित करने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। बुधवार को ग्रामीण प्रधान फणींद्र नाथ तिवारी उर्फ रिंकू तिवारी के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में सबसे पहले ब्लाक पर पहुंचे। वहां से वह प्रदर्शन करते हुए सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीण महायोजना 2031 वापस लेेने का नारा लगा रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि चाहे कुछ भी हो जाय, गांव की एक इंच जमीन किसी कीमत पर नहीं दी जाएगी। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधान के नेतृत्व में डीएम दिव्या मित्तल से मिला। धरना, प्रदर्शन में अमरनाथ तिवारी, सरोज नाथ तिवारी, हरेराम तिवारी, धनंजय तिवारी, यदुंवश मिश्र, संदीप तिवारी, गिरीश तिवारी, सत्यनारायण यादव, ब्रजेद्र मिश्र, अखिलेश्वर मिश्र, धनेश्वर मिश्र, अजय तिवारी, योगेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
45 मिनट हुई वार्ता, नहीं बनी बात
डीएम से दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की करीब 45 मिनट तक वार्ता हुई, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक डीएम ने वार्ता के क्रम में कहा कि आप लोग खेतीबारी कीजिए। जमीन जब किसी दूसरे को बैनामा करें तो स्टांप पर आरक्षित शब्द का जरूर उल्लेख करें। वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आपकी समस्या रखी जाएगी। अगर वहां से कोई निर्देश प्राप्त होता है तो आपको अवगत करा दिया जाएगा। बैनामा के दौरान आरक्षित लिखने की बात पर प्रतिनिधिमंडल में शामिल कई सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल में अखिलेश मिश्रा उर्फ गामा, यदुवंश मिश्रा, रामप्यारे तिवारी, अमरनाथ तिवारी, फणीश मिश्र, धनंजय तिवारी, संतोष गुप्ता, सत्यनारायण व जयनारायण यादव, सर्वेश नाथ तिवारी शामिल रहे।
विज्ञापन
प्रदर्शन की सूचना पर अलर्ट थी पुलिस
परसिया अहिर गांव के ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना पर जिला प्रशासन पहले ही अलर्ट था। सुबह से गांव के ब्लाक गेट पर सीओ संजय कुमार रेड्डी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। उनके साथ जेल चौकी इंचार्ज विपिन यादव सहित भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद दिखा। जैसे ही ग्रामीणों का हुजूम ब्लाक से आगे निकला। उसकी अगुवाई सीओ खुद करने लगे। पुलिस की निगरानी में ग्रामीण पहुंचे।
तीन दर्जन किसान हो जाएंगे भूमिहीन
देवरिया/सोनूघाट। परसिया अहिर गांव में करीब 200 घर हैं। उनकी आबादी छह हजार के करीब है। गांव में पहले 1550 एकड़ भूमि थी। ब्लाक, मंडी समिति व कुष्ठाश्रम के नाम पर लगभग 450 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर निर्माण कराया जा चुका है। गांव में अब महज 900 एकड़ जमीन शेष है। इसमें महायोजना के तहत बनने वाले पार्क, खेल मैदान व औद्याेगिक प्रतिष्ठान के नाम पर 200 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है। ऐसे में महज 700 एकड़ भूमि शेष बच जाएगी।
महायोजना के तहत परसिया अहिर में तीन पार्क, खेल मैदान व औद्योगिक प्लांट लगने है। 200 एकड़ भूमि अधिग्रहित होने पर गांव के 32 किसान ऐसे हैं जो भूमिहीन हो जाएंगे। किसान युदवंश मिश्र, धनंजय तिवारी, विष्णुदयाल, सुधा मिश्र, विजय मिश्र, कमलावती देवी, लायइची देवी, मुन्ना, शंकुतला, जयकिशुन, रामकिशुन, सुभावती देवी, भुलन, मनोज, दिलीप, लाइची, मुन्ना, किशोर, पप्पू आदि की जमीन अधिग्रहित कर ली जाएगी। ऐसे उक्त किसान भूमिहीन हो जाएंगे। उनका कहना था कि चाहे कुछ भी हो जाय, गांव की एक इंच जमीन किसी कीमत पर नहीं दिया जाएगा। किसानों ने शासन व प्रशासन से इस योजना को अन्य गांव में लागू करवाने की मांग की।
ग्रामीणों ने नहीं की आपत्ति
देवरिया/सोनूघाट। महायोजना में 72 गांवों को शामिल किया गया है। जिला प्रशासन ने एक माह तक का इन गांवों के ग्रामीणों को इस पर आपत्ति देने का समय भी दिया था। परसिया अहिर को छोड़कर करीब 580 आपत्तियां जिला प्रशासन के पास आईं थीं। जिनका समय रहते हुए निस्तारण कर दिया गया। परसिया अहिर की तरफ से कोई आपत्ति नहीं आई थी। इसके चलते इस महायोजना को हरी झंडी दे दी गई। एसडीएम सदर विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि सरकार के आदेश का अनुपालन हर हाल में कराया जाएगा। जहां तक रही परसिया अहिर के ग्रामीणों के प्रदर्शन की बात तो पहले ग्रामीणों की तरफ से कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई। आज ग्रामीण सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करने को बाध्य हैं। एसडीएम सदर ने कहा कि वीसी में इस मुद्दे को रखा जाएगा। वहां से दिशा-निर्देश मिलने के बाद उसका अनुपालन भी किया जाएगा।
जमीन के बल पर ही कर्ज लेकर बेटे का कराया इलाज
परसिया अहिर के राजेश मिश्रा का पुत्र आयुष मिश्रा सड़क हादसे में हाथरस में घायल हो गया। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनका दिल्ली के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजन इसी खेत के बल पर ग्रामीणों व जमीन के व्यवसायियों से कर्ज लेकर इलाज करवाना शुरू किया। अक्टूबर से लेकर अभी तक 80 लाख रुपये इलाज में लग चुके हैं। इसमें से 60 लाख रुपये खेत के बल पर लिया था। जिस खेत के बल पर लिया था वह खेत ग्रीन जोन शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा कि जमीन बैनाम करते समय स्टांप पर आरक्षित दर्शाने से जमीन कौन लेगा।