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Deoria News: सुनने-बोलने की अक्षमता से कम नहीं होते अधिकार
Sat, 26 Sep 2026 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:16 AM IST
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बधिर सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बधिर एवं दिव्यांगजनों के मानवाधिकारों की रक्षा और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
वक्ताओं ने इस वर्ष की वैश्विक थीम बधिर लोगों के मानवाधिकारों की घोषणा पर विचार रखे। प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने कहा कि बधिर और दिव्यांग बच्चे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उनके प्रति सिर्फ सहानुभूति जताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें समान अधिकार और आगे बढ़ने के अवसर देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देकर उनके जीवन को अधिक सुगम बनाया जा सकता है। सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज दिव्यांग बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि सुनने और बोलने की अक्षमता किसी व्यक्ति के अधिकारों को कम नहीं करती। समाज में ऐसा वातावरण तैयार करने की जरूरत है, जहां बधिर व्यक्ति बिना भेदभाव अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें। संवाद
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वक्ताओं ने इस वर्ष की वैश्विक थीम बधिर लोगों के मानवाधिकारों की घोषणा पर विचार रखे। प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने कहा कि बधिर और दिव्यांग बच्चे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उनके प्रति सिर्फ सहानुभूति जताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें समान अधिकार और आगे बढ़ने के अवसर देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देकर उनके जीवन को अधिक सुगम बनाया जा सकता है। सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज दिव्यांग बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि सुनने और बोलने की अक्षमता किसी व्यक्ति के अधिकारों को कम नहीं करती। समाज में ऐसा वातावरण तैयार करने की जरूरत है, जहां बधिर व्यक्ति बिना भेदभाव अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें। संवाद
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