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Deoria News: इको जांच का लाइसेंस नहीं, नहीं हो रहा पा रहा इलाज

Sun, 01 Jan 2023 11:31 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Jan 2023 11:31 PM IST
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no eco checking machine in medical college
इको जांच का लाइसेंस नहीं, नहीं हो रहा पा रहा इलाज
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केबिन तैयार, स्टोर में पड़ी है मशीन, मरीजों को बाहर करानी पड़ रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ठंड बढ़ने के साथ ही हृदय रोगी भी बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में सुविधा होने के बाद भी हृदय रोगियों की इको जांच नहीं हो पा रही है। इसमें लाइसेंस की पेंच फंस गई है, जिससे मरीजों को समुचित इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जांच बाहर से करानी पड़ती है। इसके लिए अधिक कीमत देनी पड़ती है। कुछ को महानगरों व निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज स्थापित होने पर लोगों को लगा कि अब उन्हें इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। दो साल का समय होने को है पर इको की सुविधा नहीं शुरू हो सकी है, जबकि हृदय रोगियों के इलाज के लिए व्यवस्था है। यहां डीएम कॉर्डियो डॉ. अभिषेक अग्रवाल सप्ताह में दो दिन ओपीडी में मरीजों का इलाज करते हैं। अन्य दिनों में मेडिसिन विभाग में उपचार होता है। गर्मी के मौसम में महीने में करीब तीस से चालीस मरीज आते थे, लेकिन ठंड बढ़ने से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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इन दिनों हृदय रोग व मेडिसिन की ओपीडी मिलाकर तकरीबन पैंसठ से सत्तर मरीज आ रहे हैं, जिसमें नए व पुराने मरीज शामिल होते हैं। चिकित्सक मरीजों का परीक्षण करते हैं। हार्ट में दिक्कत मिलने पर ईसीजी व एक्स-रे कराई जाती है। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने तथा अचानक सीने में दर्द, सांस फूलने, सोने में सांस फूलने, चलने में धड़कन बढ़ने व सीने में भारीपन की शिकायत पर मरीज को इको की जरूरत होती है।
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हर रोज करीब चार से पांच मरीजों को इको की जरूरत होती है, लेकिन जांच न होने से उन्हें रेफर करना पड़ता है। जबकि इको जांच मशीन स्टोर में पड़ी है। इसके बावजूद मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है। कुछ मरीज मजबूरन प्राइवेट सेंटरों से जांच कराते हैं, जहां उन्हें बारह से पंद्रह सौ रुपये तक खर्च करना पड़ता है, इससे उनपर आर्थिक बोझ पड़ता है।
जांच के लिए लेना होता है लाइसेंस
देवरिया। इको जांच शुरू करने से पहले लाइसेंस लेना आवश्यक होता है। इसके लिए सीएमओ कार्यालय में आवेदन किया गया और समिति की रिपोर्ट पर स्वीकृति भी मिल गई, लेकिन थोड़ी त्रुटि से लाइसेंस नहीं मिला। इससे जांच नहीं शुरू हो सकी है। हालांकि, ओपीडी में ईसीजी के बगल में अलग से इको जांच के लिए केबिन बन कर तैयार है।
हार्ट के मरीज बरतें सावधानी
चिकित्सकों का कहना कि ठंड में हार्ट के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए। ब्लड प्रेशर के मरीजों को नियमित दवा लेनी चाहिए। घबराहट, बेचैनी, सीने में दर्द, सीने का दर्द बाएं हाथ में बढ़ना, अचानक सांस फूलना, पसीना आना और लेटने में दिक्कत होना हार्ट में दिक्कत के लक्षण होते हैं। ऐसा होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

कोट
हृदय रोगियों के इलाज की सुविधा है। ईसीजी जांच की व्यवस्था है। इको जांच के लिए लाइसेंस आवश्यक होता है। वह मिल गया था, लेकिन कुछ त्रुटि हो गई थी। सुधार होने के बाद वह मिल जाएगा। इसके बाद मरीजों को जांच उपलब्ध होगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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