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Deoria News: समयावधि खत्म होने के बाद भी नहीं हटाए अवैध यूनीपोल
Fri, 19 Apr 2024 01:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 19 Apr 2024 01:45 AM IST
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फोटो समाचार........
राजस्व निरीक्षक व विज्ञापन लिपिक से स्पष्टीकरण
दोनों कर्मियों की लापरवाही के चलते नगर पालिका को हुआ 30 लाख रुपये का नुकसान
31 मार्च को यूनीपोल का अनुबंध समाप्त होने के बाद नहीं कराया रिन्यूवल, न दी कोई सूचना
ठेकेदार के साथ मिल नगर पालिका को क्षति पहुंचाने का आरोप
कर निर्धारण अधिकारी ने अविलंब स्पष्टीकरण का जवाब देने के लिए कहा
जवाब नहीं देने पर शासन को लिखते हुए वेतन से नुकसान की भरपाई की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका की कर निर्धारण अधिकारी ने समयावधि समाप्त होने के बाद यूनीपोल का रिन्यूवल नहीं कराने व कोई सूचना न देने के मामले में राजस्व निरीक्षक व विज्ञापन लिपिक को शो-कॉज नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण देने की बात कही।
स्पष्टीकरण नहीं देने पर शासन को लिखते हुए उनके वेतन से नगर पालिका को हुए नुकसान की भरपाई की चेतावनी दी है। साथ ही अधिशासी अभियंता को पत्र भेज सारी स्थिति स्पष्ट नहीं करने तक दोनों के वेतन पर रोक लगाने के लिए कहा है।
कर निर्धारण अधिकारी शशिकला ने राजस्व निरीक्षक विनय कुमार सिंह व विज्ञापन लिपिक नीरज शुक्ला को भेजे गए नोटिस में कहा है कि आप दोनों से यूनीपोल से संबंधित एक सप्ताह तक आवेदन मांगा गया था। लेकिन आपके स्तर से कोई सूचना नहीं दी गई। साथ ही अवैध यूनीपोल हटाने के लिए कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। यही नहीं कार्रवाई के लिए कोई कार्यक्रम भी तय नहीं किया गया। यही नहीं, कितने यूनीपोल का अनुबंध समाप्त हो गया, रिन्यूवल आया कि नहीं इस सूचना से भी मुझे अवगत नहीं कराया गया। मेरे स्तर से जांच की गई तो कई यूनीपोल अवैध पाया गया।
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कहा है कि 31 मार्च को ठेका समाप्त होने के पश्चात भी आप लोगों ने न तो यूनीपोल हटाया न ही कोई सूचना दी। ठेकेदार से मिलकर आप सभी पालिका को क्षति पहुंचा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में आपकी लापरवाही से 30 लाख रुपये का नुकसान पालिका को हुआ है। उन्होंने स्पष्टीकरण का जवाब अविलंब देने की बात कही। जवाब नहीं देने पर शासन को लिखते हुए नगर पालिका को हुए नुकसान की भरपाई उनके वेतन से कटौती कर करने की बात कही।
उन्होंने अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने तक संबंधित दोनों पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने की बात कही। कर निर्धारण अधिकारी शशिकला की इस कार्रवाई से नगर पालिका में खलबली मची है।
इस संबंध में ईओ अंकिता शुक्ला ने बताया शहर में जितने वैध यूनीपोल हैं, उनका शुल्क जमा है। जो अवैध हैं, उनकी जांच के लिए सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए मीटिंग हो चुकी है। शहर के वैसे यूनीपोल, जिससे लाइट आदि में असुविधा है या फिर उससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, उसे भी हटाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराई जाएगी।
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राजस्व निरीक्षक व विज्ञापन लिपिक से स्पष्टीकरण
दोनों कर्मियों की लापरवाही के चलते नगर पालिका को हुआ 30 लाख रुपये का नुकसान
31 मार्च को यूनीपोल का अनुबंध समाप्त होने के बाद नहीं कराया रिन्यूवल, न दी कोई सूचना
ठेकेदार के साथ मिल नगर पालिका को क्षति पहुंचाने का आरोप
कर निर्धारण अधिकारी ने अविलंब स्पष्टीकरण का जवाब देने के लिए कहा
जवाब नहीं देने पर शासन को लिखते हुए वेतन से नुकसान की भरपाई की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका की कर निर्धारण अधिकारी ने समयावधि समाप्त होने के बाद यूनीपोल का रिन्यूवल नहीं कराने व कोई सूचना न देने के मामले में राजस्व निरीक्षक व विज्ञापन लिपिक को शो-कॉज नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण देने की बात कही।
स्पष्टीकरण नहीं देने पर शासन को लिखते हुए उनके वेतन से नगर पालिका को हुए नुकसान की भरपाई की चेतावनी दी है। साथ ही अधिशासी अभियंता को पत्र भेज सारी स्थिति स्पष्ट नहीं करने तक दोनों के वेतन पर रोक लगाने के लिए कहा है।
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कर निर्धारण अधिकारी शशिकला ने राजस्व निरीक्षक विनय कुमार सिंह व विज्ञापन लिपिक नीरज शुक्ला को भेजे गए नोटिस में कहा है कि आप दोनों से यूनीपोल से संबंधित एक सप्ताह तक आवेदन मांगा गया था। लेकिन आपके स्तर से कोई सूचना नहीं दी गई। साथ ही अवैध यूनीपोल हटाने के लिए कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। यही नहीं कार्रवाई के लिए कोई कार्यक्रम भी तय नहीं किया गया। यही नहीं, कितने यूनीपोल का अनुबंध समाप्त हो गया, रिन्यूवल आया कि नहीं इस सूचना से भी मुझे अवगत नहीं कराया गया। मेरे स्तर से जांच की गई तो कई यूनीपोल अवैध पाया गया।
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कहा है कि 31 मार्च को ठेका समाप्त होने के पश्चात भी आप लोगों ने न तो यूनीपोल हटाया न ही कोई सूचना दी। ठेकेदार से मिलकर आप सभी पालिका को क्षति पहुंचा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में आपकी लापरवाही से 30 लाख रुपये का नुकसान पालिका को हुआ है। उन्होंने स्पष्टीकरण का जवाब अविलंब देने की बात कही। जवाब नहीं देने पर शासन को लिखते हुए नगर पालिका को हुए नुकसान की भरपाई उनके वेतन से कटौती कर करने की बात कही।
उन्होंने अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने तक संबंधित दोनों पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने की बात कही। कर निर्धारण अधिकारी शशिकला की इस कार्रवाई से नगर पालिका में खलबली मची है।
इस संबंध में ईओ अंकिता शुक्ला ने बताया शहर में जितने वैध यूनीपोल हैं, उनका शुल्क जमा है। जो अवैध हैं, उनकी जांच के लिए सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए मीटिंग हो चुकी है। शहर के वैसे यूनीपोल, जिससे लाइट आदि में असुविधा है या फिर उससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, उसे भी हटाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराई जाएगी।